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Ambedkar Nagar News: जमीन पर कब्जे के दाैरान विवाद भगदड़ में ग्रामीण की गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 11 Jan 2026 10:44 PM IST
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पति की मौत के बाद रोती बिलखती पत्नी चंद्रावती व अन्य महिलाएं।
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर क्षेत्र में रामलीला मैदान की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास का विरोध कर रहे एक ग्रामीण की भगदड़ के दाैरान मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दबंगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
घटना अकबरपुर के अरिया बाजार में रविवार सुबह हुई। ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय अरिया बाजार के पास स्थित एक जमीन पर वर्ष 1965 से रामलीला का मंचन होता आ रहा है और इसके लिए एक चबूतरा भी बना हुआ है। पिछले कुछ समय से कुछ दबंग इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिसे वे एक एससी व्यक्ति के पट्टे की जमीन बता रहे थे। इस मामले को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। हाल ही में, पुलिस और राजस्व टीम द्वारा की गई पैमाइश में यह जमीन रामदीन नामक व्यक्ति की निकली थी। इसके बाद, रामकुमार वर्मा और उनके साथियों ने मुख्य सड़क के सामने उस जमीन पर लगभग तीन फीट ऊंची बाउंड्री करा दी थी, जिससे ग्रामीणों में रोष था।
आरोप है कि रविवार की सुबह करीब चार बजे रामकुमार वर्मा, ओमकार वर्मा, ओमप्रकाश और उनके लगभग 40-50 साथी जमीन पर पहुंचे और रामलीला के मंचन के लिए बने चबूतरे को हथौड़े और अन्य औजारों से तोड़ना शुरू कर दिया। इस खबर की सूचना मिलते ही रामलीला समिति के सदस्य और तमाम ग्रामीण माैके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर दबंगों ने लाठी-डंडे और सरिया से हमला कर दिया। इस बीच वहां भगदड़ मच गई। भगदड़ के बीच फतेहपुर निवासी ग्रामीण कृष्ण कुमार वर्मा (50) अचानक जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
पुलिस पहले चेत जाती तो न होता हादसा, तनाव
घटना की सूचना मिलते ही अकबरपुर और टांडा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। ग्रामीणों का आरोप था कि लंबे समय से चल रहे विवाद के बावजूद पुलिस ने पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस पहले से मामले में चेत जाती तो ऐसा हादसा नहीं होता। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मृतक के बेटे की तहरीर के आधार पर तीन नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है।
अकबरपुर-टांडा मार्ग जाम करने का किया प्रयास
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों, जिनमें कई गांवों के पुरुष और महिलाएं शामिल थीं, ने अकबरपुर-टांडा मार्ग को जाम करने का प्रयास किया। हालांकि, महिला थाना प्रभारी ज्योति वर्मा के समझाने पर महिलाएं शांत हुईं और वापस लौट गईं। पुलिस ने सड़क जाम करने के लिए उकसाने वाले कुछ युवाओं और ग्रामीणों को चेतावनी देकर वापस भेजा।
परिवार सदमे में
मृतक कृष्ण कुमार वर्मा परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वह पहले लुधियाना में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में एनटीपीसी में ठेका कर्मचारी के रूप में काम करने लगे, जहां से भी उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी थी। उनकी चार संतानें हैं, जिनमें दो बेटियों का विवाह हो चुका है, एक बेटा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है और सबसे छोटी बेटी बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। पति की अचानक मौत से उनकी पत्नी चंद्रावती सदमे में हैं और बार-बार बेहोश हो रही हैं।
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घटना अकबरपुर के अरिया बाजार में रविवार सुबह हुई। ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय अरिया बाजार के पास स्थित एक जमीन पर वर्ष 1965 से रामलीला का मंचन होता आ रहा है और इसके लिए एक चबूतरा भी बना हुआ है। पिछले कुछ समय से कुछ दबंग इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिसे वे एक एससी व्यक्ति के पट्टे की जमीन बता रहे थे। इस मामले को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। हाल ही में, पुलिस और राजस्व टीम द्वारा की गई पैमाइश में यह जमीन रामदीन नामक व्यक्ति की निकली थी। इसके बाद, रामकुमार वर्मा और उनके साथियों ने मुख्य सड़क के सामने उस जमीन पर लगभग तीन फीट ऊंची बाउंड्री करा दी थी, जिससे ग्रामीणों में रोष था।
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आरोप है कि रविवार की सुबह करीब चार बजे रामकुमार वर्मा, ओमकार वर्मा, ओमप्रकाश और उनके लगभग 40-50 साथी जमीन पर पहुंचे और रामलीला के मंचन के लिए बने चबूतरे को हथौड़े और अन्य औजारों से तोड़ना शुरू कर दिया। इस खबर की सूचना मिलते ही रामलीला समिति के सदस्य और तमाम ग्रामीण माैके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर दबंगों ने लाठी-डंडे और सरिया से हमला कर दिया। इस बीच वहां भगदड़ मच गई। भगदड़ के बीच फतेहपुर निवासी ग्रामीण कृष्ण कुमार वर्मा (50) अचानक जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
पुलिस पहले चेत जाती तो न होता हादसा, तनाव
घटना की सूचना मिलते ही अकबरपुर और टांडा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। ग्रामीणों का आरोप था कि लंबे समय से चल रहे विवाद के बावजूद पुलिस ने पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस पहले से मामले में चेत जाती तो ऐसा हादसा नहीं होता। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मृतक के बेटे की तहरीर के आधार पर तीन नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है।
अकबरपुर-टांडा मार्ग जाम करने का किया प्रयास
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों, जिनमें कई गांवों के पुरुष और महिलाएं शामिल थीं, ने अकबरपुर-टांडा मार्ग को जाम करने का प्रयास किया। हालांकि, महिला थाना प्रभारी ज्योति वर्मा के समझाने पर महिलाएं शांत हुईं और वापस लौट गईं। पुलिस ने सड़क जाम करने के लिए उकसाने वाले कुछ युवाओं और ग्रामीणों को चेतावनी देकर वापस भेजा।
परिवार सदमे में
मृतक कृष्ण कुमार वर्मा परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वह पहले लुधियाना में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में एनटीपीसी में ठेका कर्मचारी के रूप में काम करने लगे, जहां से भी उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी थी। उनकी चार संतानें हैं, जिनमें दो बेटियों का विवाह हो चुका है, एक बेटा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है और सबसे छोटी बेटी बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। पति की अचानक मौत से उनकी पत्नी चंद्रावती सदमे में हैं और बार-बार बेहोश हो रही हैं।