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Aligarh News: माथे पर लाल टीका, होंठों पर मुस्कान... जीत के विश्वास के साथ ट्रैक पर उतरे गुलवीर
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माथे पर सजा लाल टीका, चेहरे पर आत्मविश्वास से भरी मुस्कान और आंखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा... ग्लासगो के ट्रैक पर जब गुलवीर सिंह कदम रख रहे थे तो हर भारतीय की निगाहें उन्हीं पर थीं। उन्होंने हाथ जोड़कर ईश्वर का स्मरण किया और पूरे विश्वास के साथ 5000 मीटर की दौड़ शुरू की।
4:43.2 मिनट में 1800 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह पांचवें स्थान पर रहे। 7:15.2 मिनट में 2600 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह सातवें स्थान पर रहे। 9:13.2 मिनट में 3400 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद चौथे-तीसरे स्थान पर गुलवीर दौड़ते रहे। वह चौथे स्थान पर थे, लेकिन 20 सेकंड में उन्होंने रफ्तार पकड़ी और कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
दौड़ के शुरुआती क्षणों से ही गुलवीर लय में दिखाई दिए। हर कदम के साथ उम्मीदें भी दौड़ रही थीं। ट्रैक पर उनका आत्मविश्वास बता रहा था कि वह आखिरी दम तक मुकाबला छोड़ने वाले नहीं हैं। दर्शकों की निगाहें फिनिश लाइन पर थीं और भारत को एक और पदक की उम्मीद थी। गुलवीर ने अंत तक पूरी ताकत झोंक दी। उनके खाते में कांस्य पदक आया।
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10 हजार मीटर दौड़ में गुलवीर ने जीता था रजत पदक
स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में 28 जुलाई की रात भारी बारिश के बीच दौड़ते हुए गुलवीर सिंह ने देश को 10 हजार मीटर दौड़ में पहला पदक दिलाया था। पांचवें छठे स्थान पर चल रहे गुलवीर ने अंतिम समय में रफ्तार पकड़ी और 27 मिनट 49.78 सेकंड में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। स्वर्ण जीतने वाले ऑस्ट्रेलिया के रॉबिंसन (27:48.93) सिर्फ 1.15 सेकंड जल्दी फिनिश लाइन तक पहुंचे। गुलवीर ने दौड़ शुरू करने से पहले भगवान से प्रार्थना की और कहा था भगवान देख लेना।
हर बार चमकते गए गुलवीर
हर बार धावक गुलवीर सिंह चमकते गए। सेना में भर्ती होने के बाद पहला पदक जीतने में उन्हें चार साल लग गए, जब 2022 में फेडरेशन कप में 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। यहां से गुलवीर निरंतर चमकते गए और कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम करते चले गए। एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था।
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4:43.2 मिनट में 1800 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह पांचवें स्थान पर रहे। 7:15.2 मिनट में 2600 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह सातवें स्थान पर रहे। 9:13.2 मिनट में 3400 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद चौथे-तीसरे स्थान पर गुलवीर दौड़ते रहे। वह चौथे स्थान पर थे, लेकिन 20 सेकंड में उन्होंने रफ्तार पकड़ी और कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
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दौड़ के शुरुआती क्षणों से ही गुलवीर लय में दिखाई दिए। हर कदम के साथ उम्मीदें भी दौड़ रही थीं। ट्रैक पर उनका आत्मविश्वास बता रहा था कि वह आखिरी दम तक मुकाबला छोड़ने वाले नहीं हैं। दर्शकों की निगाहें फिनिश लाइन पर थीं और भारत को एक और पदक की उम्मीद थी। गुलवीर ने अंत तक पूरी ताकत झोंक दी। उनके खाते में कांस्य पदक आया।
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10 हजार मीटर दौड़ में गुलवीर ने जीता था रजत पदक
स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में 28 जुलाई की रात भारी बारिश के बीच दौड़ते हुए गुलवीर सिंह ने देश को 10 हजार मीटर दौड़ में पहला पदक दिलाया था। पांचवें छठे स्थान पर चल रहे गुलवीर ने अंतिम समय में रफ्तार पकड़ी और 27 मिनट 49.78 सेकंड में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। स्वर्ण जीतने वाले ऑस्ट्रेलिया के रॉबिंसन (27:48.93) सिर्फ 1.15 सेकंड जल्दी फिनिश लाइन तक पहुंचे। गुलवीर ने दौड़ शुरू करने से पहले भगवान से प्रार्थना की और कहा था भगवान देख लेना।
हर बार चमकते गए गुलवीर
हर बार धावक गुलवीर सिंह चमकते गए। सेना में भर्ती होने के बाद पहला पदक जीतने में उन्हें चार साल लग गए, जब 2022 में फेडरेशन कप में 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। यहां से गुलवीर निरंतर चमकते गए और कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम करते चले गए। एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था।