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Agra: मेंटेनेंस के नाम पर वसूली, बिल्डर के खिलाफ सड़क पर उतरे फ्लैट खरीदार; पुलिस आयुक्त को दिया ज्ञापन
Thu, 02 Jul 2026 11:56 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:56 AM IST
सार
आगरा की पारस पर्ल्स एक्सटेंशन सोसाइटी के निवासियों ने मेंटेनेंस शुल्क, महंगी बिजली, जनरेटर, लिफ्ट और सुरक्षा व्यवस्थाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाकर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जबकि बिल्डर ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
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गंदगी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के पारस पर्ल्स एक्सटेंशन के निवासियों ने बिजली, गंदगी और सुरक्षा सहित कई समस्याओं पर बुधवार को बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और उप जिलाधिकारी प्रवेश वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
मामले में पुलिस आयुक्त ने एएसपी लोहामंडी को जांच दी है। उधर, बिल्डर ने आरोप निराधार बताए। अध्यक्ष विकास गर्ग ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर बिल्डर प्रति माह एक फ्लैट से 3-4 हजार रुपये वसूल रहा है। फ्लैट की रजिस्ट्री के समय 40 हजार रुपये प्रति फ्लैट से वसूल किया गया था। यहां 150 फ्लैट हैं।
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प्राइवेट मीटर से अधिक कीमत में सभी को बिजली सप्लाई की जाती है। जनरेटर और लाइट के नाम पर 65 हजार रुपये प्रति फ्लैट से वसूले गए थे जिसका फंड लगभग 60 लाख है। बिल्डिंग में एक भी जनरेटर नहीं है। इस कारण बिजली जाने पर परेशानी झेलनी पड़ती है।
महासचिव आशीष जैन व उपाध्यक्ष नीरज जैन ने बताया कि फ्लैट बेचते समय बिल्डिंग में सात लिफ्ट बताई गई थीं लेकिन तीन ही लगाई हैं। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं है। इस दाैरान विपिन गोयल, डॉ. अशोक गर्ग, जितेंद्र गर्ग, प्रेमचंद जैन, अभिषेक अग्रवाल, अभिषेक गोयल, आशीष जैन, विकास गर्ग, नीरज जैन, हरीश करीरा, अभिसार अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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आरोप निराधार
उधर, बिल्डर मुकेश जैन ने बताया कि आरोप निराधार हैं। 2011 में बिल्डिंग बनी थी। तब कोई आपत्ति नहीं की गई। दो दिन पहले जनरेटर अधिक लोड की वजह से खराब हो गया। इस पर आरोप लगाया जा रहा है। कुछ लोगों ने अवैध तरीके से सोसाइटी में बालकनी में कब्जा कर लिया है। निजी हित और ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से आरोप लगाए जा रहे हैं।
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मामले में पुलिस आयुक्त ने एएसपी लोहामंडी को जांच दी है। उधर, बिल्डर ने आरोप निराधार बताए। अध्यक्ष विकास गर्ग ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर बिल्डर प्रति माह एक फ्लैट से 3-4 हजार रुपये वसूल रहा है। फ्लैट की रजिस्ट्री के समय 40 हजार रुपये प्रति फ्लैट से वसूल किया गया था। यहां 150 फ्लैट हैं।
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प्राइवेट मीटर से अधिक कीमत में सभी को बिजली सप्लाई की जाती है। जनरेटर और लाइट के नाम पर 65 हजार रुपये प्रति फ्लैट से वसूले गए थे जिसका फंड लगभग 60 लाख है। बिल्डिंग में एक भी जनरेटर नहीं है। इस कारण बिजली जाने पर परेशानी झेलनी पड़ती है।
महासचिव आशीष जैन व उपाध्यक्ष नीरज जैन ने बताया कि फ्लैट बेचते समय बिल्डिंग में सात लिफ्ट बताई गई थीं लेकिन तीन ही लगाई हैं। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं है। इस दाैरान विपिन गोयल, डॉ. अशोक गर्ग, जितेंद्र गर्ग, प्रेमचंद जैन, अभिषेक अग्रवाल, अभिषेक गोयल, आशीष जैन, विकास गर्ग, नीरज जैन, हरीश करीरा, अभिसार अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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आरोप निराधार
उधर, बिल्डर मुकेश जैन ने बताया कि आरोप निराधार हैं। 2011 में बिल्डिंग बनी थी। तब कोई आपत्ति नहीं की गई। दो दिन पहले जनरेटर अधिक लोड की वजह से खराब हो गया। इस पर आरोप लगाया जा रहा है। कुछ लोगों ने अवैध तरीके से सोसाइटी में बालकनी में कब्जा कर लिया है। निजी हित और ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से आरोप लगाए जा रहे हैं।