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Prayagraj Murder Case : जिस बेटे को शरीफ मानते थे लोग, उसी ने माता-पिता और बहन का किया कत्ल, खुद भी मारा गया

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 03 Jun 2026 01:47 PM IST
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सार

Prayagraj Murder : साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मंगलवार को कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे की लाश घर में पाई गई थी। सिर को कूंचकर उनकी हत्या की गई थी। हत्या को अंजाम रविवार को ही दिया गया था। जिस बेटे की लाश कारोबारी के साथ पाई गई थी उसी ने दोस्त के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की थी। इसके बाद दोस्त ने उसकी भी हत्या कर दी। 

Prayagraj Murder Case: The son, considered a gentleman, murdered his parents and sister and was also killed
प्रयागराज के साउथ मलाका में हुए सामूहिक हत्याकांड का खुलासा करते पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

शहर के साउथ मलाका में हुए कारोबारी, उनकी  पत्नी, बेटी और बेटे के सामूहिक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या को अंजाम कारोबारी के बेटे ही नहीं दिया था, जो बाद में खुद भी बंटवारे के विवाद में मारा गया। पुलिस के अनुसार कारोबारी के बेटे अभिषेक ने ही अपने एक दोस्त की मदद से अपने माता-पिता, बहन की हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे सारे जेवरात लूट लिए। बंटवारे को लेकर विवाद होने के बाद दोस्त ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार रविवार को हत्याकांड को अंजाम दिया गया था, जबकि बदबू आने पर मंगलवार को घटना का पता चला था। इस मामले में चौकी इंचार्ज समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। 

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अपने दोस्त को साथ मिलकर बनाई हत्या की योजना

अभिषेक वैश्य ने अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर अपने ही घर में लूटपाट और माता-पिता और बहन के सफाए की योजना बनाई। उसके बुलावे पर शनि गुप्ता रविवार की रात को धारदार हत्या लेकर आ गया। पहले दोनों ने बैठकर बीयर पी। इसके बाद दोनों को मिलकर कारोबारी, उनकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद पूरे घर में लूटपाट कर जेवरात और नकदी को एकत्र किया। मौके पर ही दोनों के बीच लूट के माल के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद शनि गुप्ता ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। बहुत ही शातिर तरीके से उसने उसके ही खून से गत्ते पर लिख दिया, बंटी और बबली ने मारा है। ताकि हत्या का आरोप कारोबी के छोटे बेटे और बहू पर लगे। छोटा बेटा फिलहाल जेल े बंद है। 
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कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की सिर कूंचकर हत्या

मंगलवार को शहर के बीचों-बीच साउथ मलाका चौराहा स्थित मकान में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। दुर्गंध आने पर घर का ताला तोड़ा गया तो कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), पत्नी अनीता (65), बेटी मीनाक्षी (45) और बेटे अभिषेक (40) के शव अलग-अलग कमरे में खून से लथपथ पड़े मिले। चारों के सिर पर गहरी चोट के निशान थे। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति के लालच में वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई गई है।

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Prayagraj Murder Case: The son, considered a gentleman, murdered his parents and sister and was also killed
शनि गुप्ता, हत्या का आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

हर माह आता था करीब एक लाख रुपये किराया

वीरेंद्र कुमार वैश्य साउथ मलाका चौराहा स्थित अपने घर में पत्नी, बेटी और बड़े बेटे के साथ रहते थे। छोटे बेटे अश्वनी को उन्होंने करीब 15 साल पहले संपत्ति से बेदखल कर दिया था। करीब 200 वर्ग गज के इस मकान के भूतल में 14 दुकानें हैं। इनमें 12 किरायेदार हैं। उक्त दुकानों से हर महीने एक लाख रुपये से अधिक का किराया आता है। एक दुकान अभिषेक की है। दूसरी बेटी मीनाक्षी की है। मीनाक्षी ने हाल ही में गिफ्ट गैलरी के नाम से काम शुरू किया था। इस दुकान पर बेटी के साथ वीरेंद्र भी बैठते थे। वीरेंद्र की पत्नी अनीता बीमारी की वजह से पहली मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं।

मकान में बाहर से जड़ा हुआ था ताला

मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी कि मकान से तेज दुर्गंध आ रही है। कोतवाली पुलिस पहुंची तो घर में ताला जड़ा हुआ था। ताला तोड़कर पुलिस ऊपर कमरे में पहुंची तो वीरेंद्र और उनकी पत्नी के शव बेड पर पड़े थे। खोजबीन के दौरान बगल वाले कमरे में बेटी का शव फर्श पर पड़ा मिला। उसके सिर पर गहरे चोट के निशान थे। पुलिस ने भारी वस्तु से हमला करने की आशंका जताई है। तीनों के शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा, डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य, नीरज पांडेय समेत अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।

पूरा मकान खंगालने के बाद दुकान में मिला बेटे का शव

पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर पूरे मकान को खंगाला गया। घर के एक-एक कमरे की स्थिति समझी गई। इस दौरान तीन शव मिलने की बात ही सामने आई। चर्चा होती रही कि बेटा लापता है। इसी बीच पुलिस ने दुकान खुलवाई तो देर शाम बेटे अभिषेक का शव भी पड़ा मिला। उसके सिर पर भी गंभीर चोट के निशान थे। चेहरा काला पड़ा हुआ था। उसे पहचानना मुश्किल हो रहा था। आसपास के लोगों से पहचान कराई गई।

रविवार 12 बजे तक पड़ोसियों ने देखा

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वीरेंद्र कुमार किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। रविवार सुबह घर के बाहर उन्हें सफाई करते देखा गया था। आखिरी बार दोपहर करीब 12 बजे देखा गया। बेटा घर के बाहर घूम रहा था। इसके बाद से किसी को कुछ पता नहीं है। सोमवार व मंगलवार को गिफ्ट की दुकान नहीं खोली गई थी। दुर्गंध आई तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

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