{"_id":"697500f81cbc4e93d00fe2a2","slug":"electoral-mathematics-changed-after-sir-in-katehari-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1014-149401-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: कटेहरी में एसआईआर के बाद बदला चुनावी गणित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: कटेहरी में एसआईआर के बाद बदला चुनावी गणित
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 24 Jan 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर अभियान के बाद चुनावी परिदृश्य में बदलाव सामने आया है। बदलाव मतदाता सूची से आगे बढ़कर 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठनात्मक ढांचे और बूथ प्रबंधन को भी प्रभावित करता दिख रहा है। संशोधित आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि आगामी चुनाव पहले की तुलना में अधिक संतुलित और प्रतिस्पर्धी होगा। एसआईआर प्रक्रिया में कुल 53,992 मतदाताओं के नाम सूची से हटे।
अभियान से पहले मतदाताओं की संख्या 4,05,615 थी, जो अब घटकर 3,51,626 रह गई है। इस तरह मतदाता सूची में लगभग 13.31 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मतदाता संख्या में कमी के बावजूद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले 425 मतदान केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर 486 कर दिया गया है। कम मतदाताओं के बीच अधिक बूथ होने से मतदान व्यवस्था को सुचारु बनाने की तैयारी तो दिखती है, लेकिन इससे राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के सामने संगठनात्मक दबाव भी बढ़ गया है। बदली परिस्थितियों में चुनावी रणनीति का फोकस बूथ स्तर पर केंद्रित होता नजर आ रहा है।मतदाता आधार के सिमटने से हर वोट का महत्व बढ़ गया है। राजनीतिक दलों को बूथवार आंकड़ों और स्थानीय समीकरणों के आधार पर रणनीति तैयार करनी होगी।
-- -- -- -- -- -- -- --
पिछले चुनावों की यह थी तस्वीर
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के लालजी वर्मा ने 93,524 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी। निषाद पार्टी के अवधेश द्विवेदी को 85,828 और बसपा के प्रतीक पांडेय को 58,482 मत मिले थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा के लालजी वर्मा 84,358 मत पाकर विजयी हुए थें। भाजपा के अवधेश द्विवेदी को 78,071और सपा के जयशंकर पांडेय को 45,532 मत मिले थे।
-- -- -- -- -- -- -- --
टांडा विधानसभा की स्थिति एक नजर में
एसआईआर से पहले कुल मतदाता : 4,05,615
एसआईआर के बाद कुल मतदाता : 3,51,626
मृतक मतदाता : 8,493
अनुपस्थित मतदाता : 9,738
स्थानांतरित मतदाता : 30,229
डुप्लीकेट मतदाता : 4,115
कुल कटे मतदाता : 53,992
एसआईआर से पहले बूथ : 425
नए बढ़े बूथ : 61
कुल बूथ (अब) : 486
-- -- -- -- -- -- -- --
Trending Videos
अभियान से पहले मतदाताओं की संख्या 4,05,615 थी, जो अब घटकर 3,51,626 रह गई है। इस तरह मतदाता सूची में लगभग 13.31 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मतदाता संख्या में कमी के बावजूद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले 425 मतदान केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर 486 कर दिया गया है। कम मतदाताओं के बीच अधिक बूथ होने से मतदान व्यवस्था को सुचारु बनाने की तैयारी तो दिखती है, लेकिन इससे राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के सामने संगठनात्मक दबाव भी बढ़ गया है। बदली परिस्थितियों में चुनावी रणनीति का फोकस बूथ स्तर पर केंद्रित होता नजर आ रहा है।मतदाता आधार के सिमटने से हर वोट का महत्व बढ़ गया है। राजनीतिक दलों को बूथवार आंकड़ों और स्थानीय समीकरणों के आधार पर रणनीति तैयार करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले चुनावों की यह थी तस्वीर
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के लालजी वर्मा ने 93,524 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी। निषाद पार्टी के अवधेश द्विवेदी को 85,828 और बसपा के प्रतीक पांडेय को 58,482 मत मिले थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा के लालजी वर्मा 84,358 मत पाकर विजयी हुए थें। भाजपा के अवधेश द्विवेदी को 78,071और सपा के जयशंकर पांडेय को 45,532 मत मिले थे।
टांडा विधानसभा की स्थिति एक नजर में
एसआईआर से पहले कुल मतदाता : 4,05,615
एसआईआर के बाद कुल मतदाता : 3,51,626
मृतक मतदाता : 8,493
अनुपस्थित मतदाता : 9,738
स्थानांतरित मतदाता : 30,229
डुप्लीकेट मतदाता : 4,115
कुल कटे मतदाता : 53,992
एसआईआर से पहले बूथ : 425
नए बढ़े बूथ : 61
कुल बूथ (अब) : 486
