SIR Prayagraj : चार में से कोई एक दस्तावेज है तो सुनवाई में शामिल होने की जरूरत नहीं
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित किए गए दो लाख 87 हजार 612 मतदाताओं को निर्वाचन आयोग ने बड़ी राहत दी है। इन वोटरों के पास अगर चार प्रकार के दस्तावेजों में से कोई एक है तो उन्हें सुनवाई में शामिल होने की जरूरत नहीं है।
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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित किए गए दो लाख 87 हजार 612 मतदाताओं को निर्वाचन आयोग ने बड़ी राहत दी है। इन वोटरों के पास अगर चार प्रकार के दस्तावेजों में से कोई एक है तो उन्हें सुनवाई में शामिल होने की जरूरत नहीं है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूजा मिश्रा के अनुसार नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित वोटर अगर अपने बीएलओ को मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षिक प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र या पासपोर्ट में से कोई एक उपलब्ध करा देते हैं तो उन्हें सुनवाई में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने की जरूरत नहीं है।
इसके साथ ही सुनवाई एवं निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाने और मतदाताओं की सुविधा के लिए 143 नए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इससे पहले 201 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नोटिस जारी करने व निस्तारण की प्रक्रिया में लगे थे। अधिकारियों की संख्या बढ़कर अब 344 हो गई है और इससे सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी आई है।
नो मैपिंग की श्रेणी में उन मतदाताओं को चिह्नित किया गया है जिनके स्वयं के नाम और माता-पिता व दादा-दादी के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं। ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित 11 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करते हुए व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित होना था।
आयोग ने मतदाताओं की सहूलियत के लिए इनमें से चार प्रकार के दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करने पर सुनवाई में उपस्थित होने से छूट दे दी है। हालांकि, संबंधित विभागों से दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दस्तावेज फर्जी तो नहीं हैं। सबसे अधिक वोटरों ने हाईस्कूल की मार्कशीट प्रस्तुत की है, जिनका सत्यापन यूपी बोर्ड से कराया जा रहा है।
तार्किक विसंगति पर भी देना है प्रमाणपत्र
तार्किक विसंगति में तकरीबन 7.74 लाख मतदाता चिह्नित किए गए हैं। ऐसे वोटर जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन 2003 व 2025 की वोटर लिस्ट में उनके नाम की वर्तनी में अंतर है, ऐसे वोटर जिनकी छह मतदाताओं से मैपिंग हुई है, ऐसे वोटर जिनकी आयु व माता-पिता की आयु के बीच 15 वर्ष से कम अंतर है या ऐसे वोटर जिनकी आयु और उनके दादा-दादी की आयु में 40 वर्ष से कम अंतर है और अन्य विसंगतियों के कारण उन्हें तार्किक विसंगति श्रेणी रखा गया है। ऐसे वोटरों को नोटिस प्राप्त होने पर शैक्षिक दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और पासपोर्ट में से कोई एक बीएलओ को उपलब्ध कराना है।
वोटर लिस्ट से जुड़े 9444 युवा मतदाता
एसआईआर के तहत तैयार की जा रही वोटर लिस्ट से अब तक 9444 युवा मतदाता जुड़ चुके हैं। इनकी आयु 18 से 19 वर्ष के बीच है और यह पहली बार मतदान करेंगे। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले 4053 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए फॉर्म भरे थे, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल हैं। छह जनवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से लेकर अब तक 5391 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए फॉर्म भरे हैं, जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जा रहे हैं। इस तरह अब तक कुल 9444 युवा वोटर मतदाता सूची से जुड़ चुके हैं।