Aligarh: गोशाला में अव्यवस्थाओं का वीडियो वायरल, दौड़े अफसर, गोवंश की दुर्दशा के आरोप पाए गए गलत
सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने गोशाला का दौरा किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे गोवंश की दुर्दशा के आरोपों की जांच की। पता चला कि वायरल हो रहीं तस्वीरें गलत थीं।
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अलीगढ़ के सासनी गेट स्थित श्री राधारमण गोशाला का एक वीडियो वायरल हो रहा है। आरोप है कि गोशाला में नगर निगम व पशुपालन विभाग की लापरवाही से गोवंश की मौत हो रही है। यहां गोवंश को पर्याप्त चारा और पानी तक नहीं मिल पा रहा है। बीते कुछ दिनों में ही कई गोवंश की मौत हो चुकी है। कुछ की हालत दयनीय है। वीडियो वायरल होने पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी गोशाला पहुंच गए और जांच पड़ताल की। जांच में पाया गया है कि पूर्व में जो गोवंश गंभीर घायल अवस्था में पहुंचे थे, उनकी उपचार के दौरान माैत हुई है।
अव्यवस्थाओं का वीडियो वायरल होने पर गोशाला की जांच के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅक्टर दिवाकर त्रिपाठी, डिप्टी सीवीओ डाॅक्टर एके सिंह, नगर निगम के चिकित्सक समेत थाना सासनी गेट पुलिस भी मौके पर पहुंची। इस दाैरान टीम को माैके पर पांच गोवंश मरणासन्न अवस्था में मिले, जिनका उपचार जारी था।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅक्टर दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि गोशाला में गंभीर रूप से घायल अवस्था में आने वाले व उपचार के दाैरान मरने वाले गोवंश और उनके उपचार का पूरा रिकार्ड उपलब्ध है, जिन गोवंश की पूर्व में माैत हुई है, उनकी भी सूची तैयार मिली है। इनका नगर निगम के स्तर से अंतिम संस्कार कराया गया है। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डाॅक्टर राजेश कुमार का कहना है कि शहर में सड़क, गलियों व अन्य स्थानों पर बीमार या गंभीर रूप से घायल गोवंश को ले जाकर गोशाला में उपचार के लिए रखा जाता है। इस दाैरान किसी गोवंश की मौत हो जाती है तो उसका निस्तारण भी नगर निगम कराता है।
15 साल से संचालित हो रही गोशाला
सासनीगेट-आगरा रोड पर श्री राधा रमण गोशाला समिति द्वारा वर्ष 2010 से गोशाला का संचालन किया जा रहा है। इस समिति में करीब 450 महिला व पुरुष सक्रिय सदस्य हैं। वर्तमान में गोशाला में 417 गोवंश हैं। गोवंश की देखरेख के लिए समिति के ओर से कर्मचारी भी रखे गए हैं। गोशाला समिति के संरक्षक अखिल मांगलिक व कोषाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता के अनुसार शहर व देहात क्षेत्र से घायल या गंभीर रूप से बीमार गोवंश को लाया जाता है, जिन्हें उपचार के बाद ठीक होने पर संबंधित को वापस दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गोशाला समिति को बेवजह बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि समिति का काम सबके सामने है। कोई भी आकर यहां की व्यवस्थाओं को परख सकता है।
गोवंश की दुर्दशा के आरोप गलत पाए गए
आगरा रोड पर स्थित राधारमण गोशाला के कुछ फोटो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट अतुल गुप्ता और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने गोशाला का दौरा किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे गोवंश की दुर्दशा के आरोपों की जांच की। पता चला कि वायरल हो रहीं तस्वीरें गलत थीं। निरीक्षण में पाया कि गोशाला में कुछ गायें दुर्घटना में घायल हुई थीं, जिन्हें इलाज के लिए वहां लाया गया था। लोगों ने इन्हीं घायल गायों की तस्वीरें खींचकर उन्हें मृत बताकर फैला दिया था।