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Aligarh News: भाजयुमो गैंगवार पर सांसद खामोश..ईद पर बोले-अब क्या छाती पर चढ़ेंगे
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एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष की नुमाइश मैदान में नमाज व नमाजियों पर पुष्पवर्षा की मांग पर सांसद सतीश गौतम ने मुस्लिम समुदाय पर एक बार फिर कड़ी टिप्पणी की है। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वे तगड़ा तंज कसते हुए कह रहे हैं कि सरकारी व्यवस्थाओं का मुस्लिम सर्वाधिक फायदा ले रहे हैं, बाकी की कोई आवश्यकता नहीं। अब क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे। उनकी इस टिप्पणी पर विपक्ष हमलावर है और यहां तक कह दिया कि भाजयुमो की गैंगवार पर वे क्यों चुप्पी साधे रहे, क्योंकि गैंगवार में शामिल अधिकांश अपराधी उनके साथ घूमते हैं।
सांसद सतीश गौतम का रविवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें उनके समक्ष कुछ मीडियाकर्मियों ने एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन से ईद पर नुमाइश मैदान में नमाज कराने व नमाजियों पर पुष्पवर्षा की मांग पर सवाल किया है। इस सवाल के जवाब में सांसद ने तंज कसते हुए कहा है कि इनको इतनी बड़ी जगह दी हुई है। इतना अतिक्रमण इन्होंने सपा के समय में किया हुआ है। इन्हें अब क्या जरूरत है। हमारी होली व दीपावली घरों में मनाई जाती है। इनके यहां लोग एकत्रित होते हैं। हमारे यहां कोई एकत्रित नहीं होता।
लोग घर-घर जाकर व गले मिलकर पर्व मनाते हैं। तंज कसते हुए रमजान व ईद का नाम लिए बिना सांसद कहते हैं कि इनका कौन सा त्योहार आता है, जिसमें ये एकत्रित होते हैं। हमारा पर्व भी तो मनाया जाता है। इसकी आवश्यकता नहीं। फिर वे ईदगाह का नाम लिए बिना कहते हैं कि मुझसे तो बोला भी नहीं जाता। बच्चों की परीक्षा चल रही है। अजान को लेकर सांसद कहते हैं कि सुबह चार बजे से वहां से चिल्लाते हैं। कांवड़ियों की तर्ज पर पुष्पवर्षा पर वे कहते हैं कि सरकार सभी व्यवस्था करा रही है। मकान, राशन आदि तो मिल रहा है और क्या लेंगे। सभी फायदे ले रहे हैं ये। एम्स देख लो, मेडिकल व मलखान देख लो। सर्वाधिक भीड़ इनकी होती है। सरकारी व्यवस्थाओं का सबसे अधिक फायदा मुस्लिम ले रहे हैं। अब क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे।
विपक्ष हमलावर..साथ चलने वाले अपराधियों पर नहीं बिगड़े सांसद
-सांसद सतीश गौतम शशांक पंडित जैसे हिस्ट्रीशीटर को अपना संरक्षण देते हैं। शशांक पंडित पहले भी जेल जा चुका है। इनके फोटो इसकी गवाही देते हैं। भाजपा ने हमेशा अपराधियों को संरक्षण दिया है। सांसद को बताना चाहते हैं कि यह देश संविधान से चलता है। यहां दिवाली भी और ईद भी धूमधाम से मनाई जाती है। आपसी भाईचारे के साथ। इस तरह का बयान देना एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता। इस तरह के बयान वे गैंगवार में फायरिंग की घटना से ध्यान भटकने के लिए दे रहे हैं।
-मो.मोहसिन मेवाती, अध्यक्ष सपा छात्र सभा
-आज सांसद सतीश गौतम ने विवादित बयान देकर समाज को बांटने का जो प्रयास किया है, वह निंदनीय है। देश, प्रदेश और शहर के लोग आपसी सौहार्द और प्यार मोहब्बत से सभी त्योहार मानते आए हैं और आगे भी मनाते रहेंगे। मगर हताश और निराशा लोग हमेशा परेशान रहेंगे। देश के लोगो को जल्द समझ आ जाएगा और समाज को बांटने वाले और सामाजिक बंटवारा करने वाले लोगों का समाज व सियासत में कोई स्थान नहीं बचेगा।-सलमान शाहिद, पूर्व मेयर प्रत्याशी बसपा
