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दिल्ली अग्निकांड: होटल-हॉस्पिटल से लेकर घरों तक आग का खतरा, आगरा में फायर सेफ्टी इंतजामों पर सवाल
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 04 Jun 2026 09:26 AM IST
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सार
दिल्ली के रेस्तरां में हुए भीषण अग्निकांड के बाद आगरा में भी होटल, अस्पताल और बहुमंजिला इमारतों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। शहर में कई जगहों पर नियमों की अनदेखी और लापरवाही के चलते आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
दिल्ली अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्तरां में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई। इस घटना ने एक बार फिर से बहुमंजिला इमारतों से लेकर होटल, रेस्तरां और हॉस्पिटलों में अग्निशमन इंतजाम पर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली की घटना ने देशभर को झकझोर दिया। आगरा में भी हॉस्पिटलों से लेकर अपार्टमेंट तक में अग्निकांड की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इंतजाम तो दूर की बात, ज्यादातर स्थानों पर एडीए के नक्शे के मुताबिक निर्माण तक नहीं किया गया है। ऐसे में आग लगने पर जनहानि की आशंका बढ़ जाती हैं।
कमिश्नरेट की बात करें तो 1 हजार से अधिक बहुमंजिला इमारतें हैं। एक हजार से अधिक होटल, कारखाने संचालित हो रहे हैं। इनके अलावा शाहगंज, जगदीशपुरा, सदर, मंटोला, कोतवाली, एत्माददाैला, ट्रांस यमुना, हरीपर्वत आदि इलाकों में घर-घर में जूते कारखाने चल रहे हैं। मंटोला में केमिकल गोदामों में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। आबादी क्षेत्र ज्वलनशील पदार्थ रखने से लोगों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। इसके अलावा घरों में चल रहे जूता कारखाने भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
हाल में ही विजय नगर कालोनी में एक अपार्टमेंट की चाैथी मंजिल पर फ्लैट में आग लगी थी। आग में परिवार फंस गया था। अग्निशमन यंत्र काम नहीं कर रहे थे। दमकलकर्मियों ने साहस दिखाते हुए परिवार को बाहर निकाला था। हाल में मलपुरा में एक लाइब्रेरी में भीषण आग लग गई थी। इसमें विद्यार्थी बाल-बाल बच गए थे। शहर में होटलों, फैक्टरी, गोदाम और घरों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन पर कार्रवाई के लिए पुलिस कुछ दिन तक सख्ती करती है मगर कुछ दिन बाद फिर से वही हाल हो जाता है।
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पूर्व में होटलों में आग लगने की घटनाएं
- जून 2021 में होटल ताज विला में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, दमकल ने छह लोगों को सुरक्षित बचाया।
- जून 2023 में फतेहाबाद रोड स्थित होटल कांत के कमरे में एसी शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कमरा जल गया लेकिन पर्यटक सुरक्षित रहा।
- मार्च 2024 में होटल रेडिसन ब्लू के डक्ट की केबल में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, धुआं तीसरी मंजिल तक पहुंचा और लिफ्ट में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
- अप्रैल 2025 में होटल किंग पार्क एवेन्यू में एक युवक ने खुद को आग लगाई, बचाने पहुंची युवती भी झुलस गई।
- अगस्त 2025 में छीपीटोला के एक होटल में एसी कंप्रेसर फटने से आग लगने की आशंका जताई गई।
- फरवरी 2026 में ताजगंज स्थित होटल ताज हाइट्स के स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, पर्यटकों ने सीढ़ियों से भागकर जान बचाई।
- अप्रैल 2026 में न्यू आगरा स्थित होटल सिटी इन के कमरे में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
क्या है नियम
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि कमिश्नरेट में 55 होटल, 250 अस्पताल और 100 से अधिक अपार्टमेंट की एनओसी जारी की गई है। नियमानुसार, 15 मीटर से ऊपर और 500 मीटर कवर एरिया वाले भवन को फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके लिए निवेश मित्र पर एप्लाई करना होता है। इसके बाद निरीक्षण किया जाता है। कमियों को दूर करने के बाद ही एनओसी जारी की जाती है।
