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विश्वेश्वरनाथ मंदिर मस्जिद विवाद की सुनवाई जारी, अगली सुनवाई 27 जनवरी को
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 22 Jan 2021 07:38 PM IST
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी के ज्ञानवापी मजिस्द स्थित भगवान विश्वेश्वरनाथ मंदिर विवाद की सुनवाई जारी है। अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी। कोर्ट ने 20 जनवरी के अपने आदेश को संशोधित करते हुए कहा है कि अंतरिम आदेश जारी नही है।
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणासी की तरफ से अपर जिला जज वाराणसी के आदेश की चुनौती में दाखिल याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया कर रहे है। समयाभाव के कारण याचिका की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
याचिका में वाराणसी में स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर के सिविल वाद को उपासना स्थल (विशेष उपबंध)कानून 1991 की धारा 4 से बाधित मानते हुए निरस्त करने की मांग की गई है। मंदिर की तरफ से कहा गया है कि तहखाने व आसपास लगातार पूजा अर्चना हो रही है।इसलिए अवैध निर्माण हटाकर मंदिर का पुनरुद्धार करने की अनुमति दी जाए और याचिका खारिज की जाए।
18 अक्तूबर 91को स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर बनाम अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणसी सिविल वाद दायर किया गया। जिसमें तहखाने के ऊपर निर्माण सहित पुराने मंदिर के हिस्से व नौबत खाने को भगवान विश्वेश्वर नाथ की संपत्ति घोषित करने, हिन्दुओं को मंदिर का पुनरुद्धार करने का अनुमति देने की मांग की गई है। साथ ही अवैध निर्माण हटाकर वादी को कब्जा सौपने और सेवा,पूजा, राज भोग में हस्तक्षेप पर स्थायी रोक लगाने की मांग की गई है। याची अंजुमन ने 1991के उपासना स्थल कानून के तहत आपत्ति दाखिल कर 15अगस्त 1947की स्थिति बरकरार रखे जाने व मुकदमें को खारिज करने की मांग की है।
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अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणासी की तरफ से अपर जिला जज वाराणसी के आदेश की चुनौती में दाखिल याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया कर रहे है। समयाभाव के कारण याचिका की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
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याचिका में वाराणसी में स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर के सिविल वाद को उपासना स्थल (विशेष उपबंध)कानून 1991 की धारा 4 से बाधित मानते हुए निरस्त करने की मांग की गई है। मंदिर की तरफ से कहा गया है कि तहखाने व आसपास लगातार पूजा अर्चना हो रही है।इसलिए अवैध निर्माण हटाकर मंदिर का पुनरुद्धार करने की अनुमति दी जाए और याचिका खारिज की जाए।
18 अक्तूबर 91को स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर बनाम अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणसी सिविल वाद दायर किया गया। जिसमें तहखाने के ऊपर निर्माण सहित पुराने मंदिर के हिस्से व नौबत खाने को भगवान विश्वेश्वर नाथ की संपत्ति घोषित करने, हिन्दुओं को मंदिर का पुनरुद्धार करने का अनुमति देने की मांग की गई है। साथ ही अवैध निर्माण हटाकर वादी को कब्जा सौपने और सेवा,पूजा, राज भोग में हस्तक्षेप पर स्थायी रोक लगाने की मांग की गई है। याची अंजुमन ने 1991के उपासना स्थल कानून के तहत आपत्ति दाखिल कर 15अगस्त 1947की स्थिति बरकरार रखे जाने व मुकदमें को खारिज करने की मांग की है।