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भाजयुमो की गैंगवार: सिफारिश-दबाव के बीच नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी, पहले सीओ से मिले नेता, फिर बुलाए तीनों आरोपी

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Tue, 17 Mar 2026 10:51 AM IST
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सार

आरोपी यश गोयल के चाचा वरिष्ठ भाजपा नेता संजय गोयल, सुबोध स्वीटी संग कुछ युवा मोर्चा कार्यकर्ता एसएसपी से मिलने उनके कार्यालय पर पहुंचे। खबर आई कि कुछ जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों के बाद यह नेता मिलने आए हैं।  फिर शोर मचा कि तीनों आरोपी सरेंडर करने आ रहे हैं। तीनों आरोपी वहां पहुंच गए और बन्नादेवी पुलिस तीनों को थाने ले गई।

Dramatic arrest amid recommendation and pressure
सीओ से मुलाकात के बाद बाहर आए भाजपा नेता संजय गोयल व अन्य - फोटो : संवाद
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विस्तार

अलीगढ़ में भाजयुमो की गैंगवार में हर्षद व उसके गुट का गिरफ्तारी के बाद का हाल देख दूसरा गुट सकते में था। ऊपर से पुलिस ने परिजनों को उठाकर दबाव बनाया, जिससे गुट के हाथ पांव फूले हुए थे। बस इसी दबाव के बाद सियासी सिफारिश शुरू हुई और परिणाम हुआ कि सोमवार को तीनों न्यायालय में सरेंडर के शोर के बीच खुद पुलिस के सामने हाजिर हो गए।

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इस नाटकीय गिरफ्तारी के दौरान खुद पुलिस व वरिष्ठ भाजपाई और भाजयुमो सुबह दस बजे से 12 बजे तक चकरघिन्नी बने रहे। हुआ यूं कि बृहस्पतिवार की घटना के बाद शुक्रवार को एक गुट के हर्षद हिंदू सहित सात साथी व आठवां दूसरे गुट का घायल जेल भेजा गया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे पुलिस वाहन से लंगड़ाते व हाथ जोड़कर निकलते देखे गए। इस वीडियो ने अन्य फरार आरोपियों, दूसरे गुट व उनके परिजनों में डर कायम कर दिया था।
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यह भी पढ़ें... भाजयुमो की गैंगवार: तब हर्षद लंगड़ाते, हाथ जोड़ते निकला-अब शशांक खुद चलकर आया
उसी दिन से पुलिस के पास इस तरह की सिफारिशें पहुंच रही थीं कि एक या दो दिन का समय मिल जाए तो बाकी को भी हाजिर करा दिया जाएगा। पुलिस स्तर से कोई ठोस भरोसा नहीं मिला। शनिवार को कुछ आरोपियों के परिजन दबाव की रणनीति के तहत उठाए गए। उसके बाद से ही दूसरे गुट के सरेंडर होने की खबरें आने लगीं। रविवार रात तक इनपुट था कि सुबह कुछ लोग कोर्ट में पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चले जाएंगे। इन्हीं खबरों के बीच सुबह से पुलिस कोर्ट में सक्रिय थी।

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आरोपी शशांक पंडित, यश गोयल व हनी शिवाजी पुलिस गिरफ्त में - फोटो : संवाद

इसी बीच अचानक से 11 बजे एक आरोपी यश गोयल के चाचा वरिष्ठ भाजपा नेता संजय गोयल, सुबोध स्वीटी संग कुछ युवा मोर्चा कार्यकर्ता एसएसपी से मिलने उनके कार्यालय पर पहुंचे। खबर आई कि कुछ जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों के बाद यह नेता मिलने आए हैं। एसएसपी विधान परिषद समिति की बैठक में जा रहे थे। इसलिए उनके निर्देश पर भाजपा नेताओं ने सीओ तृतीय से मुलाकात की। यहां कुछ बात हुई, इसके बाद यह नेता एसएसपी कार्यालय से बाहर आ गए। तब तक वहां बन्नादेवी, सिविल लाइंस आदि थानों का फोर्स भी था।