-सांसद द्वारा समुदाय विशेष को लेकर दिया गया बयान बेहद आपत्तिजनक, गैर-जिम्मेदाराना और समाज को बांटने वाला है। एक जनप्रतिनिधि से यह उम्मीद की जाती है कि वह सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करे, लेकिन सांसद जी बार-बार अपने बयानों से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते नजर आते हैं। उन्हें अपने इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए।-संजीव कौशिक, जिला अध्यक्ष आप
-गांजा, सट्टा के व्यापार, फायरिंग, आईपीएल, गुंडई पर भी कुछ बयान होता तो अच्छा होता। सांसद जी को ईदगाह का नाम लेना नहीं आता, रमज़ान, ईद के बारे जानकारी नहीं है। सरकारी व्यवस्था का अगर मुस्लिम फायदा ले रहा तो हिंदुस्तान के संविधान के तहत ले रहा है। आप अपनी जेब से नहीं दे रहे हैं। टैक्स मुस्लिम भी देता है। यह बात ठीक है कि पंचर लगाने वाला मुस्लिम मजदूर है, लेकिन टैक्स देने में भी मुस्लिम पीछे नहीं हैं। पहले आप कार्यकर्ताओं को सही नसीहत दें। जो अपराध में शामिल हुए हैं, उनके लिए सांसद कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं।
-आमिर आबिद, अध्यक्ष सपा युवजन सभा
ये हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का विवाद है, निपटा लेंगे : सांसद
वीडियो बयान के बाद विपक्ष के गैंगवार से जुड़े आरोपों पर सांसद सतीश गौतम का कहना है कि सराय हकीम की घटना में जो लोग शामिल हैं, वे हमारी पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी हैं। उनमें कुछ गलतफहमियों के चलते विवाद हुआ। जिसमें पुलिस न्याय संगत अपना काम कर रही है। मगर हम उन विवादों को मिल बैठकर निपटवाएंगे। रहा सवाल साथ रहने या फोटो आदि होने का तो पार्टी कार्यकर्ता हैं। हमारे जैसे सभी जनप्रतिनिधियों के पास उनका आना जाना रहता है। ऐसे में फोटो साथ में होना कोई अपराध नहीं। हमारी तरह अन्य बहुत से नेताओं व जनप्रतिनिधियों के साथ उनके फोटो होंगे। इसे संरक्षण से जोड़ना गलत है।
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सांसद सतीश गौतम का रविवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें उनके समक्ष कुछ मीडियाकर्मियों ने एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन से ईद पर नुमाइश मैदान में नमाज कराने व नमाजियों पर पुष्पवर्षा की मांग पर सवाल किया है। इस सवाल के जवाब में सांसद ने तंज कसते हुए कहा है कि इनको इतनी बड़ी जगह दी हुई है। इतना अतिक्रमण इन्होंने सपा के समय में किया हुआ है। इन्हें अब क्या जरूरत है। हमारी होली व दीपावली घरों में मनाई जाती है। इनके यहां लोग एकत्रित होते हैं। हमारे यहां कोई एकत्रित नहीं होता।
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लोग घर-घर जाकर व गले मिलकर पर्व मनाते हैं। तंज कसते हुए रमजान व ईद का नाम लिए बिना सांसद कहते हैं कि इनका कौन सा त्योहार आता है, जिसमें ये एकत्रित होते हैं। हमारा पर्व भी तो मनाया जाता है। इसकी आवश्यकता नहीं। फिर वे ईदगाह का नाम लिए बिना कहते हैं कि मुझसे तो बोला भी नहीं जाता। बच्चों की परीक्षा चल रही है। अजान को लेकर सांसद कहते हैं कि सुबह चार बजे से वहां से चिल्लाते हैं। कांवड़ियों की तर्ज पर पुष्पवर्षा पर वे कहते हैं कि सरकार सभी व्यवस्था करा रही है। मकान, राशन आदि तो मिल रहा है और क्या लेंगे। सभी फायदे ले रहे हैं ये। एम्स देख लो, मेडिकल व मलखान देख लो। सर्वाधिक भीड़ इनकी होती है। सरकारी व्यवस्थाओं का सबसे अधिक फायदा मुस्लिम ले रहे हैं। अब क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे।
