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Aligarh News: विरोध के बाद बैकफुट पर आया प्रशासन..अब मीट निर्यातक फर्म के दान से जेल में नहीं बनेगी गोशाला

Sat, 21 Jun 2025 01:46 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 21 Jun 2025 01:46 PM IST
सार

अलीगढ़ जेल में गोशाला के लिए मीट निर्यातक द्वारा दान दिया जाना था। इसका विरोध होने पर प्रशासन को अपना निर्णय बदलना पड़ा। अब मीट निर्यातक के दान से गोशाला नहीं बनेगी। अब किसी अन्य इंडस्ट्री से मदद मांगी जाएगी।

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Gaushala in Aligarh jail with the donation of meat exporting firm
अलीगढ़ जेल - फोटो : स्वयं

विस्तार

प्रदेश के सबसे बड़े मीट निर्यातक हाजी जहीर की फैक्टरी अल दुआ मीट इंडस्ट्री के दान से जेल में गोशाला का निर्माण कराए जाने के निर्णय पर प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। प्रशासन के इस निर्णय का 20 जून को जबरदस्त विरोध हुआ। खुद शहर विधायक ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सीएम व डीएम तक को पत्र लिख दिया। अधिकारियों तक फोन पहुंचने लगे। इसके बाद तय किया गया कि अब इस इंडस्ट्री के दान से गोशाला नहीं बनेगी। अब किसी अन्य इंडस्ट्री से मदद मांगी जाएगी।

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जेल के निरीक्षण में डीएम-एसएसपी द्वारा जेल में गोशाला संचालित करने पर विचार किया। तभी तय किया गया कि किसी निर्यातक कंपनी से सीएसआर फंड लेकर निर्माण कार्य कराए जाएं। जिला प्रशासन ने उद्योग विभाग को सीएसआर फंड दिलाने का काम दिया। उद्योग विभाग ने दस गायों की गोशाला के लिए प्रदेश के सबसे बड़े मीट निर्यातक हाजी जहीर की अल दुआ मीट निर्यातक फैक्टरी ने सीएसआर फंड से 15 लाख रुपये देना तय करा दिया। 
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20 जून को यह खबर सार्वजनिक होते ही प्रशासन के इस निर्णय का विरोध शुरू हो गया। सबसे पहले सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी शुरू हुई। दोपहर में शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा ने इस विषय पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सीएम व डीएम को पत्र लिख दिया। इस विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय बदल दिया है। अब इस कंपनी से गोशाला के लिए दान नहीं लिया जाएगा।

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जिले में कई बेहतर काम इस तरह की इंडस्ट्री के सीएसआर फंड से होने हैं। मगर गोशाला के लिए मीट इंडस्ट्री के दान को लेकर विरोध की खबरें आ रही हैं। इसलिए जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए गोशाला अब इस फर्म के दान से न बनाना तय किया गया है। इसके लिए अब किसी अन्य कंपनी से दान लेकर काम कराया जाएगा।-प्रखर कुमार सिंह, सीडीओ

बड़े दुर्भाग्य का विषय है कि जिस मीट इंडस्ट्री के चलते शहर पिछले डेढ़ दशक से चर्बी की दुर्गंध झेल रहा है। उसी के सहयोग से जेल में गोशाला बनवाकर सनातन समाज का अपमान किया जा रहा है। लोगों में इसका विरोध है। प्रशासन चाहे तो सरकार को प्रस्ताव बनाकर मदद ले सकता है। इस तरह आस्था का अपमान नहीं करना चाहिए। हम खुद सक्षम हैं। इसी को लेकर विरोध में पत्र लिखा गया है।-मुक्ता संजीव राजा, विधायक शहर क्षेत्र

प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ अगले सप्ताह में सीएम से मुलाकात की जाएगी। विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा।-मानव महाजन, वरिष्ठ भाजपा नेता
प्रशासन का यह निर्णय सनातन समाज के मुंह पर तमाचा है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। जरूरत हुई तो सडक़ पर उतरा जाएगा।-हर्षद हिंदू, मंत्री भाजयुमो

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