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Ambedkar Nagar News: बोगस फर्म बनाकर लाखों की जीएसटी चोरी
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अंबेडकरनगर। बोगस फर्में बनाकर सरकारी राजस्व को लाखों रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। जलालपुर के कंस्ट्रक्शन व्यवसायी आलोक कुमार सिंह ने धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह प्राथमिकी लखनऊ के फर्म संचालक धीरज पांडेय और उनके पिता संतोष पांडेय के खिलाफ जैतपुर थाने में दर्ज हुई है।
आलोक कुमार सिंह ने अगस्त 2023 में धीरज पांडेय से तारकोल खरीदने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने 10 अगस्त 2023 को धीरज की मां सुनीता पांडेय की फर्म से 8 लाख 13 हजार 358 रुपये का तारकोल खरीदा। इसके बाद 15 अगस्त को उसी फर्म से 13 लाख 13 हजार 312 रुपये का तारकोल दोबारा खरीदा गया। इन खरीदारियों के भुगतान के साथ आलोक ने जीएसटी और सीजीएसटी के रूप में 3 लाख 82 हजार 800 रुपये भी जमा कराए थे।
जनवरी 2026 में आलोक को कार्यालय से जीएसटी जमा न होने की नोटिस मिला। उन्होंने धीरज पांडेय और संतोष पांडेय से संपर्क किया, जिन्होंने बकाया जीएसटी जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया। बार-बार आश्वासन के बावजूद जीएसटी जमा नहीं हुआ, जिसके बाद आलोक ने पुलिस की मदद ली। दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी हुआ, लेकिन बकाया जीएसटी फिर भी जमा नहीं किया गया।
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जीएसटी विभाग से शिकायत के बाद की गई जांच में यह बात सामने आई कि फर्म बोगस थी। दिए गए पते पर उसका कोई संचालन नहीं पाया गया। इस खुलासे के बाद आलोक ने पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की। सीओ जलालपुर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने अब इस पूरे प्रकरण की विवेचना शुरू कर दी है।
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आलोक कुमार सिंह ने अगस्त 2023 में धीरज पांडेय से तारकोल खरीदने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने 10 अगस्त 2023 को धीरज की मां सुनीता पांडेय की फर्म से 8 लाख 13 हजार 358 रुपये का तारकोल खरीदा। इसके बाद 15 अगस्त को उसी फर्म से 13 लाख 13 हजार 312 रुपये का तारकोल दोबारा खरीदा गया। इन खरीदारियों के भुगतान के साथ आलोक ने जीएसटी और सीजीएसटी के रूप में 3 लाख 82 हजार 800 रुपये भी जमा कराए थे।
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जनवरी 2026 में आलोक को कार्यालय से जीएसटी जमा न होने की नोटिस मिला। उन्होंने धीरज पांडेय और संतोष पांडेय से संपर्क किया, जिन्होंने बकाया जीएसटी जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया। बार-बार आश्वासन के बावजूद जीएसटी जमा नहीं हुआ, जिसके बाद आलोक ने पुलिस की मदद ली। दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी हुआ, लेकिन बकाया जीएसटी फिर भी जमा नहीं किया गया।
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जीएसटी विभाग से शिकायत के बाद की गई जांच में यह बात सामने आई कि फर्म बोगस थी। दिए गए पते पर उसका कोई संचालन नहीं पाया गया। इस खुलासे के बाद आलोक ने पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की। सीओ जलालपुर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने अब इस पूरे प्रकरण की विवेचना शुरू कर दी है।