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नागरिकता संशोधन कानून से देश की अखंडता को खतराः शिवपाल सिंह यादव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 02 Jan 2020 10:04 AM IST
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शिवपाल सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून पर अब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निशाना साधा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से देश की अखंडता को खतरा बताया। कानून बनाने से पहले सरकार को सभी राजनीतिक दलों से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने उन्हें विश्वास में नहीं लिया। यही कारण है कि आज पूरे देश में सीएए का विरोध हो रहा है।
मैनपुरी जनपद के करहल कस्बे में आए शिवपाल सिंह बुधवार को पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संशोधन कानून से देश की एकता और अखंडता को खतरा पैदा हो गया है। इसकी कोई जरूरत नहीं थी।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी आवाज उठाने के लिए धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन देने का पूरा अधिकार है। उन्हें ऐसा करने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना है। लोकतंत्र में किसी की आवाज को सत्ता की दम पर दबाया नहीं जाना चाहिए। अगर लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा तो सरकार पूरी तरह तानाशाह हो जाएगी।
सरकार की तानाशाही को रोकने के लिए लोकतंत्र का जिंदा रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारें तो आती जाती रहती हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था हमेशा मजबूत रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए।
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लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी आवाज उठाने के लिए धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन देने का पूरा अधिकार है। उन्हें ऐसा करने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना है। लोकतंत्र में किसी की आवाज को सत्ता की दम पर दबाया नहीं जाना चाहिए। अगर लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा तो सरकार पूरी तरह तानाशाह हो जाएगी।
सरकार की तानाशाही को रोकने के लिए लोकतंत्र का जिंदा रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारें तो आती जाती रहती हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था हमेशा मजबूत रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए।