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हाय गर्मी: पेट की आग के आगे फीकी पड़ रही धूप, रोजी-रोटी के लिए 44 डिग्री तापमान में कर रहे मजदूरी

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 27 Apr 2026 01:47 PM IST
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सार

पुष्पा ईंटों को तोड़ रही थीं। एक सवाल पर पुष्पा ने कहा कि साहब, धूप से क्या डरें, घर में बच्चे भूखे हैं। अगर काम पर नहीं जाएंगे तो चूल्हा कैसे जलेगा, बच्चों का पेट कैसे भरेगा। गर्मी सह लेंगे, लेकिन भूख नहीं।

Working in 44 degree temperature
धूप में मासूम को साथ लेकर मजदूरी करती मां, मजदूरी करती महिला - फोटो : संवाद
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विस्तार

अलीगढ़ जिले में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है। दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं ने आमजन का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है, लेकिन हजारों मजदूरों की दिनचर्या नहीं बदली। निर्माण स्थलों, सड़कों, मंडियों और अन्य कार्यस्थलों पर मजदूर तपती दोपहर में भी काम करने को मजबूर हैं।

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शुक्रवार को जब अलग-अलग क्षेत्रों में स्थिति की पड़ताल की गई तो रामघाट रोड पर पुष्पा मिलीं जो ईंटों को तोड़ रही थीं। एक सवाल पर पुष्पा ने कहा कि साहब, धूप से क्या डरें, घर में बच्चे भूखे हैं। अगर काम पर नहीं जाएंगे तो चूल्हा कैसे जलेगा, बच्चों का पेट कैसे भरेगा। गर्मी सह लेंगे, लेकिन भूख नहीं। यहां से जब महुआ खेड़ा की ओर आगे बढ़े तो एक नाला बनाते मजदूर मिले। सिर पर ईंट, हाथ में फावड़ा और चेहरे पर पसीना लिए मजदूर यहां रोजी-रोटी के लिए कड़ी धूप झेल रहे थे। उन्हें भोजन के लिए करीब एक घंटे का आराम मिलता है। इनमें से एक क्रांति देवी ने कहा कि भीषण गर्मी में यह राहत नाकाफी है। चक्कर, सिरदर्द, थकान और कमजोरी भी आती है, लेकिन फिर भी काम करना पड़ता है।
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मजदूर बानो बेगम ने मांग उठाई कि गर्मी के मौसम में काम के घंटे बदले जाएं। उनका कहना है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक काम बंद रखा जाए और यह समय सुबह जल्दी या शाम को समायोजित किया जाए। महिला मजदूरों ने मेहनताना बढ़ाने की मांग भी की। उनका कहना है कि 200 रुपये की दिहाड़ी इतनी कठिन परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई के मुकाबले बहुत कम है।

Working in 44 degree temperature
महुआ खेड़ा में नाले निर्माण के दौरान तेज धूप में काम करती महिला मजदूर और मिस्त्री - फोटो : संवाद

कार्यस्थल पर भीषण गर्मी से बचाव के लिए पानी आदि के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। - सरिता, छतरपुर, मध्य प्रदेश. दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप बहुत तेज होती है, इसलिए इस समय काम न कराया जाए। - राजा बाई, छतरपुर मध्य प्रदेश
तपती दोपहर में काम करने से तबीयत खराब हो रही है, इसलिए सुबह और शाम को काम कराया जाए। - मुशिया खातून, पश्चिम बंगाल मूल निवासी. बेटे के इलाज का कर्ज उतारने के लिए मजदूरी कर रहे हैं। तेज धूप में काम करना बहुत मुश्किल हो रहा है। - नेहनी, निवासी गुरुसिकरन

आगरा में राहत, अलीगढ़ में संज्ञान नहीं
एक दिन पहले आगरा में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के कार्य करने पर रोक लगा दी है, लेकिन अलीगढ़ में अब तक इस पर संज्ञान नहीं लिया है। आगरा के मंडलायुक्त ने चारों जिलों के डीएम को निर्देश देते हुए मजदूरों को दोपहर में छुट्टी देने और काम का समय भी बदलने का आदेश दिया है।

यह रखें ध्यान

  • भीषण गर्मी में बचाव के उपाय. दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में कम निकलें
  • हर 20-30 मिनट में पानी पीते रहें. ओआरएस, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
  • सिर ढककर रखें, हल्के कपड़े पहनें. चक्कर, उल्टी, तेज बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
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