{"_id":"6a52b4cc1663e67363089e9a","slug":"women-learning-to-apply-henna-ahead-of-hariyali-teej-aligarh-news-c-2-gur1004-1017718-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: हरियाली तीज से पहले मेहंदी लगाना सीख रहीं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: हरियाली तीज से पहले मेहंदी लगाना सीख रहीं महिलाएं
विज्ञापन
मेहंदी सीखतीं महिलाएं व युवतियां। स्रोत : स्वयं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाली तीज महोत्सव की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। रावण टीला व अन्य मेहंदी प्रशिक्षण केंद्रों पर महिलाओं और युवतियों की भीड़ देखी जा रही है। वे आकर्षक और आधुनिक मेहंदी डिजाइनों का प्रशिक्षण ले रही हैं।
इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान अपनी कला का प्रदर्शन करने के साथ आय अर्जित करना है। संचालिका भावना ने बताया कि हरियाली तीज, रक्षाबंधन और शादी-विवाह के सीजन में मेहंदी कलाकारों की मांग बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
प्रशिक्षण केंद्रों पर अरेबिक, ब्राइडल, इंडो-अरेबिक, मंडला और ट्रेडिशनल डिजाइनों का अभ्यास कराया जा रहा है। घनश्यामपुरी संचालिका शशि शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त को हरियाली तीज है। प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। यह हुनर कम लागत में बेहतर रोजगार का माध्यम बन रहा है।
विज्ञापन
- मेहंदी की कला सीखना केवल शौक नहीं बल्कि आत्मनिर्भर बनने का माध्यम भी है। कुछ दिनों के प्रशिक्षण के बाद घर-घर जाकर या कार्यक्रमों में मेहंदी लगाकर अच्छी कमाई कर सकती हूं। - राधिका, केशव वाटिका
- हरियाली तीज और रक्षाबंधन पर मेहंदी की काफी मांग रहती है। इस बार प्रशिक्षण लेकर महिलाओं को मेहंदी लगाने का काम करूंगी। इससे पढ़ाई के साथ अपनी आमदनी भी हो सकेगी। - वैशाली वर्मा, संजय कॉलोनी
- पहले सिर्फ अपने घर में मेहंदी लगाती थी। अब प्रोफेशनल तरीके से सीख रही हूं। त्योहारों के समय अच्छी कमाई होने की उम्मीद है, जिससे परिवार की आर्थिक मदद कर सकूंगी। - - रूबी, डोरी नगर
- आजकल नई-नई डिजाइनों की काफी मांग है। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक डिजाइनों का अभ्यास कराया जा रहा है। अपना छोटा-सा मेहंदी स्टूडियो शुरू करने की तैयारी है। - ज्योति, रावण टीला
विज्ञापन
इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान अपनी कला का प्रदर्शन करने के साथ आय अर्जित करना है। संचालिका भावना ने बताया कि हरियाली तीज, रक्षाबंधन और शादी-विवाह के सीजन में मेहंदी कलाकारों की मांग बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
विज्ञापन
प्रशिक्षण केंद्रों पर अरेबिक, ब्राइडल, इंडो-अरेबिक, मंडला और ट्रेडिशनल डिजाइनों का अभ्यास कराया जा रहा है। घनश्यामपुरी संचालिका शशि शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त को हरियाली तीज है। प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। यह हुनर कम लागत में बेहतर रोजगार का माध्यम बन रहा है।
विज्ञापन
- मेहंदी की कला सीखना केवल शौक नहीं बल्कि आत्मनिर्भर बनने का माध्यम भी है। कुछ दिनों के प्रशिक्षण के बाद घर-घर जाकर या कार्यक्रमों में मेहंदी लगाकर अच्छी कमाई कर सकती हूं। - राधिका, केशव वाटिका
- हरियाली तीज और रक्षाबंधन पर मेहंदी की काफी मांग रहती है। इस बार प्रशिक्षण लेकर महिलाओं को मेहंदी लगाने का काम करूंगी। इससे पढ़ाई के साथ अपनी आमदनी भी हो सकेगी। - वैशाली वर्मा, संजय कॉलोनी
- पहले सिर्फ अपने घर में मेहंदी लगाती थी। अब प्रोफेशनल तरीके से सीख रही हूं। त्योहारों के समय अच्छी कमाई होने की उम्मीद है, जिससे परिवार की आर्थिक मदद कर सकूंगी। - - रूबी, डोरी नगर
- आजकल नई-नई डिजाइनों की काफी मांग है। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक डिजाइनों का अभ्यास कराया जा रहा है। अपना छोटा-सा मेहंदी स्टूडियो शुरू करने की तैयारी है। - ज्योति, रावण टीला