फिर शोर मचा कि तीनों आरोपी सरेंडर करने आ रहे हैं। इसी शोर के बीच भाजपा नेता तो पुलिस लाइन के बाहर आ गए। मगर फोन पर हुए इशारों में सफेद रंग की स्कार्पियो अचानक से पुलिस लाइन के पीछे जेल पुल के पास पहुंची। इंस्पेक्टर बन्नादेवी वहां पहुंच गए और तीनों आरोपी स्कार्पियो से उतारकर बन्नादेवी पुलिस ने थाने ले गई।

सराय हकीम कांड में तीन आरोपियों ने खुद पुलिस के पास पहुंचकर सरेंडर किया है। इसके लिए कुछ भाजपाई पहले मिलने आए थे, मगर मुलाकात नहीं हो सकी। अब हमारी टीम अन्य आरोपियों की तलाश को प्रयासरत है। बाकी अवैध कारोबार की जांच व अन्य कार्रवाई-प्रक्रिया जारी है।-नीरज जादौन, एसएसपी

आरोपी योगी पर अन्य अपराध भी होंगे तामील, हर्षद के नाम पर जांच
इस कांड में अब तक जेल गए आरोपियों में आधा दर्जन आरोपी ऐसे हैं, जिन पर पहले से अपराध दर्ज हैं। इनमें भाजयुमो मंत्री योगेंद्र योगी पहले से बन्नादेवी के होटल में वेश्यावृत्ति के मामले में व सिविल लाइंस में मैरिस रोड पर भाजपा अनुसूचित मोर्चा नेता राकेश सहाय से मारपीट के मामले में वांछित है। पुलिस इन दोनों मामलों में योगी पर न्यायालय में रिमांड तामील कराएगी। इसके लिए उसे जल्द न्यायालय से तलब कराया जाएगा। इसी तरह हर्षद भी राकेश सहाय से मारपीट के मामले में नामजद है। घटना के बाद से ही यह साफ था कि वह घटनास्थल पर नहीं था। इसके लिए उसकी भूमिका की जांच के आधार पर निर्णय होगा। एसपी सिटी के अनुसार इस विषय में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जेल में सिर्फ परिजनों से मुलाकात, अलग अलग रहेंगे दोनों गुट
इस कांड के दोनों गुटों के 11 आरोपी अब तक जेल पहुंच गए हैं। चूंकि मामला दोनों गुटों में गैंगवार का है। इसलिए कारागार प्रशासन भी सख्त रुख अपनाए हुए है। आरोपियों से बेवजह किसी की मुलाकात पर प्रतिबंध लगाया गया है। गैंगवार के बीच मुलाकात में कोई किसी तरह की साजिश न रच जाए। इसको ध्यान में रखकर तय किया है कि जेल नियम के अनुसार सभी आरोपी अपने परिवार के दस-दस सदस्यों के नाम देंगे, उन्हीं से मुलाकात कराई जाएगी। अब तक पहले जेल गए आठ लोगों ने नाम दे दिए हैं। इसी तरह सोमवार को जेल जाने वालों से भी नाम मांगे गए हैं।कारागार अधीक्षक बृजेंद्र कुमार के अनुसार दोनों गुटों को अलग अलग बैरकों में भी रखा जा रहा है।

अग्रिम जमानत को अदालत में पहली जमानत अर्जी दायर
इस कांड के कुछ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी ओर से बाहर से बाहर जमानत के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी प्रयास के क्रम में हर्षद गुट के प्रखर राठी के अधिवक्ता की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी सत्र न्यायालय में सोमवार को दायर की गई है। इस पर सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है। इधर, सोमवार को गिरफ्तार किए गए शशांक पंडित व हनी शिवाजी के अधिवक्ता ने भी दोनों की निचली अदालत में जमानत अर्जी दायर कर दी है।

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