सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Take decision on compensation claims of Maha Kumbh stampede victims within 30 days

Prayagraj News: महाकुंभ भगदड़ में मृतकों के मुआवजा दावे पर 30 दिन के भीतर लें फैसला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 02:30 AM IST
विज्ञापन
Take decision on compensation claims of Maha Kumbh stampede victims within 30 days
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों के मुआवजा दावे पर 30 दिन के भीतर फैसला लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत मुआवजे के दावों का निस्तारण करना न्यायिक जांच आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसलिए प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कहकर मुआवजा नहीं रोक सकता। न्यायालय ने मेलाधिकारी को आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ता के दावे पर अगले तीन सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय लें और अनुपालन हलफनामा दाखिल करें। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने प्रयागराज निवासी संजय कुमार शर्मा की याचिका पर दिया है।
Trending Videos

याची ने मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ में एक रिश्तेदार की मृत्यु पर मुआवजे की मांग करते हुए मेला प्रशासन के समक्ष आवेदन किया था। सुनवाई न होने पर याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि न्यायिक जांच आयोग के सचिव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मुआवजे के आवेदनों का निपटारा करना आयोग के कार्यक्षेत्र में नहीं आता। मेला प्रशासन को इसे अपने स्तर पर तय करना चाहिए। अदालत ने कहा कि जब राज्य सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि भगदड़ में जनहानि हुई है और कुछ अन्य मृतकों के परिजनों को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका है, तो याचिकाकर्ता के मामले में देरी का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने भविष्य के लिए भी यह सिद्धांत तय किया है कि मुआवजे के सभी दावों का सत्यापन जिला मजिस्ट्रेट या मेलाधिकारी को ही करना होगा। इसके लिए पुलिस की पंचनामा रिपोर्ट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से तैयार पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पुख्ता साक्ष्य माना जाएगा। वर्तमान मामले में मृतक शिवा देवी का पोस्टमार्टम और पंचनामा रिकॉर्ड पर मौजूद है, जिसे प्रशासन ने चुनौती नहीं दी है। ऐसे में कोर्ट ने तीन सप्ताह में याची के दावे पर फैसला लेने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed