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Ambedkar Nagar News: फोखरा व मलंगों की अगुवाई में निकला जुलूस
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सज्जादानशीन आलम शाह का स्वागत करते लोग।संवाद
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अंबेडकरनगर। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी के 640वें सालाना उर्स के अवसर पर शुक्रवार को मलंगों की अगुवाई में जुलूस निकाला गया। मलंगों और फोखराओं के साथ इस रस्म में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान दरगाह परिसर सूफियाना माहौल में नजर आया।
नमाज-ए-अस्र के बाद मलंगों और फोखराओं के सज्जादानशीन आलम शाह मलंग गेट पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद फोखराओं ने सूफियाना तरानों, जिक्र-ओ-अजकार और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ उन्हें आस्ताने आलिया तक पहुंचाया। आस्ताने आलिया पहुंचने के बाद 24 मुहर्रम की रस्म पूरी की गई।
इसके बाद चादरपोशी की गई और देश व समाज की खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। इस दौरान दरगाह परिसर में जायरीन की मौजूदगी रही। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर इंतजाम किए गए। कार्यक्रम के दौरान कव्वालों ने कई सूफियाना कलाम पेश किए। नूरे नजर है मेरे मुख्तार की चादर सहित अन्य कलामों ने महफिल में माहौल बनाया। जायरीन ने कव्वाली का आनंद लिया और दरगाह पर अपनी हाजिरी लगाई। आलम शाह के स्वागत कार्यक्रम में सैयद मेराजुद्दीन किछौछवी, समाजसेवी शरद यादव, मोहम्मद कलाम शाह आदि उपस्थित रहे।
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नमाज-ए-अस्र के बाद मलंगों और फोखराओं के सज्जादानशीन आलम शाह मलंग गेट पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद फोखराओं ने सूफियाना तरानों, जिक्र-ओ-अजकार और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ उन्हें आस्ताने आलिया तक पहुंचाया। आस्ताने आलिया पहुंचने के बाद 24 मुहर्रम की रस्म पूरी की गई।
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इसके बाद चादरपोशी की गई और देश व समाज की खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। इस दौरान दरगाह परिसर में जायरीन की मौजूदगी रही। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर इंतजाम किए गए। कार्यक्रम के दौरान कव्वालों ने कई सूफियाना कलाम पेश किए। नूरे नजर है मेरे मुख्तार की चादर सहित अन्य कलामों ने महफिल में माहौल बनाया। जायरीन ने कव्वाली का आनंद लिया और दरगाह पर अपनी हाजिरी लगाई। आलम शाह के स्वागत कार्यक्रम में सैयद मेराजुद्दीन किछौछवी, समाजसेवी शरद यादव, मोहम्मद कलाम शाह आदि उपस्थित रहे।
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