Aligarh News: कुकर्म में विफल रहने पर की बालक की हत्या, आरोपी दबोचा, रात से लापता था मासूम
बालक की मां तीन वर्ष पहले पति व बच्चों को छोड़कर चली गई थी। इसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटी। उसने किसी अन्य संग रहना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने बच्चों के पास भी वापस लौटना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि बच्चों का हाल चाल लेती रहती थी। शुक्रवार सुबह बच्चे की हत्या की खबर पर वह यहां पहुंची।
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अलीगढ़ महानगर से सटे गांधीपार्क के गांव में बृहस्पतिवार रात मजदूर परिवार के 10 वर्षीय बालक से कुकर्म की कोशिश की। विफल होने पर गांव में काम कर रहे राजमिस्त्री ने हत्या कर दी। उसके सिर में किसी वजनी वस्तु से चोट पहुंचाई गई। जिससे उसकी जान चली गई। बालक का शव 10 अप्रैल सुबह खेत में मिला। खबर पर एसएसपी सहित पुलिस टीम ने पहुंचकर जांच-पड़ताल की। देर रात पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बालक के पिता के साथ काम करने वाले हत्यारोपी राजमिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया।
घटनाक्रम के अनुसार मजदूर के तीन बच्चों दो बेटे व एक बेटी में मझला बेटा गांव के पास के ही एक स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था। परिवार के अनुसार बृहस्पतिवार शाम खाना खाने के बाद करीब सात बजे वह घर के दरवाजे पर खेलते समय अचानक गायब हो गया। इसके बाद देर रात तक जब वह नहीं मिला तो उसकी तलाश शुरू की। रात दो बजे तक खोजने पर भी बच्चा कहीं नहीं मिला। परिजन सुबह थाने जाकर शिकायत करने की बात सोचकर थककर बैठ गए।
10 अप्रैल सुबह बालक के ताऊ जब गांव से बाहर शौच को निकले। तभी खेत में बंसी का शव मिला। उसके नाक व मुंह से खून बह रहा था। इस सूचना पर गांव की भीड़ जमा हो गई। खबर पर एसएसपी नीरज जादौन, एसपी सिटी आदित्य बंसल, सीओ द्वितीय धनंजय, इंस्पेक्टर गांधीपार्क आदि फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वायड संग पहुंच गए। जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम में उजागर हुआ कि उसके सिर में किसी वजनी वस्तु से प्रहार किया गया। जिससे सिर में गुम चोट आने के साथ खून का थक्का जम गया और मौत हो गई। चेहरे पर भी खरोंच के निशान पाए गए हैं। शाम को शव का कोहराम के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। देर रात पुलिस तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही थी।
बालक की हत्या के मामले में मिली जानकारियों के आधार पर हत्यारोपी जगदीश को गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।-नीरज जादौन, एसएसपी
परिवार ने मांगी मदद, मिला मकान का आश्वासन
पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव ले जाया गया तब परिवार व ग्रामीणों की ओर से परिवार के आर्थिक हालात को देखते हुए मकान की मदद मांगी। इस पर नायब तहसीलदार ने वहां पहुंचकर आवेदन के आधार पर मकान दिलाने की प्रक्रिया का भरोसा दिलाया। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
हत्या की खबर पर तीन साल बाद लौटी मां, दादी बोली मांग कर खाई रोटी
इस परिवार के विषय में उजागर हुआ कि बालक की मां तीन वर्ष पहले पति व बच्चों को छोड़कर चली गई थी। इसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटी। उसने किसी अन्य संग रहना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने बच्चों के पास भी वापस लौटना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि बच्चों का हाल चाल लेती रहती थी। शुक्रवार सुबह बच्चे की हत्या की खबर पर वह यहां पहुंची। इस बीच अपनी सास से बेटे को लेकर पूछा तो उसने यह ही कहा कि मुझसे रोटी मांगकर खाने के बाद खेलने गया था। फिर नहीं लौटा। यह कहकर दादी बिलखने लगी।