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Ambedkar Nagar News: आसान है गृह विज्ञान, पर तैयारी करने से ही मिलेंगे अच्छे अंक
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 10:54 PM IST
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.अनुराधा सिंह।
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आते ही छात्राओं में पढ़ाई को लेकर उत्सुकता के साथ-साथ तनाव भी बढ़ता जा रहा है। खासकर गृह विज्ञान जैसे विषय को लेकर छात्राओं के मन में यह धारणा बनी रहती है कि यह आसान है, लेकिन सही तैयारी के अभाव में अपेक्षित अंक नहीं मिल पाते।
इसी को ध्यान में रखते हुए सुमित्रा देवी शुक्ला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आलापुर की गृह विज्ञान शिक्षिका अनुराधा सिंह तथा राजकीय बालिका हाई स्कूल अहिरौली रानीमऊ की शिक्षिका पूनम यादव ने परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए छात्राओं को उपयोगी सुझाव दिए। शिक्षिका अनुराधा सिंह ने कहा कि गृह विज्ञान विषय केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि जीवन से जुड़ा व्यावहारिक विषय है। यदि छात्राएं विषय की अवधारणाओं को समझकर पढ़ाई करें तो अच्छे अंक प्राप्त करना कठिन नहीं है। उन्होंने पोषण, वस्त्र विज्ञान, गृह प्रबंधन, बाल विकास और खाद्य विज्ञान जैसे अध्यायों को आपस में जोड़कर समझने पर जोर दिया, क्योंकि अक्सर प्रश्न ऐसे आते हैं जिनमें एक से अधिक अध्यायों का समन्वय होता है।
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महत्वपूर्ण बिंदुओं को संक्षेप में लिखें
अनुराधा सिंह ने सुझाव दिया कि छात्राएं प्रत्येक अध्याय के महत्वपूर्ण बिंदुओं को अलग से नोटबुक में संक्षेप में लिखें। इससे दोहराव में आसानी होगी और परीक्षा से पहले कम समय में पूरे प्रश्नों की पुनरावृत्ति की जा सकेगी। उन्होंने उत्तर लेखन शैली पर जोर देते हुए कहा कि प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट भाषा में लिखें। जहां संभव हो, वहां बिंदुओं में उत्तर प्रस्तुत करें। आरेख, तालिका और चार्ट का सही उपयोग करने से उत्तर प्रभावशाली बनता है और परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
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प्रायोगिक ज्ञान और समय प्रबंधन पर जोर
शिक्षिका पूनम यादव ने कहा कि गृहविज्ञान में प्रायोगिक ज्ञान का विशेष महत्व है। पोषण संबंधी प्रश्नों में संतुलित आहार, कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्वों से जुड़े तथ्यों को उदाहरण सहित लिखना चाहिए। बाल विकास से जुड़े प्रश्नों में आयु अनुसार विकासात्मक विशेषताओं को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।
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इसी को ध्यान में रखते हुए सुमित्रा देवी शुक्ला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आलापुर की गृह विज्ञान शिक्षिका अनुराधा सिंह तथा राजकीय बालिका हाई स्कूल अहिरौली रानीमऊ की शिक्षिका पूनम यादव ने परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए छात्राओं को उपयोगी सुझाव दिए। शिक्षिका अनुराधा सिंह ने कहा कि गृह विज्ञान विषय केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि जीवन से जुड़ा व्यावहारिक विषय है। यदि छात्राएं विषय की अवधारणाओं को समझकर पढ़ाई करें तो अच्छे अंक प्राप्त करना कठिन नहीं है। उन्होंने पोषण, वस्त्र विज्ञान, गृह प्रबंधन, बाल विकास और खाद्य विज्ञान जैसे अध्यायों को आपस में जोड़कर समझने पर जोर दिया, क्योंकि अक्सर प्रश्न ऐसे आते हैं जिनमें एक से अधिक अध्यायों का समन्वय होता है।
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महत्वपूर्ण बिंदुओं को संक्षेप में लिखें
अनुराधा सिंह ने सुझाव दिया कि छात्राएं प्रत्येक अध्याय के महत्वपूर्ण बिंदुओं को अलग से नोटबुक में संक्षेप में लिखें। इससे दोहराव में आसानी होगी और परीक्षा से पहले कम समय में पूरे प्रश्नों की पुनरावृत्ति की जा सकेगी। उन्होंने उत्तर लेखन शैली पर जोर देते हुए कहा कि प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट भाषा में लिखें। जहां संभव हो, वहां बिंदुओं में उत्तर प्रस्तुत करें। आरेख, तालिका और चार्ट का सही उपयोग करने से उत्तर प्रभावशाली बनता है और परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
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प्रायोगिक ज्ञान और समय प्रबंधन पर जोर
शिक्षिका पूनम यादव ने कहा कि गृहविज्ञान में प्रायोगिक ज्ञान का विशेष महत्व है। पोषण संबंधी प्रश्नों में संतुलित आहार, कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्वों से जुड़े तथ्यों को उदाहरण सहित लिखना चाहिए। बाल विकास से जुड़े प्रश्नों में आयु अनुसार विकासात्मक विशेषताओं को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए।
