सेहत से खिलवाड़: खाद्य सुरक्षा विभाग ने मारा छापा, केमिकल से बन रही थी मिठाई, जंग लगी मशीन से पीसे जा रहे काजू
मिलावटी मिठाई, दूषित खोवा, नकली पनीर और खाद्य रंगों या रसायनों का गलत इस्तेमाल दूषित खाद्य पदार्थ खाने से उल्टी-दस्त, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग हो सकती है। कुछ प्रतिबंधित या जहरीले रसायनों के सेवन से लिवर, किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
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त्योहार पर जिस मिठास के लिए लोग नामचीन मिठाई की दुकानों का रुख करते हैं, वहां अलीगढ़ खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सफाई और खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आई हैं। कहीं केमिकल से मिठाई बनाई जा रही थी, तो कहीं जंग लगी मशीन से काजू पीसे जा रहे थे। टीम ने सभी जगहों से कुल 15 नमूने भी लिए।
बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने राधे स्वीट्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट समेत शहर की कई दुकानों पर छापा मारा। सहायक आयुक्त खाद्य अजय जायसवाल ने बताया कि सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय कुलदीप सिंह के नेतृत्व में टीम राधे स्वीट्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पहुंची। वहां शौचालय के पास बॉयलर रखा था, जंग लगी मशीन से काजू पीसे जा रहे थे और गंदे फ्रिज में खाद्य सामग्री का भंडारण हो रहा था। बिना लेवल का गुलाब जल भी मिला।टीम ने गुलाब जल, ग्लूकोज, काजू कमल और डोडा बर्फी समेत छह नमूने लिए। इनमें पिस्ता ग्रीन और केसरी सिंथेटिक फूड कलर के सर्वे नमूने भी शामिल हैं। सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
टीम ने 38 किलोग्राम गुलाब जल और 45 किलोग्राम ग्लूकोज सीज किया। इनकी कीमत क्रमशः 11,400 और 13,500 रुपये बताई गई है। इसके अलावा संदेह, मिलावट की आशंका और अस्वच्छ परिस्थितियों के आधार पर 10 किलोग्राम आर्टिफिशियल लिक्विड स्वीटनर नष्ट कराया गया। विभाग के अनुसार सीज सामग्री की कीमत 24,900 रुपये और नष्ट स्वीटनर की कीमत 2,400 रुपये है। कारोबारी को सुधार संबंधी नोटिस देने के साथ लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की जा रही है।
कुंजीलाल और जय शिव स्वीट्स पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुंजीलाल स्वीट्स और जय शिव स्वीट्स का भी निरीक्षण किया। कुंजीलाल स्वीट्स से रंगीन हरी बूंदी और खोवा के नमूने लिए गए। करीब 40 किलोग्राम रंगीन हरी बूंदी नष्ट कराई गई। जय शिव स्वीट्स से रंगीन राजभोग का नमूना लेने के साथ करीब 45 किलोग्राम मिठाई नष्ट कराई गई।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी गुणवत्ता
सहायक आयुक्त खाद्य अजय जायसवाल ने बताया कि नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। कारोबारियों को सुधार के निर्देश भी दिए हैं।
कारीगरों के रहने और खाने की जगह भी दुकान परिसर
दोदपुर स्थित बर्फीज, ताज स्वीट्स और शाहजी स्वीट्स में निरीक्षण के दौरान कारीगरों के काम करने वाली जगह पर ही रहने और खाने-पीने की व्यवस्था मिली। टीम ने बूंदी के लड्डू और खोवा-चीनी के नमूने भी लिए। सेंटर पाइंट स्थित विकास स्वीट्स में दीवारों पर निर्धारित ऊंचाई तक टाइलें लगी नहीं मिलीं। विकास स्वीट्स, सिंध स्वीट्स और बांके बिहारी स्वीट्स से सोनपापड़ी, मिल्क केक और बर्फी के नमूने लिए गए। इन दुकानों को कमियां दूर करने की चेतावनी दी गई है।
- 30 अप्रैल-16 क्विंटल संदिग्ध पनीर पकड़ा : सबलपुर गांव में करीब 16 क्विंटल कथित नकली पनीर पकड़ा गया। पनीर की खेप अमेठी भेजी जा रही थी। निर्माण इकाई सील, तीन पर केस दर्ज हुआ।
- 16 जून - सॉस फैक्टरी से 920 किलो उत्पाद सीज : देहली गेट के पीछे रिया गोल्ड ब्रांड की फैक्टरी में गंदगी का वीडियो सामने आने के बाद छापा पड़ा। 920 किलो रेड-ग्रीन सॉस सीज किया गया और 150 किलो अस्वच्छ उत्पाद नष्ट कराया गया। मैरिस रोड की दूसरी इकाई पर भी कार्रवाई हुई।
- 17 जुलाई - पनीर निर्माण का कच्चा माल नष्ट : एक पनीर फैक्टरी में करीब 1.79 लाख रुपये का कच्चा माल नष्ट कराया गया। विभाग ने नमूने लिए और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की कार्रवाई की।
- 22 अगस्त - 100 किलो से अधिक खोवा-पनीर जब्त : अचलताल स्थित दुकानों पर कार्रवाई की गई। 100 किलो से अधिक संदिग्ध मावा और पनीर जब्त कर नष्ट कराया गया।
- 25 अगस्त - विजयगढ़ में 17 क्विंटल खोवा नष्ट : रिपोर्ट के अनुसार, खोवा बनाने में सेलखड़ी, मिल्क पाउडर और वनस्पति घी के इस्तेमाल की आशंका पर कार्रवाई हुई। करीब 17 क्विंटल खोवा नष्ट कराया गया।
- 3 सितंबर - पनीर फैक्टरी का बॉयलर सील: टप्पल के नरवारी गांव में 90 किलो रिफाइंड पाम ऑयल और 225 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर जब्त किया। बदबूदार दूध, क्रीम और खोवा नष्ट कराए गए।
- 5 सितंबर - मसाला फैक्टरी से करीब 410 किलो मसाले सीज : हरदुआगंज क्षेत्र के नगला मीरपुर में धनिया, हल्दी और मिर्च पाउडर समेत करीब चार क्विंटल मसाला सीज किया गया। तीन नमूने जांच के लिए भेजे
- 16 अक्तूबर - रात में पनीर इकाई पर छापा : सुदेशपुर में करीब तीन क्विंटल संदिग्ध पनीर, 200 लीटर मिश्रित दूध और 40 किलो छेना मिला। छह नमूने लेकर सामग्री नष्ट कराई गई। लाइसेंस या पंजीकरण नहीं मिलने पर निर्माण कार्य बंद।
मिलावटी मिठाई का असर लिवर-किडनी पर
जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जमील अहमद के मुताबिक, मिलावटी मिठाई, दूषित खोवा, नकली पनीर और खाद्य रंगों या रसायनों का गलत इस्तेमाल दूषित खाद्य पदार्थ खाने से उल्टी-दस्त, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग हो सकती है। कुछ प्रतिबंधित या जहरीले रसायनों के सेवन से लिवर, किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
ये बरतें सावधानी
- मिठाई हमेशा साफ-सुथरी और विश्वसनीय दुकान से खरीदें।
- खुली, बदबूदार, रंग छोड़ने वाली या असमान्य स्वाद वाली मिठाई खाने से बचें।
- पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी और सामग्री की जानकारी देखें।
- मिठाइयों को उचित तापमान पर रखें और लंबे समय तक खुले में रखे खाद्य पदार्थ न खाएं।
- खाने के बाद उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसे लक्षण हों तो पर्याप्त तरल लें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।