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Aligarh Defence Corridor: प्रोजेक्ट को बड़ा झटका, 124 करोड़ निवेश वाली तीन कंपनियों से छीनी जमीन
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 05 Jun 2026 04:42 PM IST
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सार
अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर को प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। ऐसे में शुरुआती चरण में ही तीन इकाइयों का बाहर होना परियोजना की प्रगति को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अलीगढ़ डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
- फोटो : एआई
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विस्तार
अलीगढ़ डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के फेज-1 में आवंटित भूमि पर तय समय में उद्योग स्थापित न करने वाली तीन कंपनियों के भूखंड निरस्त कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पांच वर्ष बाद भी निर्माण और औद्योगिक गतिविधियां शुरू न होने पर यह कार्रवाई की है। इससे करीब 124 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
यूपीडा की ओर से जारी आदेश के अनुसार जुलाई 2021 में 100 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के लिए जय साई अनु को आवंटित 4.5 हेक्टेयर भूमि, जून 2021 में 20 करोड़ रुपये के निवेश के लिए नवराज मेटल्स को आवंटित 1.6 हेक्टेयर भूमि तथा चार करोड़ रुपये के निवेश के लिए पीबीएम इंसुलेशंस को आवंटित 0.4 हेक्टेयर भूमि का आवंटन रद्द कर दिया गया है।
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प्राधिकरण के अनुसार इन कंपनियों को भूमि आवंटन के बाद उद्योग स्थापना, निर्माण कार्य और उत्पादन शुरू करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया। कई नोटिस जारी करने के बाद भी संतोषजनक प्रगति न मिलने पर भूखंड निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
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अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर को प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। इसका उद्देश्य रक्षा उत्पादन से जुड़ी इकाइयों को आकर्षित कर निवेश और रोजगार बढ़ाना है। ऐसे में शुरुआती चरण में ही तीन इकाइयों का बाहर होना परियोजना की प्रगति को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।
निरस्त हुए आवंटन
- जय साई अनु : 4.5 हेक्टेयर, प्रस्तावित निवेश 100 करोड़ रुपये
- नवराज मेटल्स : 1.6 हेक्टेयर, प्रस्तावित निवेश 20 करोड़ रुपये
- पीबीएम इंसुलेशंस : 0.4 हेक्टेयर, प्रस्तावित निवेश 4 करोड़ रुपये
- कुल भूमि : 6.5 हेक्टेयर
- प्रस्तावित निवेश : 124 करोड़ रुपये