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Aligarh News: खेड़िया के भरत सिंह ने 95 की उम्र में जीते तीन पदक
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राजस्थान के अजमेर में हुई 7वीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप 2026 में तहसील क्षेत्र के गांव खेड़िया बहादुरगढ़ी के 95 वर्षीय भरत सिंह लाला ने दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक प्राप्त किया है। उन्होंने लंबी कूद (लॉन्ग जंप) व ट्रिपल जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक तथा 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है।
भरत सिंह की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतनी उम्र के किसी खिलाड़ी को इस स्तर पर पदक जीतते देखा है।
प्रतियोगिता में भी देशभर से आए अनुभवी और वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच भरत सिंह का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। 95 वर्ष की आयु में भी उनकी शारीरिक फिटनेस, संतुलन और ऊर्जा देखकर खेल प्रेमी दंग रह गए। आयोजकों ने भी उनकी सराहना की। भरत सिंह के चार बेटे हैं, जिनमें से तीन बेटे उच्च व प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने हमेशा सादगी और अनुशासित जीवनशैली को अपनाए रखा।
गुरु सूरजपाल सैनी ने भी जीते दो पदक
वह इस सफलता के पीछे वह अपने गुरु सूरजपाल सैनी की कड़ी मेहनत और मार्गदर्शन काे अहम योगदान मानते हैं। सूरजपाल सैनी ने स्वयं भी चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 5,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया है। गुरु सूरजपाल सैनी व शिष्य भरत सिंह का उद्योगपति कमल अग्रवाल, अंशु अग्रवाल, विनय शर्मा, राहुल शर्मा, संदीप शर्मा, नरेंद्र राजपूत, योगेंद्र सिंह, प्रमोद वर्मा आदि खेल प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने फूल मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
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भरत सिंह की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतनी उम्र के किसी खिलाड़ी को इस स्तर पर पदक जीतते देखा है।
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प्रतियोगिता में भी देशभर से आए अनुभवी और वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच भरत सिंह का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। 95 वर्ष की आयु में भी उनकी शारीरिक फिटनेस, संतुलन और ऊर्जा देखकर खेल प्रेमी दंग रह गए। आयोजकों ने भी उनकी सराहना की। भरत सिंह के चार बेटे हैं, जिनमें से तीन बेटे उच्च व प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने हमेशा सादगी और अनुशासित जीवनशैली को अपनाए रखा।
गुरु सूरजपाल सैनी ने भी जीते दो पदक
वह इस सफलता के पीछे वह अपने गुरु सूरजपाल सैनी की कड़ी मेहनत और मार्गदर्शन काे अहम योगदान मानते हैं। सूरजपाल सैनी ने स्वयं भी चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 5,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया है। गुरु सूरजपाल सैनी व शिष्य भरत सिंह का उद्योगपति कमल अग्रवाल, अंशु अग्रवाल, विनय शर्मा, राहुल शर्मा, संदीप शर्मा, नरेंद्र राजपूत, योगेंद्र सिंह, प्रमोद वर्मा आदि खेल प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने फूल मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
