Prayagraj : पत्नी से विवाद के बाद अधेड़ ने पी लिया टॉयलेट क्लीनर, इलाज के दौरान मौत
झूंसी के चमनगंज मोहल्ले में 13 मार्च को पत्नी से विवाद के बाद एक अधेड़ ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया। हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए उसे सिविल लाइन स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सोमवार सुबह अधेड़ की मौत हो गई।
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झूंसी के चमनगंज मोहल्ले में 13 मार्च को पत्नी से विवाद के बाद एक अधेड़ ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया। हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए उसे सिविल लाइन स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सोमवार सुबह अधेड़ की मौत हो गई। पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे शव को लेने के लिए पत्नी और मृतक के पैतृक गांव से आए परिजनों के बीच करीब दो घंटे तक हाईवाेल्टेज ड्रामा हुआ। बाद में पुलिस के हस्ताक्षेप के बाद पत्नी को ही शव सुपुर्द किया गया। देर शाम पत्नी ने पति के शव का दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार किया।
मूलतः मेजा के चौकी बगहा निवासी राज कुमार जायसवाल (46) पत्नी राजलक्ष्मी और दो बेटी श्रेजल, आराध्या के साथ झूंसी के चमनगंज मोहल्ले में रहते थे। पत्नी राजलक्ष्मी वर्तमान में कानपुर स्थित सीओडी में सीनियर आपरेटर हैं। परिजनों ने बताया कि 13 मार्च की सुबह किसी बात को लेकर पति पत्नी में विवाद हुआ था। इसी दौरान राजकुमार ने घर में रखा टॉयलेट क्लीनर पी लिया। हालत गंभीर होने पर इलाज के लिए उन्हे सिविल लाइंस स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सोमवार सुबह राजकुमार की मौत हो गई।
इसके बाद पत्नी राजलक्ष्मी शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी हाउस पहुंची। यहां पर मृतक के भाई अवधेश मां, बहन और अन्य रिश्तेदारों को लेकर पहुंचे और भाई के शव को अपने साथ पैतृक गांव चौकी बगहा ले जाने के लिए दबाव बनाने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। सूचना पाकर एसआरएन चौकी इंचार्ज आनंद यादव सहित सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंचे और स्थित को शांत कराते हुए शव को पत्नी के सुपुर्द कर दिया। सोमवार देर शाम पत्नी ने शव का दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। मामले को लेकर पोस्टमार्टम हाउस में दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति रही।
तलाक के बाद दोबारा पहली पत्नी के साथ रहने लगा था मृतक
पोस्टमार्टम हाउस में शव को लेकर हंगामा कर रहे मृतक राजकुमार के भाई अवधेश जायसवाल औन अन्य परिजनों ने बताया कि उनके भाई और भाभी का वर्ष 2003 में आपसी विवाद के बाद तलाक हो गया था। इसके बाद भाई राजकुमार ने दूसरी शादी कर ली थी। लेकिन इसी बीच पहली पत्नी राजलक्ष्मी की सीओडी में नौकरी लग गई। इस पर भाई ने दूसरी पत्नी को छोड़कर पहली पत्नी राजलक्ष्मी को दोबारा अपनालिया और उसी के साथ झूंसी के चमनगंज मोहल्ले में मकान बना कर रहने लगे थे। इसी बात को लेकर भाई और अन्य रिश्तेदार नाराज थे।