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UP: डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराध रोकने में मदद करेंगी बैंक, पुलिस ने बनाया नया प्लान; ऐसे रुकेगी ठगी
Thu, 26 Mar 2026 09:57 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 26 Mar 2026 09:57 AM IST
सार
आगरा में साइबर अपराधों और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने की योजना बनाई है। त्वरित कार्रवाई, गोल्डन ऑवर में हस्तक्षेप और जागरूकता अभियान के जरिए पीड़ितों को जल्द राहत देने पर जोर दिया गया है।
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डिजिटल अरेस्ट
- फोटो : ai
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विस्तार
डिजिटल अरेस्ट समेत अन्य साइबर अपराधों को रोकने के लिए पुलिस बैंकों की मदद ले रही है। डीसीपी साइबर अपराध आदित्य कुमार ने शहर के लीड बैंक समेत जिले के समस्त बैंकों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। इस दौरान डिजिटल अरेस्ट व अन्य साइबर फ्रॉड मामलों में तुरंत प्रभावी कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा की गई।
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ऐसे मामलों में पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए बैंक और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। डीसीपी ने निर्देशित किया कि सभी बैंक साइबर ठगी के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की धनराशि को सुरक्षित रखने हेतु तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। पुलिस की साइबर क्राइम सेल और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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बैठक में तय हुए प्रमुख बिंदु...
- बैंक और पुलिस के बीच बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा।
- संदिग्ध लेन-देन पर तत्काल रोक लगाने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना।
- बैंक स्तर पर नोडल अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाना
- साइबर फ्रॉड की सूचना प्राप्त होते ही गोल्डन ऑवर में तुरंत कार्रवाई
- डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु संयुक्त अभियान
- इंटर-बैंक समन्वय एवं सूचना साझा करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना
- साइबर जागरूकता से संबंधित पोस्टर व बैनर सभी बैंक शाखाओं में लगाए जाएं
- संबंधित थाना और चौकी प्रभारी समय-समय पर बैंक शाखाओं में चेकिंग करेंगे
- शक होने पर शाखा प्रबंधक साइबर फ्रॉड से संबंधित जानकारी देते रहेंगे
- बैंक और पुलिस के बीच बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा।
- संदिग्ध लेन-देन पर तत्काल रोक लगाने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना।
- बैंक स्तर पर नोडल अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाना
- साइबर फ्रॉड की सूचना प्राप्त होते ही गोल्डन ऑवर में तुरंत कार्रवाई
- डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु संयुक्त अभियान
- इंटर-बैंक समन्वय एवं सूचना साझा करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना
- साइबर जागरूकता से संबंधित पोस्टर व बैनर सभी बैंक शाखाओं में लगाए जाएं
- संबंधित थाना और चौकी प्रभारी समय-समय पर बैंक शाखाओं में चेकिंग करेंगे
- शक होने पर शाखा प्रबंधक साइबर फ्रॉड से संबंधित जानकारी देते रहेंगे