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Aligarh News: सड़कें तो हुईं चौड़ी, पर सिकुड़ गईं छांव, विकास कार्यों के लिए गंवा दिए छह हजार हरे-भरे पेड़
आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Mon, 25 May 2026 03:19 PM IST
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सार
पेड़ों की कटाई के बाद अब उनकी भरपाई का दावा भी किया जा रहा है। नियमों के अनुसार जितने पेड़ काटे जाते हैं, उसके बदले दस गुना पौधे लगाए जाते हैं। इसी के तहत अलीगढ़ जिले में 59,900 पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जगह तलाशने का काम चल रहा है।
रामघाट रोड पर पेड़ काटने के बाद गाड़ी में लोड करते कर्मचारी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सड़क चौड़ीकरण, हाईवे निर्माण और फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए अलीगढ़ ने करीब छह हजार पेड़ों की हरियाली गंवा दी है। इन पेड़ों में नीम, जामुन, शीशम, पिलखन, यूकेलिप्टस और सप्तपर्णी जैसे घने छायादार पेड़ शामिल थे। 42 डिग्री की भीषण गर्मी में अब राहगीरों को इन्हीं पेड़ों की छांव याद आ रही है।
विभिन्न विकास परियोजनाओं के तहत जिले में कुल 5,990 पेड़ काटे गए हैं। इनमें सबसे अधिक 4,000 पेड़ रामघाट रोड चौड़ीकरण में हटाए गए। वहीं अलीगढ़-पलवल हाईवे निर्माण के लिए 1,700 पेड़ काटे गए। इसके अलावा क्वार्सी और एटा चुंगी फ्लाईओवर निर्माण में 70-70 पेड़ हटाए गए। सारसौल-भांकरी रोड चौड़ीकरण में 78 और सारसौल-नादा पुल मार्ग पर 72 पेड़ों की कटाई हुई।
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पेड़ों की कटाई के बाद अब उनकी भरपाई का दावा भी किया जा रहा है। नियमों के अनुसार जितने पेड़ काटे जाते हैं, उसके बदले दस गुना पौधे लगाए जाते हैं। इसी के तहत अलीगढ़ जिले में 59,900 पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जगह तलाशने का काम चल रहा है।
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यहां पौधारोपण का दावा
सामाजिक वानिकी विभाग के अनुसार रामघाट रोड पर काटे गए पेड़ों के बदले अतरौली क्षेत्र के गंगावास और काका बेगपुर गांव में पौधरोपण कराया जाएगा। अलीगढ़-पलवल हाईवे के बदले भी अलग स्थानों पर पौधे लगाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पौधरोपण के बाद उनकी देखरेख की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रभागीय निदेशक शिवम कुमार ने बताया कि जहां भी पेड़ काटे गए हैं, वहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर दूसरे जिलों में भी पौधे लगाए जा सकते हैं।