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कवर खोला तो खुला राज: 'मक्के की पर्ची' बनी पुलिस की तीसरी आंख, ऐसे खोज निकाला मोबाइल का असली मालिक
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 19 Jun 2026 06:27 PM IST
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सार
पुलिसकर्मी एक मामले को निपटाकर वापस लौट रहे थे। तभी कासिमपुर बम्बा के पास सड़क किनारे उन्हें चमचमाता हुआ एक 'रियलमी' कंपनी का मोबाइल फोन लावारिस हालत में पड़ा मिला। पुलिस ने फोन उठाया, लेकिन वह लॉक था, जिससे मालिक का पता लगाना नामुमकिन लग रहा था।
मोबाइल को उसके असली मालिक सौंपता पुलिस कर्मी
- फोटो : पुलिस
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विस्तार
कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, पुलिस उस तक पहुंचने के लिए कोई न कोई सुराग ढूंढ ही लेती है। लेकिन इस बार अलीगढ़ की यूपी-112 पुलिस ने किसी मुजरिम को नहीं, बल्कि एक खोए हुए मोबाइल के असली मालिक को ढूंढने के लिए एक ऐसा सुराग इस्तेमाल किया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। पुलिस के लिए यह अंधेरे में तीर चलाने जैसा था, लेकिन जरिया बनी, मक्का बेचने की एक छोटी सी रसीद (पर्ची)।
सड़क पर गिरा मिला 'रियलमी' का फोन
मामला अतरौली थाना क्षेत्र का है। 19 जून को पीआरवी संख्या-8707 के पुलिसकर्मी एक मामले को निपटाकर वापस लौट रहे थे। तभी कासिमपुर बम्बा के पास सड़क किनारे उन्हें चमचमाता हुआ एक 'रियलमी' कंपनी का मोबाइल फोन लावारिस हालत में पड़ा मिला। पुलिस ने फोन उठाया, लेकिन वह लॉक था, जिससे मालिक का पता लगाना नामुमकिन लग रहा था।
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कवर खोला तो खुला राज का पिटारा !
जब पुलिस टीम ने मोबाइल के कवर को हटाया, तो उसमें से नोटों के साथ अनाज मंडी अतरौली की मक्का बिक्री की एक पर्ची निकली। बस फिर क्या था, पुलिसकर्मियों के दिमाग की बत्ती जली। पर्ची के आधार पर पुलिस को पता चला कि मोबाइल का कनेक्शन बुलंदशहर के रामघाट क्षेत्र के ग्राम जरगमा से है।
'सी-प्लान' ऐप और एक फोन कॉल ने कर दिया कमाल
पीआरवी टीम ने तुरंत डिजिटल हथियार सी-प्लान ऐप का इस्तेमाल किया और जरगमा गांव के लोगों से संपर्क साधकर मोबाइल के असली मालिक की टोह लेनी शुरू की। इसी बीच, खोए हुए मोबाइल पर एक घंटी बजी। पुलिस ने तुरंत फोन उठाया और दूसरी तरफ परेशान खड़े शख्स को तसल्ली देते हुए कहा घबराइए मत, आपका फोन अतरौली पुलिस के पास सुरक्षित है।
चेहरे पर लौटी मुस्कान
कुछ ही देर में मोबाइल के असली मालिक कमल सिंह (पुत्र बाबू सिंह, निवासी जरगमा, बुलंदशहर) भागते-दौड़ते रायपुर पहुंचे। पुलिस ने पूरी पड़ताल और पहचान पक्की करने के बाद कमल सिंह का मोबाइल और कवर में रखे पैसे उनके सुपुर्द कर दिए। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर कमल सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहां मौजूद आम जनता ने यूपी-112 पुलिस की इस ईमानदारी, सूझबूझ और मुस्तैदी की जमकर तारीफ की।