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Aligarh News: मुस्लिम परिवार करवा रहा भागवत कथा, उमड़ रहा सौहार्द
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गांव थानपुर में भागवत कथा में जयकारे लगाते मुस्लिम परिवार के लोग। संवाद
- फोटो : samvad
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क्षेत्र के गांव थानपुर के मजरा मुस्लिम मढ़ैया में एक मुस्लिम परिवार महंत के उपचार से अपनी बीमार बेटी के स्वस्थ होने पर भागवत कथा का आयोजन करवा रहा है। कथा 27 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और तीन मई को समापन के बाद चार मई को भंडारे का आयोजन भी रखा गया है। भागवत कथा में मुस्लिम और हिंदू दोनों ही समुदाय के महिला-पुरुष बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
थानपुर में करीब 50 मुस्लिम परिवार रहते हैं, जोकि गांव के पास ही अपने-अपने मकान बनाकर रह रहे हैं। यह मजरा मुस्लिम मढ़ैया के नाम से जाना जाता है। इसी मजरे के रहने वाले मोहम्मद अजीज खान खेतीबाड़ी और मजदूरी का काम करते हैं, उनके पास चार बेटी हैं। मोहम्मद अजीज बताते हैं कि दूसरे नंबर की बेटी महरूम (18) एक वर्ष से बीमार चल रही थी। वह आए दिन बेहोश हो जाती थी और खाना-पीना भी बंद कर देती थी, उसका कई जगह काफी उपचार कराया, लेकिन उसको फायदा नहीं हो पा रहा था। किसी ने जट्टारी के गांव सकतपुर हजियापुर स्थित एक आश्रम के महंत चेतन दास नागा जी के पास भेजा। महंत ने अजीज की बेटी का उपचार देशी दवाओं से करना शुरू कर दिया। इलाज से बेटी करीब तीन माह पहले पूरी तरह स्वस्थ हो गई। परिवार के लोगों ने खुशी जताते हुए महंत की इच्छा पर गांव में भागवत कथा कराने का निर्णय किया। मुस्लिम परिवार कथा में धन खर्च कर रहा है। अन्य लोग भी इस पुनीत कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
गांव थानपुर और मुस्लिम मढ़ैया के बीच गांव के ही धनंजय सिंह के खेत में भागवत कथा 27 अप्रैल से प्रारंभ हो गई है। कथा वाचक महेशचंद शास्त्री वृंदावन वाले हैं तो गांव के ही हरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी ओमवती परीक्षत बने हैं। कथा से पूर्व गांव में कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसमें हिंदू व मुस्लिम समुदाय की महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। मुस्लिम महिलाएं कथा में भक्ति गीतों पर नृत्य भी कर रही हैं और मोहम्मद अजीज का परिवार प्रतिदिन भाग लेकर कथा श्रवण कर रहा है। मोहम्मद अजीज खान ने पूछने पर बताया कि वह भागवत कथा का आयोजन किसी के कहने या दबाव में नहीं अपितु अपनी अंतरआत्मा की आवाज पर बेटी के स्वस्थ होने के कारण करवा रहे हैं।
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थानपुर में करीब 50 मुस्लिम परिवार रहते हैं, जोकि गांव के पास ही अपने-अपने मकान बनाकर रह रहे हैं। यह मजरा मुस्लिम मढ़ैया के नाम से जाना जाता है। इसी मजरे के रहने वाले मोहम्मद अजीज खान खेतीबाड़ी और मजदूरी का काम करते हैं, उनके पास चार बेटी हैं। मोहम्मद अजीज बताते हैं कि दूसरे नंबर की बेटी महरूम (18) एक वर्ष से बीमार चल रही थी। वह आए दिन बेहोश हो जाती थी और खाना-पीना भी बंद कर देती थी, उसका कई जगह काफी उपचार कराया, लेकिन उसको फायदा नहीं हो पा रहा था। किसी ने जट्टारी के गांव सकतपुर हजियापुर स्थित एक आश्रम के महंत चेतन दास नागा जी के पास भेजा। महंत ने अजीज की बेटी का उपचार देशी दवाओं से करना शुरू कर दिया। इलाज से बेटी करीब तीन माह पहले पूरी तरह स्वस्थ हो गई। परिवार के लोगों ने खुशी जताते हुए महंत की इच्छा पर गांव में भागवत कथा कराने का निर्णय किया। मुस्लिम परिवार कथा में धन खर्च कर रहा है। अन्य लोग भी इस पुनीत कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
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गांव थानपुर और मुस्लिम मढ़ैया के बीच गांव के ही धनंजय सिंह के खेत में भागवत कथा 27 अप्रैल से प्रारंभ हो गई है। कथा वाचक महेशचंद शास्त्री वृंदावन वाले हैं तो गांव के ही हरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी ओमवती परीक्षत बने हैं। कथा से पूर्व गांव में कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसमें हिंदू व मुस्लिम समुदाय की महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। मुस्लिम महिलाएं कथा में भक्ति गीतों पर नृत्य भी कर रही हैं और मोहम्मद अजीज का परिवार प्रतिदिन भाग लेकर कथा श्रवण कर रहा है। मोहम्मद अजीज खान ने पूछने पर बताया कि वह भागवत कथा का आयोजन किसी के कहने या दबाव में नहीं अपितु अपनी अंतरआत्मा की आवाज पर बेटी के स्वस्थ होने के कारण करवा रहे हैं।
