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UP: एनकाउंटर में ढेर पवन उर्फ कल्लू का नेटवर्क था बेहद मजबूत, ये था उसका प्लान; पुलिस ने पहले ही मार गिराया
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 28 Feb 2026 08:58 AM IST
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सार
आगरा में एनकाउंटर में मारे गए 50 हजार के इनामी पवन उर्फ कल्लू ने ताजमहल घूमने आए गौतमबुद्ध नगर के कारोबारी भाइयों को पिस्टल तानकर 10 लाख रुपये की चौथ मांगी थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तर्ज पर वह आगरा और आसपास के जिलों में रंगदारी का नेटवर्क खड़ा कर रहा था।
शूटर पवन उर्फ कल्लू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसटीएफ और आगरा पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार के इनामी बदमाश पवन उर्फ कल्लू का नेटवर्क बहुत मजबूत था। वह लाॅरेंस बिश्नोई गैंग की तरह वर्चस्व बना रंगदारी मांगने लगा था। कारोबारियों की रेकी करवा उन्हें धमकाकर वसूली करना उसका काम बन गया था। पवन ने गौतमबुद्ध नगर के कारोबारी भाईयों को आगरा भ्रमण के दौरान पिस्टल के दम पर धमका कर 10 लाख की चौथ मांगी थी।
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डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि 31 दिसंबर को गौतमबुद्ध नगर के थाना दादरी निवासी कारोबारी भाई संदीप भाटी और उनके भाई सचिन भाटी ने ताजगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि ताजमहल घूमने के लिए जाने के दौरान वह लघुशंका के लिए रुके। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक पर युवक आए और उन्होंने कमर पर पिस्टल लगाकर धमकाया। कहा कि इतना रुपया कमा रहे हो पर पवन उर्फ कल्लू और अमित कसाना भाई को चढ़ावा नहीं चढ़ाया है।
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अगर 10 लाख रुपये नहीं दिए तो अगली बार दोनों भाई खुद तुम लोगों का टिकट काटने आयेंगे। इसके बाद पीड़ितों के घर के बाहर नकाबपोश युवकों का निकलना शुरू हो गया था। मामले में पुलिस को आरोपियों की तलाश थी। माना जा रहा है कि पवन खुद ही भाइयों को धमकाने के लिए चक्कर लगा रहा था। उसने गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों में कारोबारियों से चौथ मांगी थी। इसी वजह से पुलिस को उसकी तलाश थी। एसटीएफ की टीमें उसकी तीन माह से तलाश में थीं। उसके आगरा आने की सूचना पर तीन माह से एसटीएफ ने आगरा डेरा डाला हुआ था।