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धर्मेंद्र हत्याकांड: हत्या कर नहाया हीरेश, शर्ट बदलने से पकड़ में आया; शुरू में पुलिस को बरगलाया, फिर टूट गया

अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: Akash Dubey Updated Mon, 30 Mar 2026 12:54 PM IST
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सार

टीकाराम कन्या महाविद्यालय में चौकीदार धर्मेंद्र की हत्या हुई। पुलिस ने पार्किंग ठेकेदार हीरेश को हिरासत में लिया, जिसने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस ने हत्या के सबूत बरामद किए।

Dharmendra murder case Hiresh bathed after murder was caught after changing his shirt
धर्मेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

रविवार की सुबह 11:30 बजते ही शहर के प्रतिष्ठित टीकाराम कन्या महाविद्यालय में चौकीदार की हत्या की खबर ने पुलिस के पसीने छुड़वा दिए। अगले ही घंटे में पार्किंग ठेकेदार हीरेश शर्ट बदलने और नाक पर चोट लगने के चलते संदेह के घेरे में आ गया। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि हत्या के बाद वह घर जाकर नहाया, कपड़े बदले और फिर वापस आकर धर्मेंद्र तलाश करने का नाटक करने लगा।

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चौकीदार धर्मेंद्र किशनपुर गली नंबर छह के रहने वाले थे और उनकी अपने पिता स्व. रमेश चंद्र की जगह टीकाराम कन्या महाविद्यालय में मृतक आश्रित के रूप में नौकरी लगी थी। धर्मेंद्र की ड्यूटी इन दिनों सुबह छह बजे से दो बजे तक चल रही थी।

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उनके लापता होने की सूचना पर परिजन व कॉलेज स्टाफ खोज रहा था। 9:30 बजे करीब इलाके की लैपर्ड भी कॉलेज पहुंच गई थी। सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि धर्मेंद्र ने 6:10 बजे कॉलेज में प्रवेश किया है। उनकी बाइक कॉलेज में ही खड़ी है। कॉलेज आकर उन्होंने बाहरी परिसर में जली हुई लाइटें बंद की हैं। इसके बाद वह पार्किंग की ओर गए।

धर्मेंद्र के कॉलेज आने से कुछ समय पहले करीब 5:45 बजे पार्किंग के ठेकेदार हीरेश निवासी प्रीमियर कॉलोनी थाना गांधी पार्क ने कॉलेज में प्रवेश किया है। फिर वह 7:40 बजे करीब कॉलेज से निकला। पार्किंग के पास खेल रहे बच्चों ने सूखी नाली के सहारे खून के धब्बे होने की ओर इशारा किया। इसी बीच कॉलेज स्टाफ ने संदेह जताया कि एक जगह नाली पर पटिया रखी हैं, जो पहले नहीं थी। इसी संदेह पर पटिया हटाई तो धर्मेंद्र का शव मिल गया।

सीओ सर्वम सिंह व अन्य अधिकारियों को मौके पर सबसे पहले पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बताया कि हीरेश ने शर्ट बदली है और नाक पर भी चोट लगी है। इसके बाद अधिकारियों ने हीरेश को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के घर के पास की नाली से धर्मेंद्र का मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त पत्थर और आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद की है।

खून बहने पर सांस चलने का अंदेशा, दी सीपीआर-मेडिकल कॉलेज लेकर भागे 
धर्मेंद्र का शव नाली से निकाला गया तो कमर, पेट व गुप्तांग के आसपास का हिस्सा जला हुआ था। पुलिस का अनुसार, केमिकल व सूखे पत्तों को डालकर जलाने की कोशिश की गई, शव नहीं जला तो नाली में छिपा दिया। इसी बीच किसी ने देखा कि नाक से खून बह रहा है। इस पर सांस चलने का अंदेशा जताया गया। साथी स्टाफ ने वहीं सीपीआर दी और उसके बाद मेडकिल कॉलेज ले गए।

तीन बच्चों को लेकर पत्नी का हाल बेहाल 
चार भाइयों में सबसे बड़े धर्मेंद्र की हत्या की खबर पर उसकी पत्नी ममता, उसकी बड़ी बेटी व दो बेटों का हाल बेहाल है। परिजन उन्हें संभाल नहीं पा रहे। पत्नी ममता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।

वारदात से सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना से टीकाराम कन्या महाविद्यालय में सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलेज को पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत हॉट स्पॉट के रूप में चिह्नित कर रखा है। गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लैपर्ड और महिला पुलिसकर्मी भी सक्रिय रहती हैं। पिछले वर्ष यहां एक छात्रा पर हमले की घटना का शोर मचा था, जांच में वह घटना झूठी साबित हुई थी। कॉलेज के छात्रावास में बाहरी छात्राएं व कामकाजी युवतियां भी रह सकती हैं। इसके लिए क्या नियम हैं, सीओ तृतीय सर्वम सिंह इसकी जानकारी करने की बात कर रहे हैं। पुलिस पुरुष स्टाफ का विवरण भी जुटाने का प्रयास कर रही है।

शुरू में पुलिस को बरगलाया, फिर सख्ती बरतने पर टूट गया
थाने में की गई पूछताछ में हीरेश पहले तो वह पुलिस को टहलाता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर टूट गया। उसने बताया कि धर्मेंद्र कमेटी चलाता था। उसे धर्मेंद्र के एक लाख रुपये देने थे, शनिवार शाम उसने तगादा किया था, जिन्हें सुबह देने का वादा किया। वह सुबह खुद पचास हजार रुपये लेकर धर्मेंद्र के आने से पहले कॉलेज आ गया। धर्मेंद्र आया तो उसे वह पार्किंग के पीछे के हिस्से में ले जाकर वहां पचास हजार रुपये देने लगा।

इसी बात पर विवाद हुआ तो गुस्से में उसने धर्मेंद्र की हत्या कर दी। हत्या के बाद किसी को संदेह न हो, इसलिए वह लैब सहायक संजीव के पास पहुंचा। उन्हें रोजाना की तरह चाय पीने के लिए ले गया। उन्होंने धर्मेंद्र के विषय में पूछा तो बता दिया कि उसने धर्मेंद्र का पूरा हिसाब कर दिया है। वह अभी कहां है ये नहीं पता। तलाश के दौरान उसने पुलिस के सामने उसने कहा कि वह रुपये लेकर आया था, मगर धर्मेंद्र नहीं आया। इसी बात पर संजीव ने उसके बदले बयान को पकड़ा और पुलिस को जानकारी दी।

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