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Aligarh News: 58 हजार ट्रांसफॉर्मरों की सेहत पर संकट कम पड़ रहा तेल, ओवरलोडिंग पड़ेगी भारी
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गांधीपार्क बिजली घर पर ट्रांफार्मर को ठंडा करने के लिए लगा कूलर।
- फोटो : samvad
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42 डिग्री की तपिश और गर्म हवाओं के साथ भीषण गर्मी जारी है। एसी, फ्रिज, कूलर और इन्वर्टर का उपयोग चरम पर पहुंच रहा है। ऐसे में जिले में प्रयोग हो रहे 58 हजार ट्रांसफॉर्मरों पर ओवरलोडिंग की समस्या पैदा हो रही है, जिससे इनकी सेहत खराब हो रही है।
रखरखाव के लिए बेहद जरूरी तेल (पावर ऑयल), प्रेस बोर्ड और एचटी रॉड भी कम पड़ रही है, जिससे समस्या गंभीर हो रही है। वर्कशॉप में रोजाना आठ से 10 खराब ट्रांसफॉर्मर पहुंच रहे हैं।
मरम्मत के बाद होने वाली निर्धारित कलर कोडिंग और फेज आउट प्रक्रिया का भी पालन नहीं हो रहा है। ट्रांसफॉर्मरों की यह अनदेखी कभी भी भारी पड़ सकती है। नियमानुसार खराब होने के बाद मरम्मत के लिए आने वाले ट्रांसफॉर्मरों में कलर कोडिंग प्रक्रिया अपनाई जाती है।
मरम्मत के लिए पहली बार आने वाले ट्रांसफाॅर्मर पर हरे रंग की पट्टी लगाई जाती है। दूसरी बार आने पर पीली और तीसरी बार में लाल पट्टी लगाई जाती है। तीसरी बार आने के बाद ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत उसकी गहन जांच के बाद होती है। जब कोई ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद हटाया जाता है तो उसे फेज आउट प्रक्रिया कहते हैं।
ट्रांसफाॅर्मरों की लाइफ साइकिल एनालिसिस और हेल्थ मानीटरिंग नीति व्यवहार में लागू नहीं है। फॉल्ट करंट मापन और फॉल्ट हिस्ट्री विश्लेषण की कोई व्यवस्था नहीं है। इस वजह से इनकी आंतरिक क्षति का कोई पूर्वानुमान नहीं लग पा रहा है।
ऐसे में ट्रांसफॉर्मर के अंदर का इंसुलेशन और वायरिंग लगातार खराब होती रहती है और अचानक फेल हो जाता है। नियमित निगरानी से इनको पूरी तरह से खराब होने से बचाया जा सकता है।
अलीगढ़ में हाल ही में 543 ट्रांसफॉर्मरों में तेल कम पड़ गया था, अब फिर से तेल की कमी हो रही है। वर्तमान में तकरीबन 350 ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप में रिजर्व में हैं।
एलटी फ्यूज यूनिट और एबी फ्यूज बॉक्स के लिए नहीं मिल रहा है तार
अलीगढ़। राज्य विद्युत परिषद के जूनियर इंजीनियर संगठन ने कहा है कि अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम एवं द्वितीय को पत्र भेज कर ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत में हेल्थ मानीटरिंग सिस्टम अपनाने के लिए कहा है, ताकि गर्मी में कोई संकट न पैदा हो।
संगठन ने कहा है कि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों पर एलटी फ्यूज यूनिट और एबी फ्यूज बॉक्स लगाए गए हैं, लेकिन इनके लिए तार उपलब्ध नहीं हो रहा है। एलटी फ्यूज यूनिट 25 से 100 केवीए के वितरण ट्रांसफॉर्मर के साथ उपयोग किया जाता है। एबी फ्यूज बॉक्स 33केवी या उच्च वोल्टेज पर काम करते हैं। ये पोल-माउंटेड ट्रांसफॉर्मर के लिए उपयोग किए जाते हैं।
