फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   NGT Seeks Reply from UP Government Over Conservation of Fatehpur Sikri Hills and Lake

UP: फतेहपुर सीकरी की पहाड़ियों और झील पर मंडराया खतरा, एनजीटी ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

Fri, 10 Jul 2026 11:22 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 10 Jul 2026 11:22 AM IST
सार

फतेहपुर सीकरी की ऐतिहासिक पहाड़ियों और सीकरी झील के संरक्षण से जुड़ी याचिका पर एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत आठ पक्षों को नोटिस जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
 

विज्ञापन
NGT Seeks Reply from UP Government Over Conservation of Fatehpur Sikri Hills and Lake
फतेहपुर सीकरी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

आगरा के फतेहपुर सीकरी की ऐतिहासिक पहाड़ियों और सीकरी झील के संरक्षण को लेकर दायर याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार समेत आठ पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की गई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  सुभाष बाजार हादसा: 100 कर्मचारी, बुलडोजर और एसडीआरएफ भी बेबस, 48 घंटे बाद भी नहीं मिली गंगा देवी
विज्ञापन



ओरिजनल एप्लिकेशन संख्या-389/2026 अजय प्रताप सिंह एडवोकेट बनाम मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एवं बिचपुरी क्षेत्र के गांव मघटई के पास स्थित कृष्णा गार्डन निवासी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने न्यायालय को बताया कि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में विंध्य पर्वतमाला की दो समानांतर पहाड़ियां, फतेहपुर सीकरी रेंज और बदरौली रेंज, स्थित हैं। उनके बीच स्थित ऐतिहासिक सीकरी झील में कभी खारी नदी का पानी आता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: कोठी मीना बाजार विवाद में डीएम आगरा को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस, निर्माण पर उठे सवाल


याचिका में आरोप लगाया गया है कि झील के क्षेत्र में खेती की जा रही है तथा फतेहपुर सीकरी रेंज पर स्थित विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी किले के आसपास अवैध निर्माण हो रहे हैं। याचिका के अनुसार, झील, नदी और पहाड़ियों से जुड़े प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के प्रभावित होने से क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव लाल बलुआ पत्थर से निर्मित फतेहपुर सीकरी किले पर पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि सीकरी झील का उल्लेख वर्ष 1884 में प्रकाशित सांख्यिकीय, वर्णनात्मक एवं ऐतिहासिक विवरण (वॉल्यूम-7) तथा वर्ष 1905 के आगरा गजेटियर में भी मिलता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अनुसार भी यहां पर एक प्राकृतिक झील थी।

ये भी पढ़ें -  पहली बारिश में ही बह गया विकास: आगरा की नई सड़कों का हाल तो देखिए, जगह-जगह गड्ढे; उखड़ गईं गिट्टियां


अभिलेखों के अनुसार झील लगभग दो मील चौड़ी और छह मील लंबी थी तथा फतेहपुर सीकरी और बदरौली रेंज के बीच स्थित थी। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि खारी नदी का प्रवाह सीकरी चार हिस्सा, पतसाल, पाली किरावली और मोहम्मदपुर क्षेत्र में लगभग समाप्त हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हुआ है। याचिकाकर्ता के अनुसार इसका असर ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) पर भी पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें -  UP: ताजमहल में जलाभिषेक की मांग वाद में नया मोड़, दूसरी अदालत में पहुंचा मामला; 12 अगस्त को सुनवाई


मामले में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, प्रमुख सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन), प्रमुख सचिव (सिंचाई एवं जल संसाधन), प्रमुख सचिव (नगर विकास), प्रमुख सचिव (ग्राम्य विकास), जिलाधिकारी आगरा, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय प्रबंधक, आगरा को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता भंवरपाल सिंह जादौन उपस्थित हुए और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद एनजीटी ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 22 सितंबर को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।

ये भी पढ़ें -   UP: अपार दौलत ऐसे ही नहीं कमाई, रिटायर्ड एआरटीओ कैसे बना अकूत दौलत का मालिक; समझें आरटीओ कार्यालय का खेल

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed