{"_id":"69d37a1f46194c68ab044240","slug":"puri-shankaracharya-said-without-a-chief-minister-like-yogi-adityanath-it-could-lead-to-a-civil-war-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरी शंकराचार्य बोले : अगर योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री न हो तो बन जाए गृह युद्ध के हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरी शंकराचार्य बोले : अगर योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री न हो तो बन जाए गृह युद्ध के हालात
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:47 PM IST
विज्ञापन
सार
गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा है कि 1947 में भारत का विभाजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की देन है। नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में अपने प्रवास के दूसरे दिन रविवार को पत्र प्रतिनिधियों के प्रश्न पर उन्होंने धार्मिक उन्माद पर तल्ख टिप्पणी की।
प्रयागराज स्थित शिवगंगा आश्रम में वार्तालाप करते शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज।
- फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन
विस्तार
गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा है कि 1947 में भारत का विभाजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की देन है। नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में अपने प्रवास के दूसरे दिन रविवार को पत्र प्रतिनिधियों के प्रश्न पर उन्होंने धार्मिक उन्माद पर तल्ख टिप्पणी की। कहा कि महात्मा गांधी ने पहले धर्म के आधार पर देश का बंटवारा कराया और जब मुसलमान यहां से पाकिस्तान जाने लगे तो उन्हें रोकने के लिए आचार्य कृपलानी को लगा दिया।
Trending Videos
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि वर्तमान में छद्म नेताओं की ओर से देश और प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है कि अगर योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री न हो तो यहीं पर गृह युद्ध जैसे हालात पैदा हो जाएं। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने उत्तराखंड के चार धाम क्षेत्र में मुसलमानों के प्रवेश प्रतिबंध प्रस्ताव के सवाल पर कहा कि पवित्र गंगोत्री और यमुनोत्री नदियों में स्नान के लिए सभी अधिकृत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमजान के महीने में काशी में नाव में बैठकर इफ्तार करने और मांस खाने के बाद उसका अपशिष्ट नदी में फेंकने पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि अच्छा होता ऐसे विधर्मियों की नाव ही डूब जाती। इस मौके पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद के निजी सचिव स्वामी निर्विकल्पानंद, हृषिकेश ब्रह्मचारी और प्रफुल्ल चैतन्य ब्रह्मचारी आदि मौजूद रहे।