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High Court : कभी किसी लड़की से दुर्व्यवहार नहीं करेगा, लिखा प्लेकार्ड लेकर विवि के गेट पर खड़े होने की सजा रद्द

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 07 Feb 2026 03:50 PM IST
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सार

Allahabad High Court : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एकल पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें एक छात्र को विश्वविद्यालय के गेट पर ‘कभी किसी लड़की से दुर्व्यवहार नहीं करेगा’ लिखी तख्ती (प्लेकार्ड) लेकर खड़े होने को कहा गया था।

High Court Punishment for standing at university gate with a placard
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एकल पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें एक छात्र को विश्वविद्यालय के गेट पर ‘कभी किसी लड़की से दुर्व्यवहार नहीं करेगा’ लिखी तख्ती (प्लेकार्ड) लेकर खड़े होने को कहा गया था। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के निर्देश न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि छात्र के चरित्र पर स्थायी कलंक भी लगा सकते हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है।

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नोएडा इंटरनेशनल विश्वविद्यालय के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में स्नातक पांचवें सेमेस्टर के गाैतमबुद्ध नगर निवासी छात्र को एक छात्रा से दुर्व्यवहार की वजह से विवि से निष्कासित कर दिया गया था। इसके खिलाफ दाखिल याचिका पर एकल पीठ ने 29 अक्तूबर 2025 को छात्र का निष्कासन रद्द कर दिया। लेकिन, इसके साथ कुछ कड़ी शर्तें लगा दीं।
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उक्त न्यायाधीश ने निर्देश दिया था कि छात्र 30 दिनों तक सुबह 8:45 से 9:15 बजे तक विश्वविद्यालय के गेट पर एक प्लेकार्ड लेकर खड़ा होगा, जिस पर लिखा होगा कि वह कभी किसी लड़की के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगा। इस पर छात्र ने एकल पीठ के इस आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील दायर की थी।

एकल पीठ के आदेश को छात्र ने स्पेशल कोर्ट में दी थी चुनौती

खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस तरह की सजा छात्र के कॅरिअर को हमेशा के लिए प्रभावित कर सकती है। यह बेहद अपमानजनक है। इस सजा से छात्र के चरित्र पर एक ऐसा घाव लगेगा जो कभी नहीं भरेगा। कोर्ट ने अन्य शर्तें बरकरार रखीं। छात्र को शेष कक्षाओं में उपस्थिति बनाए रखनी होगी और एक हलफनामा देना होगा। उसे अपने कृत्य के लिए 72 घंटे के भीतर लिखित माफीनामा भी देने को कहा गया है। साथ ही गलगोटिया विश्वविद्यालय और संबंधित संस्थानों के गेट पर पुलिस की ''''एंटी रोमियो मोबाइल स्क्वाड'''' तैनात करने का निर्देश भी यथावत रखा गया है।

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