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UP: मनोनीत पार्षदों की सूची से मचा बवाल, कोली, क्षत्रिय और जाट संगठनों ने भाजपा को दी ये चेतावनी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 18 Mar 2026 09:58 AM IST
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सार
आगरा में मनोनीत पार्षदों की सूची को लेकर कोली, क्षत्रिय और जाट संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। समाज के नेताओं ने प्रतिनिधित्व न मिलने पर बीजेपी को चुनाव में जवाब देने की चेतावनी दी है।
BJP
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई आगरा नगर निगम के मनोनीत सदस्यों की सूची का विरोध बढ़ता जा रहा है। मौजूदा पार्षद शरद चौहान के बाद अब विभिन्न जातीय संगठनों ने प्रतिनिधित्व न मिलने का हवाला देकर जबरदस्त नाराजगी जाहिर की है। क्षत्रिय संगठन ने जहां यूजीसी विवाद के बाद प्रतिनिधित्व न मिलने को जले पर नमक छिड़कना बताया है। वहीं, कोली व जाट समाज के नेताओं ने जानबूझकर नजरंदाज करने व पार्टी को सबक सिखाने की बात कही है।
कोली समाज के संगठनों ने सूची में समाज के किसी भी नेता का नाम न आने पर नाराजगी जताते हुए समय आने पर भाजपा को सबक सिखाने की बात कही। कोली समाज उत्तर प्रदेश शाखा के पदाधिकारियों ने लोहामंडी स्थित जैन स्मृति भवन में इसको लेकर बैठक की। इस दौरान संगठन के उपाध्यक्ष बंटी माहौर ने सूची में जातीय प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। कहा कि आगरा में कोली समाज की जनसंख्या 1.50 लाख से अधिक होते हुए भी समाज को नजरअंदाज किया गया।
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कोली समाज के संगठनों ने सूची में समाज के किसी भी नेता का नाम न आने पर नाराजगी जताते हुए समय आने पर भाजपा को सबक सिखाने की बात कही। कोली समाज उत्तर प्रदेश शाखा के पदाधिकारियों ने लोहामंडी स्थित जैन स्मृति भवन में इसको लेकर बैठक की। इस दौरान संगठन के उपाध्यक्ष बंटी माहौर ने सूची में जातीय प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। कहा कि आगरा में कोली समाज की जनसंख्या 1.50 लाख से अधिक होते हुए भी समाज को नजरअंदाज किया गया।
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इसके अलावा महानगर अध्यक्ष भगवान सिंह माहौर व नंदलाल भारती ने कहा कि इस सूची के जरिए भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। वहीं, कोली गर्जना महासंघ के संस्थापक सदस्य व भाजपा नेता कैलाश माहौर ने भी मनोनीत पार्षदों को लेकर सवाल उठाए हैं। नाराजगी जताते हुए कैलाश ने कहा कि कोली समाज आंख बंद करके पार्टी को वोट देता है पर मौका आने पर समाज को प्रतिनिधित्व देने की बजाय उसे ठेंगा दिखाया गया है। समाज इस बात को याद रखेगा और समय आने पर माकूल जवाब देगा।
हक के लिए खुद लड़ना होगा
अखिल भारतीय प्रगतिशील जाट महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम फौजदार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के महानगर संगठन तथा मनोनीत पार्षदों की सूची में जाट समुदाय की जान बूझकर अनदेखी की है। कहा कि जानबूझकर जाटों को राजनीतिक रूप से शून्य करने की कोशिश की जा रही है। आवाज न उठाने की वजह से ही बड़े बड़े पदों से जाट नेताओं को हटाने के साथ ही केन्द्रीय आरक्षण छीना गया। आह्वान किया कि समाज को एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए।
