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Ambedkar Nagar News: मुर्गी फार्म में ड्रग्स फैक्टरी, दो गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 20 Mar 2026 10:52 PM IST
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गुजरात एटीएस की हिरासत में अंबेडकरनगर से पकड़े के मेफड्रोन बनाने और सप्लाई करने के आरोपी पंकज व
- फोटो : टक्कर से क्षतिग्रस्त कार। संवाद
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अंबेडकरनगर। जिले के महरुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर कर्री और मलोनिया गांव की सीमा पर स्थित एक मुर्गी फार्म में अवैध मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने की फैक्टरी पकड़े जाने से सनसनी फैल गई है।
घनी आबादी से दूर और जंगल के बीच होने के कारण इस ठिकाने पर चल रही गतिविधियों की किसी को भनक तक नहीं लगी। गुजरात एटीएस की टीम ने सोमवार को यहां छापा मारकर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और रसायन बरामद किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच में सामने आया है कि यहां तैयार होने वाले एमडी पाउडर की सप्लाई गुजरात समेत कई अन्य राज्यों में की जा रही थी। मौके से पुलिस ने अयोध्या निवासी कपिलदेव शर्मा और राम शंकर उर्फ पंकज को गिरफ्तार किया है। यह मुर्गी फार्म पिछले चार महीनों से किराये पर लेकर संचालित किया जा रहा था। पुलिस को मौके से छह किलो मेफेड्रोन पाउडर, 50 किलो लिक्विड मेफेड्रोन और भारी मात्रा में अन्य प्रतिबंधित रसायन मिले हैं।
बताया जा रहा है कि उपलब्ध रसायनों से 25 किलो अतिरिक्त ड्रग्स और तैयार किया जा सकता था। इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स के उत्पादन की जानकारी पुलिस को न होना अब जांच का विषय बन गया है। इस प्रकरण में कपिलदेव के एक रिश्तेदार की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिसकी तलाश हो रही है। (संवाद)
g ऐसे सामने आया था मामला : गुजरात एटीएस की इस कार्रवाई की शुरुआत एक मार्च को हुई, जब खुफिया जानकारी के आधार पर अहमदाबाद के गोमतीपुर इलाके से शफात अहमद फारूकी को भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद एटीएस ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। इसी कड़ी में अहमदाबाद के दाणीलीमड़ा से सोहेल मिर्जा और फरहान पठान की गिरफ्तारी हुई, जिनसे पूछताछ में पहली बार जिले के इस कारखाने का सुराग मिला। जांच में पता चला कि देश में ड्रग्स की सप्लाई का मुख्य केंद्र यहीं था। आरोपी पंकज, कपिल खुद इस अवैध फैक्टरी में ड्रग्स तैयार करते थे और फिर उसे अलग-अलग राज्यों में भेजते थे।
g कपिल इंटर तो पंकज सिर्फ हाईस्कूल है पास : गिरफ्तार आरोपियों में कपिल केवल 12वीं पास है, जबकि पंकज ने सिर्फ हाईस्कूल तक की शिक्षा प्राप्त की है। एक ही गांव के रहने वाले इन दोनों आरोपियों से अब गुजरात एटीएस रिमांड पर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
जांच का मुख्य केंद्र अब यह पता लगाना है कि इतनी कम शिक्षा के बावजूद इन्होंने एमडी जैसा जटिल नशीला पाउडर बनाने का तरीका कहां से और किसकी मदद से सीखा। पुलिस उस नेटवर्क को भी खंगाल रही है जिसके जरिए इन्हें ड्रग्स बनाने के लिए कच्चा माल सप्लाई किया जा रहा था।
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घनी आबादी से दूर और जंगल के बीच होने के कारण इस ठिकाने पर चल रही गतिविधियों की किसी को भनक तक नहीं लगी। गुजरात एटीएस की टीम ने सोमवार को यहां छापा मारकर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और रसायन बरामद किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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जांच में सामने आया है कि यहां तैयार होने वाले एमडी पाउडर की सप्लाई गुजरात समेत कई अन्य राज्यों में की जा रही थी। मौके से पुलिस ने अयोध्या निवासी कपिलदेव शर्मा और राम शंकर उर्फ पंकज को गिरफ्तार किया है। यह मुर्गी फार्म पिछले चार महीनों से किराये पर लेकर संचालित किया जा रहा था। पुलिस को मौके से छह किलो मेफेड्रोन पाउडर, 50 किलो लिक्विड मेफेड्रोन और भारी मात्रा में अन्य प्रतिबंधित रसायन मिले हैं।
बताया जा रहा है कि उपलब्ध रसायनों से 25 किलो अतिरिक्त ड्रग्स और तैयार किया जा सकता था। इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स के उत्पादन की जानकारी पुलिस को न होना अब जांच का विषय बन गया है। इस प्रकरण में कपिलदेव के एक रिश्तेदार की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिसकी तलाश हो रही है। (संवाद)
g ऐसे सामने आया था मामला : गुजरात एटीएस की इस कार्रवाई की शुरुआत एक मार्च को हुई, जब खुफिया जानकारी के आधार पर अहमदाबाद के गोमतीपुर इलाके से शफात अहमद फारूकी को भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद एटीएस ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। इसी कड़ी में अहमदाबाद के दाणीलीमड़ा से सोहेल मिर्जा और फरहान पठान की गिरफ्तारी हुई, जिनसे पूछताछ में पहली बार जिले के इस कारखाने का सुराग मिला। जांच में पता चला कि देश में ड्रग्स की सप्लाई का मुख्य केंद्र यहीं था। आरोपी पंकज, कपिल खुद इस अवैध फैक्टरी में ड्रग्स तैयार करते थे और फिर उसे अलग-अलग राज्यों में भेजते थे।
g कपिल इंटर तो पंकज सिर्फ हाईस्कूल है पास : गिरफ्तार आरोपियों में कपिल केवल 12वीं पास है, जबकि पंकज ने सिर्फ हाईस्कूल तक की शिक्षा प्राप्त की है। एक ही गांव के रहने वाले इन दोनों आरोपियों से अब गुजरात एटीएस रिमांड पर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
जांच का मुख्य केंद्र अब यह पता लगाना है कि इतनी कम शिक्षा के बावजूद इन्होंने एमडी जैसा जटिल नशीला पाउडर बनाने का तरीका कहां से और किसकी मदद से सीखा। पुलिस उस नेटवर्क को भी खंगाल रही है जिसके जरिए इन्हें ड्रग्स बनाने के लिए कच्चा माल सप्लाई किया जा रहा था।