112 पर करें काल
सीएफओ ने बताया कि आग लगने पर लोग 112 पर काल कर सकते हैं। 1 मिनट में फायर स्टेशन से दमकल निकल जाती है। गर्मी में आग लगने की घटनाएं अधिक होती है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर एसी का लोड बढ़ रहा है तो वायरिंग चेक करा लें। उपकरणों के हिसाब से वायरिंग होनी चाहिए। इसके अलावा बहुमंजिला बिल्डिंग में आने और जाने के लिए अलग से रास्ते से होने चाहिए। समय-समय पर टीम निरीक्षण करती है। लोगों को जागरुक भी किया जाता है।
कमिश्नरेट की बात करें तो 1 हजार से अधिक बहुमंजिला इमारतें हैं। एक हजार से अधिक होटल, कारखाने संचालित हो रहे हैं। इनके अलावा शाहगंज, जगदीशपुरा, सदर, मंटोला, कोतवाली, एत्माददाैला, ट्रांस यमुना, हरीपर्वत आदि इलाकों में घर-घर में जूते कारखाने चल रहे हैं। मंटोला में केमिकल गोदामों में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। आबादी क्षेत्र ज्वलनशील पदार्थ रखने से लोगों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। इसके अलावा घरों में चल रहे जूता कारखाने भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
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हाल में ही विजय नगर कालोनी में एक अपार्टमेंट की चाैथी मंजिल पर फ्लैट में आग लगी थी। आग में परिवार फंस गया था। अग्निशमन यंत्र काम नहीं कर रहे थे। दमकलकर्मियों ने साहस दिखाते हुए परिवार को बाहर निकाला था। हाल में मलपुरा में एक लाइब्रेरी में भीषण आग लग गई थी। इसमें विद्यार्थी बाल-बाल बच गए थे। शहर में होटलों, फैक्टरी, गोदाम और घरों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन पर कार्रवाई के लिए पुलिस कुछ दिन तक सख्ती करती है मगर कुछ दिन बाद फिर से वही हाल हो जाता है।
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पूर्व में होटलों में आग लगने की घटनाएं
- जून 2021 में होटल ताज विला में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, दमकल ने छह लोगों को सुरक्षित बचाया।
- जून 2023 में फतेहाबाद रोड स्थित होटल कांत के कमरे में एसी शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कमरा जल गया लेकिन पर्यटक सुरक्षित रहा।
- मार्च 2024 में होटल रेडिसन ब्लू के डक्ट की केबल में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, धुआं तीसरी मंजिल तक पहुंचा और लिफ्ट में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
- अप्रैल 2025 में होटल किंग पार्क एवेन्यू में एक युवक ने खुद को आग लगाई, बचाने पहुंची युवती भी झुलस गई।
- अगस्त 2025 में छीपीटोला के एक होटल में एसी कंप्रेसर फटने से आग लगने की आशंका जताई गई।
- फरवरी 2026 में ताजगंज स्थित होटल ताज हाइट्स के स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, पर्यटकों ने सीढ़ियों से भागकर जान बचाई।
- अप्रैल 2026 में न्यू आगरा स्थित होटल सिटी इन के कमरे में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
क्या है नियम
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि कमिश्नरेट में 55 होटल, 250 अस्पताल और 100 से अधिक अपार्टमेंट की एनओसी जारी की गई है। नियमानुसार, 15 मीटर से ऊपर और 500 मीटर कवर एरिया वाले भवन को फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके लिए निवेश मित्र पर एप्लाई करना होता है। इसके बाद निरीक्षण किया जाता है। कमियों को दूर करने के बाद ही एनओसी जारी की जाती है।
112 पर करें काल
सीएफओ ने बताया कि आग लगने पर लोग 112 पर काल कर सकते हैं। 1 मिनट में फायर स्टेशन से दमकल निकल जाती है। गर्मी में आग लगने की घटनाएं अधिक होती है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर एसी का लोड बढ़ रहा है तो वायरिंग चेक करा लें। उपकरणों के हिसाब से वायरिंग होनी चाहिए। इसके अलावा बहुमंजिला बिल्डिंग में आने और जाने के लिए अलग से रास्ते से होने चाहिए। समय-समय पर टीम निरीक्षण करती है। लोगों को जागरुक भी किया जाता है।