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लापरवाही का ये है आलम: बिना रजिस्ट्रेशन 12 साल से दौड़ रही थी स्कूल बस, छात्रा की मौत के बाद जागे अधिकारी

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 13 Mar 2026 12:44 PM IST
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सार

आगरा में स्कूल बस हादसे में छात्रा की मौत के बाद अधिकारियों की लापरवाही उजागर हो गई है। बिना रजिस्ट्रेशन और अनफिट बसें वर्षों से सड़कों पर दौड़ रही हैं, जबकि विभागों के बीच समन्वय का अभाव सामने आया है।

Official Negligence Exposed After School Bus Tragedy in Agra
आगरा आरटीओ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अधिकारियों की लापरवाही नौनिहालों की जान पर भारी पड़ रही है। संभागीय परिवहन विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच स्कूली वाहनों के बारे में तालमेल नहीं बैठ सका है। पिछले तीन साल से यूपी बोर्ड के स्कूलों की वाहन सूची तक तैयार नहीं हुई है। इसी बात का फायदा खटारा और अनफिट वाहन चलाने वाले उठा रहे हैं। अब एक और बेटी की जान जाने के बाद पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं लेकिन कुछ नहीं मिल रहा।
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आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भागूपुर की छात्रा नैना की मौत स्कूल वाहन की टूटी फर्श से सड़क पर गिरने और पहिये से कुचल जाने से हुई। इस घटना पर उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह बृहस्पतिवार सुबह ही आरटीओ कार्यालय पर आ गईं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और दुर्घटना करने वाली बस का रिकॉर्ड खंगाला गया लेकिन कोई जानकारी हाथ नहीं आई।
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इसकी एक वजह बस का वाहन नंबर नहीं मिलना रहा। यह स्कूली बस करीब 12 साल से सड़कों पर दौड़ रही है लेकिन आरटीओ, पुलिस और शिक्षा विभाग किसी को जानकारी नहीं। ऐसे कई खटारा और अनफिट वाहन सड़कों पर लोगों की जान ले रहे हैं और अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। जिले में 1399 स्कूली बसों का पंजीकरण आरटीओ में है, जिसमें से 56 की फिटनेस जांच अधूरी है। जबकि जिले में सैकड़ों की संख्या में अनफिट और खटारा स्कूली वाहन संचालित किए जा रहे हैं। इनकी सूची आरटीओ तैयार नहीं कर सका है।

 

तीन साल में नहीं वाहनों की जानकारी
संभागीय परिवहन विभाग ने सभी बोर्ड के स्कूलों से वाहनों की सूची तीन साल पहले मांगी थी। यूपी बोर्ड को छोड़कर अन्य बोर्ड के स्कूलों ने वाहनों की सूची उपलब्ध करा दी। जिले में यूपी बोर्ड के करीब 925 विद्यालय हैं, तो आठवीं तक के भी एक हजार विद्यालय हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से यह सूची तैयार नहीं हो सकी है। अब उप परिवहन आयुक्त ने फिर से सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।

 

मान्यता रद्द के लिए लिखा पत्र
उप परिवहन आयुक्त ने बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भागूपुर की मान्यता रद्द करने के लिए पत्र लिखा है। इसमें बिना रजिस्ट्रेशन के स्कूली वाहन संचालित करना लिखा गया है।

 

रिकॉर्ड खोजा जा रहा
उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। स्कूली बस का रिकॉर्ड खोजा जा रहा है। आरआई संजीत सिंह ने मौके पर बस की जांच की है। इस जांच में बस सड़क पर संचालित योग्य नहीं मिली है। 56 अनफिट बसों के लिए स्कूलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।
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