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AMU: पांच माह पहले वीसी को अवार्ड की घोषणा, राजभवन बोला- जानकारी नहीं, पुरस्कार एक बार फिर चर्चा में

Mon, 13 Jul 2026 05:26 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 13 Jul 2026 05:26 PM IST
सार

एएमयू में तत्कालीन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में उन्होंने कुलपति प्रो. नईमा खातून को गवर्नर्स अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस : वंदे मातरम् देने की घोषणा की थी।

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Proposed Vande Mataram Excellence Award to AMU VC Prof Naima Khatun
एएएमू के एक कार्यक्रम में बंगाल के तत्कालीन राज्यपाल के साथ वीसी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की कुलपति प्रो. नईमा खातून को प्रस्तावित वंदे मातरम् उत्कृष्टता पुरस्कार देने की घोषणा के पांच माह बाद पश्चिम बंगाल राजभवन सचिवालय के जवाब ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में राजभवन ने कहा है कि इस विषय से संबंधित कोई भौतिक अभिलेख उपलब्ध नहीं है।

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दरअसल, 14 फरवरी 2026 को एएमयू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन डिकोलोनाइजिंग ए डिसिप्लिनः भारत की सभ्यतागत दृष्टि और वैश्विक अंतरराष्ट्रीय संबंध में तत्कालीन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून को गवर्नर्स अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस : वंदे मातरम् देने की घोषणा की थी। इसके लिए एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि का भी ऐलान किया गया था। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कुलपति को पुरस्कार संबंधी पत्र भी सौंपा था।
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मामले में एएमयू के पूर्व मीडिया सलाहकार प्रो. जसीम मोहम्मद ने पश्चिम बंगाल राजभवन सचिवालय से आरटीआई के तहत कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि तत्कालीन राज्यपाल द्वारा जारी पत्र की वर्तमान स्थिति क्या है और उनके पद छोड़ने के बाद भी क्या पुरस्कार संबंधी घोषणा प्रभावी मानी जा रही है। लोक भवन, कोलकाता स्थित राज्यपाल सचिवालय के उप सचिव एवं राज्य जनसूचना अधिकारी की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया कि वर्तमान समय में इस विषय से संबंधित कोई भौतिक अभिलेख उपलब्ध नहीं है। आरटीआई जवाब के बाद पुरस्कार की प्रक्रिया और उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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कुलपति ने नहीं की टिप्पणी
इस संबंध में एएमयू की कुलपति और प्रशासन ने कोई टिप्पणी नहीं की। प्रबंधन के कई शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी पर हामी भरी लेकिन जब बात टिप्पणी की आई तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि इस मामले से उन्हें दूर रखा जाए। यहां तक कि विवि परिसर में चल रही चर्चाओं पर उन्होंने अपनी अनौपचारिक बातचीत जारी रखी। ऐसे में पुरस्कार की घोषणा, उसकी वैधता और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ऐलान हुआ, लेकिन आया नहीं
कैंपस में पुरस्कार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजभवन के आरटीआई जवाब के बाद शिक्षक, छात्र और कर्मचारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर पांच महीने पहले घोषित पुरस्कार की वर्तमान स्थिति क्या है?

पुरस्कार एक बार फिर चर्चा में 

  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की कुलपति प्रो. नईमा खातून को प्रस्तावित वंदे मातरम् उत्कृष्टता पुरस्कार का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पश्चिम बंगाल राजभवन सचिवालय से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में बताया गया है कि वर्तमान समय में इस विषय से संबंधित कोई भौतिक अभिलेख उपलब्ध नहीं है।
  • 14 फरवरी 2026 को एएमयू में डिकोलोनाइजिंग ए डिसिप्लिनः भारत की सभ्यतागत दृष्टि और वैश्विक अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में तत्कालीन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्होंने कुलपति प्रो. नईमा खातून को गवर्नर्स अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस : वंदे मातरम् के लिए एक पत्र सौंपा था। प्रस्तावित पुरस्कार के साथ एक लाख रुपये की राशि भी घोषित की गई थी।
  • एएमयू के पूर्व मीडिया सलाहकार प्रो. जसीम मोहम्मद ने मामले में राज्यपाल सचिवालय, पश्चिम बंगाल से आरटीआई के माध्यम से कई प्रश्न पूछे। आवेदन में जानना चाहा गया कि तत्कालीन राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद क्या यह पत्र अब भी प्रभावी और वैध माना जाता है।
  • लोक भवन, कोलकाता स्थित राज्यपाल सचिवालय के उप सचिव एवं राज्य जनसूचना अधिकारी द्वारा दिए गए जवाब में कहा गया कि वर्तमान समय में इस विषय से संबंधित कोई भौतिक अभिलेख उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बातचीत करने से इन्कार कर दिया।
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