रोजाना आठ से 10 ट्रांसफॉर्मर खराब होकर वर्कशॉप में आ रहे हैं, जिनको ठीक किया जा रहा है। रिजर्व में 350 ट्रांसफॉर्मर रखे हैं। गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर ज्यादा खराब होते हैं। अप्रैल के लिए 21 किलोलीटर तेल मिला था, तेल की कमी नहीं है। मरम्मत के बाद कलर कोडिंग भी की जा रही है।
-एपी सिंह, एक्सईएन वर्कशॉप।
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रखरखाव के लिए बेहद जरूरी तेल (पावर ऑयल), प्रेस बोर्ड और एचटी रॉड भी कम पड़ रही है, जिससे समस्या गंभीर हो रही है। वर्कशॉप में रोजाना आठ से 10 खराब ट्रांसफॉर्मर पहुंच रहे हैं।
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मरम्मत के बाद होने वाली निर्धारित कलर कोडिंग और फेज आउट प्रक्रिया का भी पालन नहीं हो रहा है। ट्रांसफॉर्मरों की यह अनदेखी कभी भी भारी पड़ सकती है। नियमानुसार खराब होने के बाद मरम्मत के लिए आने वाले ट्रांसफॉर्मरों में कलर कोडिंग प्रक्रिया अपनाई जाती है।
मरम्मत के लिए पहली बार आने वाले ट्रांसफाॅर्मर पर हरे रंग की पट्टी लगाई जाती है। दूसरी बार आने पर पीली और तीसरी बार में लाल पट्टी लगाई जाती है। तीसरी बार आने के बाद ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत उसकी गहन जांच के बाद होती है। जब कोई ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद हटाया जाता है तो उसे फेज आउट प्रक्रिया कहते हैं।
ट्रांसफाॅर्मरों की लाइफ साइकिल एनालिसिस और हेल्थ मानीटरिंग नीति व्यवहार में लागू नहीं है। फॉल्ट करंट मापन और फॉल्ट हिस्ट्री विश्लेषण की कोई व्यवस्था नहीं है। इस वजह से इनकी आंतरिक क्षति का कोई पूर्वानुमान नहीं लग पा रहा है।
ऐसे में ट्रांसफॉर्मर के अंदर का इंसुलेशन और वायरिंग लगातार खराब होती रहती है और अचानक फेल हो जाता है। नियमित निगरानी से इनको पूरी तरह से खराब होने से बचाया जा सकता है।
अलीगढ़ में हाल ही में 543 ट्रांसफॉर्मरों में तेल कम पड़ गया था, अब फिर से तेल की कमी हो रही है। वर्तमान में तकरीबन 350 ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप में रिजर्व में हैं।
एलटी फ्यूज यूनिट और एबी फ्यूज बॉक्स के लिए नहीं मिल रहा है तार
अलीगढ़। राज्य विद्युत परिषद के जूनियर इंजीनियर संगठन ने कहा है कि अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम एवं द्वितीय को पत्र भेज कर ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत में हेल्थ मानीटरिंग सिस्टम अपनाने के लिए कहा है, ताकि गर्मी में कोई संकट न पैदा हो।
संगठन ने कहा है कि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों पर एलटी फ्यूज यूनिट और एबी फ्यूज बॉक्स लगाए गए हैं, लेकिन इनके लिए तार उपलब्ध नहीं हो रहा है। एलटी फ्यूज यूनिट 25 से 100 केवीए के वितरण ट्रांसफॉर्मर के साथ उपयोग किया जाता है। एबी फ्यूज बॉक्स 33केवी या उच्च वोल्टेज पर काम करते हैं। ये पोल-माउंटेड ट्रांसफॉर्मर के लिए उपयोग किए जाते हैं।
रोजाना आठ से 10 ट्रांसफॉर्मर खराब होकर वर्कशॉप में आ रहे हैं, जिनको ठीक किया जा रहा है। रिजर्व में 350 ट्रांसफॉर्मर रखे हैं। गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर ज्यादा खराब होते हैं। अप्रैल के लिए 21 किलोलीटर तेल मिला था, तेल की कमी नहीं है। मरम्मत के बाद कलर कोडिंग भी की जा रही है।
-एपी सिंह, एक्सईएन वर्कशॉप।

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