अखिल भारतीय प्रगतिशील जाट महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम फौजदार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के महानगर संगठन तथा मनोनीत पार्षदों की सूची में जाट समुदाय की जान बूझकर अनदेखी की है। कहा कि जानबूझकर जाटों को राजनीतिक रूप से शून्य करने की कोशिश की जा रही है। आवाज न उठाने की वजह से ही बड़े बड़े पदों से जाट नेताओं को हटाने के साथ ही केन्द्रीय आरक्षण छीना गया। आह्वान किया कि समाज को एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए।
भाजपा का दिखावे वाला नकाब उतरा
क्षत्रिय सभा जिला आगरा ने सूची में जगह न मिलने को दुर्भाग्यपूर्ण एवं अपमानजनक बताया है। जिलाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज पहले ही यूजीसी विवाद को लेकर नाराज चल रहा था। अब उचित राजनीतिक स्थान न देने से भाजपा का नकाब उतर गया है। स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षत्रिय समाज इस अपमान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा और इसका जवाब आगामी चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से देगा।
क्षत्रिय सभा जिला आगरा ने सूची में जगह न मिलने को दुर्भाग्यपूर्ण एवं अपमानजनक बताया है। जिलाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज पहले ही यूजीसी विवाद को लेकर नाराज चल रहा था। अब उचित राजनीतिक स्थान न देने से भाजपा का नकाब उतर गया है। स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षत्रिय समाज इस अपमान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा और इसका जवाब आगामी चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से देगा।
कार्यकारिणी सदस्य सूची पर उठे सवाल
आगरा। भारतीय जनता पार्टी की मनोनीत पार्षदों की सूची के साथ ही महानगर की कार्यकारिणी सदस्यों की सूची भी विवाद में आ गई है। सोशल मीडिया पर सदस्यों की सूची को शेयर कर सवाल किया जा रहा है कि एक ही महिला कार्यकर्ता का नाम दो जगह दर्ज कर महिला कोटा पूरा करने की खानापूर्ति की जा रही है। दरअसस, सूची में 15वें नंबर पर दीपिका मित्तल का नाम दर्ज है। वहीं, 69वें क्रम के आगे भी यही नाम दोबारा लिखा गया है। चूंकि इस बार पार्टी ने पदाधिकारियों की सूची में 33 फीसदी आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि 80 लोगों वाली कार्यकारिणी में 33 फीसदी महिलाओं को रखना अनिवार्य है। ऐसे में जिलाध्यक्षों ने माथापच्ची कर महिला नेताओं को तलाशा और उनके नाम संगठन भेजे। हालांकि अब एक नाम दो बार आने पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने इसकी जानकारी से इन्कार किया। कहा कि टंकण त्रुटि हो सकती है। सूची जारी करने में सभी निर्देशों का पालन किया गया है।
आगरा। भारतीय जनता पार्टी की मनोनीत पार्षदों की सूची के साथ ही महानगर की कार्यकारिणी सदस्यों की सूची भी विवाद में आ गई है। सोशल मीडिया पर सदस्यों की सूची को शेयर कर सवाल किया जा रहा है कि एक ही महिला कार्यकर्ता का नाम दो जगह दर्ज कर महिला कोटा पूरा करने की खानापूर्ति की जा रही है। दरअसस, सूची में 15वें नंबर पर दीपिका मित्तल का नाम दर्ज है। वहीं, 69वें क्रम के आगे भी यही नाम दोबारा लिखा गया है। चूंकि इस बार पार्टी ने पदाधिकारियों की सूची में 33 फीसदी आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि 80 लोगों वाली कार्यकारिणी में 33 फीसदी महिलाओं को रखना अनिवार्य है। ऐसे में जिलाध्यक्षों ने माथापच्ची कर महिला नेताओं को तलाशा और उनके नाम संगठन भेजे। हालांकि अब एक नाम दो बार आने पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने इसकी जानकारी से इन्कार किया। कहा कि टंकण त्रुटि हो सकती है। सूची जारी करने में सभी निर्देशों का पालन किया गया है।