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Ambedkar Nagar News: 571 में से सिर्फ 165 परियोजनाएं हुईं पूरी, ग्रामीण प्यासे
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 23 Feb 2026 12:06 AM IST
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.हंसवर क्षेत्र के बरही ऐदिलपुर में निर्माणाधीन पानी टंकी
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अंबेडकरनगर। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रही है। अंबेडकरनगर जिले में 1600 करोड़ रुपये की लागत से 1699 राजस्व गांवों में 571 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण किया जाना है, लेकिन काम की अत्यंत धीमी गति के कारण ग्रामीणों को अभी भी दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ओवरहेड टैंक का निर्माण अधूरा है, तो कहीं पाइपलाइन बिछाने के बावजूद पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
सरकार की मंशा के विपरीत, जिले में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की प्रगति बेहद सुस्त है। अब तक कुल 571 परियोजनाओं में से केवल 165 ही पूरी हो पाई हैं। वहीं, 220 परियोजनाओं में केवल पंप से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो स्थायी समाधान नहीं है। जल जीवन मिशन के तहत जिले में दो कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं। इन संस्थाओं की सुस्त कार्य प्रगति पर अधिकारियों ने कई बार फटकार लगाई है, लेकिन इसका काम की गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। विभाग के अनुसार, 11,318 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी थी, जिसमें से अब तक केवल 10,900 किलोमीटर पाइपलाइन का कार्य ही पूरा हो सका है। हालांकि, दो लाख 97 हजार 740 नल कनेक्शनों में से दो लाख 91 हजार 600 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जिन परियोजनाओं का निर्माण अधूरा है, उनकी समय सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन काम कब तक पूरा होगा, यह अभी अनिश्चित है।
ग्रामीणों को हो रही भारी दुश्वारियां:
परियोजनाओं की धीमी गति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। लोगों को पीने के लिए दूषित और असुरक्षित पानी का सेवन करना पड़ रहा है, जिससे विभिन्न जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता कमला शंकर ने आश्वासन दिया है कि सभी राजस्व गांवों में परियोजनाएं चल रही हैं। कुछ स्थानों पर काम की गति धीमी है, जिसे पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय से काम पूरा हो सके।
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सरकार की मंशा के विपरीत, जिले में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की प्रगति बेहद सुस्त है। अब तक कुल 571 परियोजनाओं में से केवल 165 ही पूरी हो पाई हैं। वहीं, 220 परियोजनाओं में केवल पंप से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो स्थायी समाधान नहीं है। जल जीवन मिशन के तहत जिले में दो कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं। इन संस्थाओं की सुस्त कार्य प्रगति पर अधिकारियों ने कई बार फटकार लगाई है, लेकिन इसका काम की गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। विभाग के अनुसार, 11,318 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी थी, जिसमें से अब तक केवल 10,900 किलोमीटर पाइपलाइन का कार्य ही पूरा हो सका है। हालांकि, दो लाख 97 हजार 740 नल कनेक्शनों में से दो लाख 91 हजार 600 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जिन परियोजनाओं का निर्माण अधूरा है, उनकी समय सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन काम कब तक पूरा होगा, यह अभी अनिश्चित है।
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ग्रामीणों को हो रही भारी दुश्वारियां:
परियोजनाओं की धीमी गति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। लोगों को पीने के लिए दूषित और असुरक्षित पानी का सेवन करना पड़ रहा है, जिससे विभिन्न जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता कमला शंकर ने आश्वासन दिया है कि सभी राजस्व गांवों में परियोजनाएं चल रही हैं। कुछ स्थानों पर काम की गति धीमी है, जिसे पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय से काम पूरा हो सके।
