{"_id":"69c9876dda8c26d78d03b8b3","slug":"everyone-must-protect-the-cow-swami-avimukteshwarananda-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-153248-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी को करनी होगी गोमाता की रक्षा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी को करनी होगी गोमाता की रक्षा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
टांडा क्षेत्र के गोवर्धनपुर में चरण पादुका पूजन के दौरान मौजूद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरा
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। टांडा के गोवर्धनपुर में ज्योर्तिमठ उत्तराखंड के वित्त विभाग के प्रमुख मदन मोहन उपाध्याय के आवास पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शनिवार रात आगमन हुआ। रविवार सुबह चरण पादुका पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसके बाद शंकराचार्य मीडिया से रूबरू हुए।
शंकराचार्य ने अपनी धर्मयुद्ध यात्रा के बारे में बताया कि आगामी तीन मई से 23 जुलाई तक पूरे प्रदेश में यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गोमाता की अनदेखी और अन्याय के विरोध में निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 40 दिन में स्थिति में सुधार का समय दिया था, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। गोमाता की रक्षा किसी भी पार्टी का नेता हो, उसे करनी पड़ेगी।
स्वामी रामभद्राचार्य से विवाद पर कहा कि संत दो तरह के हो गए हैं सरकारी और असर-कारी। हम स्वयं को असर-कारी श्रेणी में रखना चाहते हैं। सरकारी संतों से भला नहीं होने वाला है। अन्याय और अत्याचार पर सरकारी संत सत्ता के लिए ही बोल रहे हैं। साधुओं का कर्तव्य है कि जनता की तरफ से सरकार पर सवाल उठाएं।
सरकारी संत से सनातन धर्म को कोई उम्मीद नहीं है। गलत को गलत और सही को सही बोलना सनातनी को आना चाहिए। यूजीसी में किए गए संशोधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग के लोगों की सिर्फ शिकायतों को सही मानकर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को शिकायत गलत साबित करना पड़ेगा।
मधु किश्वर की बताई इच्छा
मधु पूर्णिमा किश्वर पर उन्होंने कहा कि कुछ महीनों पहले मधु किश्वर ने मिलकर अपनी चल-अचल संपत्ति धर्म कार्य के लिए समर्पित करने की इच्छा जाहिर की थी। उनकी इच्छा को स्वीकार किया। उनके मरणोपरांत उस संपत्ति का इस्तेमाल धर्म कार्य के लिए किया जाएगा।
जवाब के बाद सब चुप
प्रयागराज में हुए विवाद में शंकराचार्य होने पर उठे सवालों पर कहा कि हमारी ओर से जवाब दिया गया है। इसका निर्णय लेने का अधिकार सरकार का नहीं है। जवाब के बाद सब चुुप हैं। दोनों डिप्टी सीएम के पक्ष में बोलने पर कहा कि वह दोनों पार्टी को बचाने के लिए सोच रहे हैं।
Trending Videos
शंकराचार्य ने अपनी धर्मयुद्ध यात्रा के बारे में बताया कि आगामी तीन मई से 23 जुलाई तक पूरे प्रदेश में यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गोमाता की अनदेखी और अन्याय के विरोध में निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 40 दिन में स्थिति में सुधार का समय दिया था, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। गोमाता की रक्षा किसी भी पार्टी का नेता हो, उसे करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वामी रामभद्राचार्य से विवाद पर कहा कि संत दो तरह के हो गए हैं सरकारी और असर-कारी। हम स्वयं को असर-कारी श्रेणी में रखना चाहते हैं। सरकारी संतों से भला नहीं होने वाला है। अन्याय और अत्याचार पर सरकारी संत सत्ता के लिए ही बोल रहे हैं। साधुओं का कर्तव्य है कि जनता की तरफ से सरकार पर सवाल उठाएं।
सरकारी संत से सनातन धर्म को कोई उम्मीद नहीं है। गलत को गलत और सही को सही बोलना सनातनी को आना चाहिए। यूजीसी में किए गए संशोधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग के लोगों की सिर्फ शिकायतों को सही मानकर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को शिकायत गलत साबित करना पड़ेगा।
मधु किश्वर की बताई इच्छा
मधु पूर्णिमा किश्वर पर उन्होंने कहा कि कुछ महीनों पहले मधु किश्वर ने मिलकर अपनी चल-अचल संपत्ति धर्म कार्य के लिए समर्पित करने की इच्छा जाहिर की थी। उनकी इच्छा को स्वीकार किया। उनके मरणोपरांत उस संपत्ति का इस्तेमाल धर्म कार्य के लिए किया जाएगा।
जवाब के बाद सब चुप
प्रयागराज में हुए विवाद में शंकराचार्य होने पर उठे सवालों पर कहा कि हमारी ओर से जवाब दिया गया है। इसका निर्णय लेने का अधिकार सरकार का नहीं है। जवाब के बाद सब चुुप हैं। दोनों डिप्टी सीएम के पक्ष में बोलने पर कहा कि वह दोनों पार्टी को बचाने के लिए सोच रहे हैं।