{"_id":"69dc95761a882e8cbf0ac82f","slug":"annual-conference-of-the-indian-society-of-perinatology-and-reproductive-biology-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"HPV: सम्मेलन में हुई एचपीवी टीका पर चर्चा, विशेषज्ञों ने अभिभावकों से की लगवाने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HPV: सम्मेलन में हुई एचपीवी टीका पर चर्चा, विशेषज्ञों ने अभिभावकों से की लगवाने की अपील
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Mon, 13 Apr 2026 12:35 PM IST
विज्ञापन
सार
14 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित है। यह सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रांतियों को नजरअंदाज कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी बेटियों का टीकाकरण कराएं।
इंडियन सोसाइटी ऑफ पेरिनैटोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी का वार्षिक सम्मेलन उद्घाटन
- फोटो : स्वयं
विज्ञापन
विस्तार
इंडियन सोसाइटी ऑफ पेरिनैटोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी का वार्षिक सम्मेलन अलीगढ़ के मैरिस रोड स्थित एक होटल में किया गया। यहां विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का टीका जरूर लगवाएं। सम्मेलन में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, जुड़वां गर्भावस्था के प्रबंधन, सिजेरियन सेक्शन के नए दिशा-निर्देश और प्रसवोत्तर रक्तस्राव (पीपीएच) जैसी आपात स्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
Trending Videos
विशेषज्ञों ने बताया कि 14 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित है। यह सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रांतियों को नजरअंदाज कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी बेटियों का टीकाकरण कराएं। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून, विशिष्ट अतिथि आईएसओपीएआरबी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हीरालाल कोनार, सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, एसीएमओ व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री, अध्यक्ष प्रो. सीमा हकीम, सचिव डॉ. नम्रता भारद्वाज और कोषाध्यक्ष डॉ. अलका मित्तल ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. दिनेश खत्री ने कहा कि एचपीवी टीका सुरक्षित और जरूरी है। वहीं, प्रो. सीमा हकीम ने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैली अफवाहों को दरकिनार करना जरूरी है। डॉ. नम्रता भारद्वाज ने बताया कि टीके को बांझपन या अन्य बीमारियों से जोड़ना पूरी तरह निराधार है। डॉ. अलका मित्तल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यह टीका मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में पोस्ट ग्रेजुएट क्विज और यंग ब्रिगेड सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसूति विज्ञान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर भी चर्चा हुई।