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Agra News: कागजों में प्लाॅट ही नहीं, जारी कर दिया 32.44 लाख का लोन
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आगरा। तक्षशिला कॉलोनी (थाना न्यू आगरा) में एक प्लाॅट दिखाकर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पहले मामले में प्लाॅट खरीदवाने वाले प्रापर्टी डीलर, रकम लेने वालों पर प्राथमिकी हुई थी। अब पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर 32.44 लाख रुपये का ऋण पास कराने वाली फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक, फील्ड अफसर और अन्य कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
तक्षशिला कॉलोनी निवासी सहसवीर सिंह जादौन सेवानिवृत्ति के बाद प्लॉट खरीदना चाहते थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि 5 मार्च, 2025 को प्रवीन शिवहरे, राजकुमार और मोनू ठाकुर ने उन्हें कॉलोनी में प्लॉट बिकने की जानकारी दी। उन्होंने बल्केश्वर निवासी जितेंद्र गांधी को प्लॉट मालिक बताया और प्लॉट नंबर 101 का सौदा 45 लाख रुपये में तय किया। प्रवीन ने अपने कमीशन के 2.25 लाख रुपये तय किए। इसके बाद सभी संजय प्लेस स्थित सेंट बैंक होम फाइनेंस कंपनी की शाखा में गए। कंपनी के अधिकारियों ने 32.44 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करने की बात कही।
उन्होंने 29 मार्च से 28 अप्रैल, 2025 के बीच 14.80 लाख रुपये विक्रेता और प्रॉपर्टी डीलर को दिए। बाकी 32,44,442 रुपये फाइनेंस कंपनी ने जितेंद्र गांधी के नाम से ड्राफ्ट के माध्यम से जारी किए। 30 अप्रैल को प्लॉट नंबर 101 का बैनामा उनके नाम कर दिया गया। जब वह प्लॉट की बाउंड्री कराने पहुंचे, तो उन्हें अजीत सिंह यादव मिले। बताया कि यह प्लॉट नंबर 101 नहीं, बल्कि 29 है। जांच में पता चला कि कॉलोनी में 101 नंबर का प्लॉट था ही नहीं।
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पहले पांच लोगों पर पहले हुई थी कार्रवाई
मामले में 14 जुलाई, 2025 को थाना न्यू आगरा में जितेंद्र गांधी, प्रवीन, निशा शिवहरे, मोनू ठाकुर और राजकुमार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। बैंक अधिकारियों की भूमिका भी पुलिस को बताई लेकिन आरोपी नहीं बनाया गया। 7 जुलाई, 2026 को न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। इस पर अब प्राथमिकी दर्ज हुई।
वर्जन
कराई जाएगी जांच
न्यायालय के आदेश पर थाना न्यू आगरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज हुई है। जांच की जाएगी। यह पता किया जाएगा कि बिना सत्यापन के कंपनी ने लोन कैसे पास कर दिया? अगर सत्यापन हुआ तो फर्जीवाड़ा किसने किया। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी
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तक्षशिला कॉलोनी निवासी सहसवीर सिंह जादौन सेवानिवृत्ति के बाद प्लॉट खरीदना चाहते थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि 5 मार्च, 2025 को प्रवीन शिवहरे, राजकुमार और मोनू ठाकुर ने उन्हें कॉलोनी में प्लॉट बिकने की जानकारी दी। उन्होंने बल्केश्वर निवासी जितेंद्र गांधी को प्लॉट मालिक बताया और प्लॉट नंबर 101 का सौदा 45 लाख रुपये में तय किया। प्रवीन ने अपने कमीशन के 2.25 लाख रुपये तय किए। इसके बाद सभी संजय प्लेस स्थित सेंट बैंक होम फाइनेंस कंपनी की शाखा में गए। कंपनी के अधिकारियों ने 32.44 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करने की बात कही।
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उन्होंने 29 मार्च से 28 अप्रैल, 2025 के बीच 14.80 लाख रुपये विक्रेता और प्रॉपर्टी डीलर को दिए। बाकी 32,44,442 रुपये फाइनेंस कंपनी ने जितेंद्र गांधी के नाम से ड्राफ्ट के माध्यम से जारी किए। 30 अप्रैल को प्लॉट नंबर 101 का बैनामा उनके नाम कर दिया गया। जब वह प्लॉट की बाउंड्री कराने पहुंचे, तो उन्हें अजीत सिंह यादव मिले। बताया कि यह प्लॉट नंबर 101 नहीं, बल्कि 29 है। जांच में पता चला कि कॉलोनी में 101 नंबर का प्लॉट था ही नहीं।
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पहले पांच लोगों पर पहले हुई थी कार्रवाई
मामले में 14 जुलाई, 2025 को थाना न्यू आगरा में जितेंद्र गांधी, प्रवीन, निशा शिवहरे, मोनू ठाकुर और राजकुमार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। बैंक अधिकारियों की भूमिका भी पुलिस को बताई लेकिन आरोपी नहीं बनाया गया। 7 जुलाई, 2026 को न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। इस पर अब प्राथमिकी दर्ज हुई।
वर्जन
कराई जाएगी जांच
न्यायालय के आदेश पर थाना न्यू आगरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज हुई है। जांच की जाएगी। यह पता किया जाएगा कि बिना सत्यापन के कंपनी ने लोन कैसे पास कर दिया? अगर सत्यापन हुआ तो फर्जीवाड़ा किसने किया। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी