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Aligarh News: पुलिस ने 400 से अधिक प्रधानों को घरों में किया नजरबंद

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 02:40 AM IST
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Police placed over 400 village heads under house arrest
खैर क्षेत्र के प्रधान पवन चौधरी घर पर नजरबंदी के दौरान : स्रोत : स्वयं
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उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल विस्तार की मांग को लेकर सियासत गरमा गई है। 20 मई को लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे जिले के 400 से अधिक ग्राम प्रधानों को पुलिस ने मंगलवार को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया।
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सरकार के इस कड़े रुख के बावजूद अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। जिले में कुल 852 ग्राम पंचायतें हैं, जिनके प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
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चूंकि अभी पंचायत चुनावों की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए प्रधानों को डर है कि पिछली बार की तरह इस बार भी सरकार पंचायतों में अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर सकती है। इसी के विरोध में प्रदेश भर के करीब 59 हजार प्रधानों ने बुधवार को लखनऊ कूच करने का ऐलान किया है।
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अखिल भारतीय प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह भोलू ने कहा कि उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में समय पर चुनाव न होने की स्थिति में वर्तमान प्रधानों को ही कार्यकाल का विस्तार दिया गया है।

समय पर चुनाव कराना सरकार की जिम्मेदारी है, इसके लिए जन प्रतिनिधियों का हक नहीं छीना जा सकता। प्रधान संगठन का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ ग्राम प्रधानों की नहीं, बल्कि पूरी त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को बचाने की है।




जिले में कार्यकाल की स्थिति

पद (जनप्रतिनिधि)-----
कार्यकाल समाप्ति की तिथि
ग्राम प्रधान
26 मई 2026
ब्लॉक प्रमुख
11 जुलाई 2026
क्षेत्र व जिला पंचायत
19 जुलाई 2026

(प्रधानों का समर्थन ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के कार्यकाल विस्तार के लिए भी है)

मांग पूरी न होने पर लखनऊ में भूख हड़ताल की चेतावनी
संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि वे त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था की मजबूती के लिए इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे। यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो लखनऊ में ही सभी प्रधान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। फिलहाल, पुलिस प्रशासन द्वारा प्रधानों को नजरबंद किए जाने के बाद से जिले के किसान और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है।
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