विपक्ष हमलावर..साथ चलने वाले अपराधियों पर नहीं बिगड़े सांसद
-सांसद सतीश गौतम शशांक पंडित जैसे हिस्ट्रीशीटर को अपना संरक्षण देते हैं। शशांक पंडित पहले भी जेल जा चुका है। इनके फोटो इसकी गवाही देते हैं। भाजपा ने हमेशा अपराधियों को संरक्षण दिया है। सांसद को बताना चाहते हैं कि यह देश संविधान से चलता है। यहां दिवाली भी और ईद भी धूमधाम से मनाई जाती है। आपसी भाईचारे के साथ। इस तरह का बयान देना एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता। इस तरह के बयान वे गैंगवार में फायरिंग की घटना से ध्यान भटकने के लिए दे रहे हैं।
-मो.मोहसिन मेवाती, अध्यक्ष सपा छात्र सभा
-आज सांसद सतीश गौतम ने विवादित बयान देकर समाज को बांटने का जो प्रयास किया है, वह निंदनीय है। देश, प्रदेश और शहर के लोग आपसी सौहार्द और प्यार मोहब्बत से सभी त्योहार मानते आए हैं और आगे भी मनाते रहेंगे। मगर हताश और निराशा लोग हमेशा परेशान रहेंगे। देश के लोगो को जल्द समझ आ जाएगा और समाज को बांटने वाले और सामाजिक बंटवारा करने वाले लोगों का समाज व सियासत में कोई स्थान नहीं बचेगा।-सलमान शाहिद, पूर्व मेयर प्रत्याशी बसपा
-सांसद द्वारा समुदाय विशेष को लेकर दिया गया बयान बेहद आपत्तिजनक, गैर-जिम्मेदाराना और समाज को बांटने वाला है। एक जनप्रतिनिधि से यह उम्मीद की जाती है कि वह सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करे, लेकिन सांसद जी बार-बार अपने बयानों से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते नजर आते हैं। उन्हें अपने इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए।-संजीव कौशिक, जिला अध्यक्ष आप
-गांजा, सट्टा के व्यापार, फायरिंग, आईपीएल, गुंडई पर भी कुछ बयान होता तो अच्छा होता। सांसद जी को ईदगाह का नाम लेना नहीं आता, रमज़ान, ईद के बारे जानकारी नहीं है। सरकारी व्यवस्था का अगर मुस्लिम फायदा ले रहा तो हिंदुस्तान के संविधान के तहत ले रहा है। आप अपनी जेब से नहीं दे रहे हैं। टैक्स मुस्लिम भी देता है। यह बात ठीक है कि पंचर लगाने वाला मुस्लिम मजदूर है, लेकिन टैक्स देने में भी मुस्लिम पीछे नहीं हैं। पहले आप कार्यकर्ताओं को सही नसीहत दें। जो अपराध में शामिल हुए हैं, उनके लिए सांसद कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं।
-आमिर आबिद, अध्यक्ष सपा युवजन सभा
ये हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का विवाद है, निपटा लेंगे : सांसद
वीडियो बयान के बाद विपक्ष के गैंगवार से जुड़े आरोपों पर सांसद सतीश गौतम का कहना है कि सराय हकीम की घटना में जो लोग शामिल हैं, वे हमारी पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी हैं। उनमें कुछ गलतफहमियों के चलते विवाद हुआ। जिसमें पुलिस न्याय संगत अपना काम कर रही है। मगर हम उन विवादों को मिल बैठकर निपटवाएंगे। रहा सवाल साथ रहने या फोटो आदि होने का तो पार्टी कार्यकर्ता हैं। हमारे जैसे सभी जनप्रतिनिधियों के पास उनका आना जाना रहता है। ऐसे में फोटो साथ में होना कोई अपराध नहीं। हमारी तरह अन्य बहुत से नेताओं व जनप्रतिनिधियों के साथ उनके फोटो होंगे। इसे संरक्षण से जोड़ना गलत है।