सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   If the owner asks, the tenant will have to vacate the house; the new law has closed the way for excuses

High Court : मालिक बोलेगा तो किरायेदार को घर खाली करना पड़ेगा, नए कानून ने बंद कर दिया है बहानेबाजी का रास्ता

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 05 Apr 2026 01:21 PM IST
विज्ञापन
सार

Allahabad High Court : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 1972 के पुराने कानून के सहारे जरूरत की बहानेबाजी के आधार पर किरायेदार की मुकदमेबाजी नहीं चलेगी। 2021 के नए कानून के तहत मालिक बोलेगा तो किरायेदार को मकान खाली ही करना पड़ेगा।

If the owner asks, the tenant will have to vacate the house; the new law has closed the way for excuses
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 1972 के पुराने कानून के सहारे जरूरत की बहानेबाजी के आधार पर किरायेदार की मुकदमेबाजी नहीं चलेगी। 2021 के नए कानून के तहत मालिक बोलेगा तो किरायेदार को मकान खाली ही करना पड़ेगा।

Trending Videos


इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति डॉ.योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने कानपुर नगर के याची श्याम पाल की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि अब मकान मालिक को अपनी वास्तविक जरूरत और तुलनात्मक कठिनाई साबित करने की जरूरत नहीं है। उसे अपनी संपत्ति चाहिए तो वही उसकी जरूरत का सबसे बड़ा और अंतिम निर्णायक है। अदालत उसकी जरूरत की तार्किकता पर बहस नहीं करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शहरी परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम-2021 की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि 1972 के पुराने कानून में किरायेदारों को कठिनाई और बोनाफाइड नीड के नाम पर राहत मिल जाती थी। लेकिन, 2021 के नए कानून ने यह रास्ता बंद कर दिया है। अब यह दलील नहीं चलेगी कि मकान मालिक के पास और संपत्ति है या उसकी जरूरत उतनी आवश्यक नहीं।

कानपुर से जुड़ा है मामला

मामला कानपुर के गांधी नगर की एक दुकान से जुड़ा है। मकान मालिक बीएस एंटरप्राइजेज ने अपने काम के विस्तार के लिए किरायेदार श्याम पाल से दुकान मांगी थी। किरायेदार ने इस मांग को चुनौती देते हुए कहा कि मकान मालिक की जरूरत वास्तविक नहीं है। किराया प्राधिकरण और अपीलीय न्यायाधिकरण ने बेदखली का आदेश दिया। इसके खिलाफ किरायेदार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

नए कानून का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने दोनों अदालतों के फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट ने किरायेदार को दो दिसंबर तक दुकान खाली करने की मोहलत दी है। साथ ही दो हफ्ते में इस वादे के साथ हलफनामा मांगा है कि वह समय से दुकान खाली करेगा। इस दौरान दुकान के उपभोग के एवज में मकान मालिक को हर महीने दो हजार रुपये उपयोग शुल्क अदा करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed