Aligarh Exhibition: मीका के गानों ने बनाया दीवाना, देर रात तक झूमे दर्शक, उमड़ी भीड़, पुलिस से नोकझोंक
मीका सिंह के 'आंख मारे ओ लड़की आंख मारे', 'मौजा ही मौजा', 'बोलो ओम शांति ओम', 'आपका क्या होगा जनाबे आली', 'किसी खूबसूरत परी जैसी', 'जिसको चाहे पागल कर दे', 'ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे।
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अलीगढ़ महोत्सव के तहत नुमाइश के कोहिनूर मंच पर 2 फरवरी की शाम को मशहूर पंजाबी गायक मीका सिंह की नाइट का आयोजन किया गया। मीका सिंह के हिट गानों पर दर्शकों ने खूब ठुमके लगाए। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए पुलिस की दर्शकों से नोकझोंक भी हुई।
मीका सिंह की नाइट का शुभारंभ बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, विधायक राजकुमार सहयोगी, जिलाधिकारी संजीव रंजन, एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव और बीएसए डॉ. राकेश कुमार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मीका सिंह के मंच पर पहुंचते ही युवाओं ने सीटियां बजाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके बाद शुरू हुई मीका के गानों की फेहरिस्त। मीका सिंह के 'ढिंका चिका', 'जुम्मे की रात' जैसे गानों ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा। यह शाम संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। मीका सिंह ने अपनी मस्ती भरी आवाज से अलीगढ़ को झूमने पर मजबूर कर दिया।
'आंख मारे ओ लड़की आंख मारे', 'मौजा ही मौजा', 'बोलो ओम शांति ओम', 'आपका क्या होगा जनाबे आली', 'किसी खूबसूरत परी जैसी', 'जिसको चाहे पागल कर दे', 'ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत' और 'ये शाम मस्तानी' जैसे सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे। मीका की जोश और ऊर्जा से लबरेज प्रस्तुतियों का देर रात तक हजारों की भीड़ लुत्फ उठा रही थी। पुलिस को कई बार भीड़ संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और कुछ जगहों पर झड़प जैसी स्थिति भी बनी।
कई भाजपाइयों को नहीं मिला प्रवेश, शिक्षा राज्यमंत्री के पिता राजू भैया को करनी पड़ी जद्दोजहद
कोहिनूर मंच पर गायक मीका सिंह नाइट के कार्यक्रम में प्रवेश करने के लिए आम लोगों को नहीं, बल्कि एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया को भी जद्दोजहद करनी पड़ी। पुलिस और पीएसी के जवानों ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इसके अलावा भाजयुमो जिलाध्यक्ष धर्मवीर लोधी, विधायक राजकुमार सहयोगी, जिपं अध्यक्ष पुत्र व भाजपा नेता प्रवीन राज सिंह को भी कार्यक्रम में प्रवेश करने से पुलिस ने रोक दिया। बाद में अधिकारियों के कहने पर सभी को पुलिस कर्मियों ने कार्यक्रम में जाने दिया। पास लेने वालों को भी पुलिस ने अंदर नहीं जाने दिया।
