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Circle Rate: आपके जमीन-मकान व दुकान की क्या है वेल्यू, जानने के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, बस ऐसे पता लगेगा

Mon, 29 Jun 2026 03:19 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 29 Jun 2026 03:19 PM IST
सार

अक्सर देखा जाता है कि आम नागरिकों को अपनी जमीन, मकान, दुकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराते समय सही सर्किल रेट और स्टाम्प शुल्क की गणना करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इसके लिए उन्हें वकीलों या बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश बनी रहती थी।

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Simple Guide to Circle Rate List
सर्किल रेट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में संपत्ति की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने और आम जनता को सहूलियत देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी जनपदों के साथ-साथ अलीगढ़ में भी सर्किल रेट लिस्ट और इसे आसानी से समझने के लिए सम्पत्ति का मूल्यांकन दर जानने हेतु सरल मार्गदर्शिका लागू कर दी गई है। 
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महानिरीक्षक निबन्धन (उत्तर प्रदेश) के आदेश के बाद अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने जनपद के सभी उप-निबन्धकों (कोल, अतरौली, इग्लास, खैर, गभाना) को इसे शत-प्रतिशत लागू करने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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इसलिए पड़ती है जरूरत?
अक्सर देखा जाता है कि आम नागरिकों को अपनी जमीन, मकान, दुकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराते समय सही सर्किल रेट और स्टाम्प शुल्क की गणना करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इसके लिए उन्हें वकीलों या बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश बनी रहती थी। शासन द्वारा जारी पत्रों के अनुसार, इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता लाना, दरों के निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ाना और स्टाम्प व पंजीकरण फीस की गणना के लिए एक "पारदर्शी डिजिटल कैलकुलेटर" का मजबूत आधार तैयार करना है।
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इस सरल मार्गदर्शिका में क्या है खास?
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रमोद कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, इस मार्गदर्शिका को बेहद सरल और व्यावहारिक बनाया गया है ताकि कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी अपनी संपत्ति की कीमत खुद जान सके।

दो हिस्सों में बंटा मूल्यांकन
संपत्तियों के मूल्यांकन को आसान बनाने के लिए इसे दो मुख्य भागों में बांटा गया है। पहला, मुख्य सड़क (रोड सेगमेंट) पर स्थित संपत्ति और दूसरा, सड़क से हटकर (भीतर) स्थित संपत्ति।

हर क्षेत्र के लिए अलग नियम
नगरीय , अर्द्धनगरीय  और ग्रामीण  क्षेत्रों में आने वाली कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि, दुकान, फ्लैट और औद्योगिक परिसरों के मूल्यांकन की अलग-अलग और स्पष्ट प्रक्रिया दी गई है।

उदाहरण और फॉर्मूले शामिल
मार्गदर्शिका में केवल नियम नहीं हैं, बल्कि उदाहरणों और गणितीय सूत्रों  के जरिए समझाया गया है कि किस तरह कोई भी व्यक्ति क्रमबद्ध तरीके से अपनी संपत्ति का सही मूल्य निकाल सकता है।

अन्य संरचनाओं का भी होगा सही आकलन
जमीन-मकान के साथ-साथ अब भवन निर्माण की गुणवत्ता, वृक्ष, सबमर्सिबल पंप, बोरवेल, कुआँ और मिश्रित उपयोग वाले भवनों के मूल्यांकन के लिए भी स्पष्ट निर्देश शामिल किए गए हैं।

अधिकारियों को  निर्देश
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने सहायक महानिरीक्षक निबन्धन अलीगढ़ और जिले की सभी तहसीलों के उप-निबन्धकों को निर्देशित किया है कि वे इस मार्गदर्शिका को जन-जन तक पहुंचाएं। इसके साथ ही, मानकीकृत मूल्यांकन सूची लागू होने के बाद सभी सब-रजिस्ट्रार (उप निबन्धक) अपने-अपने स्तर पर संबंधित पृष्ठ संख्या अंकित कर जनता के लिए इसे सुलभ बनाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस नई गाइडलाइन के आने से अब रजिस्ट्री कार्यालयों में होने वाली मनमानी पर पूरी तरह रोक लगेगी। जनता सीधे तौर पर सशक्त होगी और अपनी संपत्ति का मूल्यांकन स्वयं समझ सकेगी।

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