Anemia: एएमयू में हुआ शोध, देश में हर दूसरी गर्भवती एनीमिया की शिकार, सुपर मिक्स बना सहारा
बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मिलेट्स और चने के सत्तू को मिलाकर एक पाउडर तैयार किया है। इसका प्रभाव जानने के लिए अलीगढ़ जिले के अलग अलग गांव में इसका परीक्षण हुआ। इस दौरान पाया कि पारंपरिक टेक-होम राशन में जहां पहले केवल सत्तू दिया जाता था, वहीं इस नए फॉर्मूले में मिलेट्स जोड़ने से गुणवत्ता कई गुना बढ़ गई जिसका लाभ महिलाओं को मिला।
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देश में हर दूसरी गर्भवती महिला एनीमिया से जूझ रही है और कुपोषण मां-शिशु स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शोधकर्ताओं ने सत्तू-मिलेट का ऐसा सुपर मिक्स तैयार किया है जो इस संकट से लड़ने की नई उम्मीद बन गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2025 के अनुसार, भारत में 15-49 आयु वर्ग की 50% से अधिक महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हैं। गर्भावस्था के दौरान यह स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे कम वजन के शिशु, प्रसव जटिलताएं और मातृ मृत्यु का जोखिम बढ़ता है। कुपोषण और पोषण की कमी ग्रामीण इलाकों में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
एएमयू से जुड़ी शोधार्थी डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मिलेट्स और चने के सत्तू को मिलाकर एक पाउडर तैयार किया है। इसका प्रभाव जानने के लिए अलीगढ़ जिले के अलग अलग गांव में इसका परीक्षण हुआ। इस दौरान पाया कि पारंपरिक टेक-होम राशन में जहां पहले केवल सत्तू दिया जाता था, वहीं इस नए फॉर्मूले में मिलेट्स जोड़ने से गुणवत्ता कई गुना बढ़ गई जिसका लाभ महिलाओं को मिला। टीम अब एक और उन्नत हेल्थ मिक्स पाउडर विकसित कर रही है, जिसमें अतिरिक्त विटामिन और पोषक तत्व शामिल होंगे। शोधकर्ताओं का मानना है कि स्थानीय और सस्ते विकल्प होने के कारण इसका असर व्यापक हो सकता है।
एनीमिया से लेकर हड्डियों तक सुरक्षा
डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि यह प्रीमिक्स आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है, जो एनीमिया कम करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर की समग्र सेहत सुधारने में मदद करता है। आसान पाचन और जल्दी तैयार होने की वजह से यह बड़े पैमाने पर उपयोग में लाया जा सकता है।
पाउडर में इन्हें मिलाया
शोधकर्ताओं ने अपने सुपर मिक्स पाउडर को संतुलित पोषण के हिसाब से तैयार किया है। इसमें आठ ग्राम चने का सत्तू आधार के रूप में रखा गया है, जिसके साथ तीन ग्राम रागी और दो-दो ग्राम बाजरा व ज्वार जैसे पोषक मिलेट्स जोड़े गए हैं। स्वाद और ऊर्जा के लिए इसमें 10 ग्राम देसी खांड मिलाई गई है। यह संयोजन न सिर्फ पोषक तत्वों का संतुलन बनाता है, बल्कि इसे आसानी से सेवन योग्य और प्रभावी भी बनाता है।
अलीगढ़ की स्थिति
- 40 फीसदी से ज्यादा अलीगढ़ की महिलाओं में खून की कमी, कुपोषण भी।
- 60 फीसदी प्रभावित महिलाएं ग्रामीण या शहरी बस्तियों से।
- 66 फीसदी महिलाएं गर्भावस्था की पहली तिमाही में नहीं करा रहीं चिकित्सा जांच।
- 35 फीसदी महिलाओं में आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन की कमी।
- 45 फीसदी महिला मरीज कमजोरी, चक्कर, थकान से परेशान पहुंच रहीं जेएन मेडिकल कॉलेज।