{"_id":"699b4b0f86c7c41f83096ed0","slug":"tanda-bus-station-occupied-by-illegal-transporters-administration-silent-ambedkar-nagar-news-c-91-brp1007-151295-2026-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: टांडा बस स्टेशन पर डग्गामारों का कब्जा, प्रशासन मौन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: टांडा बस स्टेशन पर डग्गामारों का कब्जा, प्रशासन मौन
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा रोडवेज बस स्टेशन के बाहर डग्गामार निजी वाहनों और ऑटो का अवैध अड्डा बन गया है। ये वाहन खुलेआम सवारियां भर रहे हैं, जिससे न केवल रोडवेज की बसों के संचालन में बाधा आ रही है, बल्कि राजस्व को भी चपत लग रही है।
टांडा बस स्टैंड के पास से लखनऊ के लिए लगभग दो दर्जन, आजमगढ़ व गोरखपुर के लिए छह और बस्ती व शाहगंज के लिए तीन निजी बसें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। स्थानीय नागरिक अरुण पांडेय, देवी प्रसाद अग्रहरि, तौहीर अहमद और अख्तर हुसैन का आरोप है कि नियमों के अनुसार रोडवेज बस स्टेशन के एक किलोमीटर के दायरे में कोई भी निजी बस या टेंपो सवारी नहीं उठा सकता। इसके बावजूद डिपो परिसर के आसपास से प्रतिदिन बड़ी संख्या में अवैध वाहन चल रहे हैं। परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की शिथिलता के कारण डग्गामार संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ये वाहन कहीं भी बीच सड़क पर सवारियां उतारते-चढ़ाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हाल ही में शासन ने अवैध वाहनों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन टांडा में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इन वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाकर यात्रियों के लिए सुरक्षित और वैध परिवहन सुनिश्चित किया जाए। एआरएम हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और उपजिलाधिकारी टांडा को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। उन्होंने मांग की है कि बस स्टेशन की परिधि में निजी वाहनों द्वारा सवारी भरने पर तत्काल रोक लगाई जाए।
Trending Videos
टांडा बस स्टैंड के पास से लखनऊ के लिए लगभग दो दर्जन, आजमगढ़ व गोरखपुर के लिए छह और बस्ती व शाहगंज के लिए तीन निजी बसें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। स्थानीय नागरिक अरुण पांडेय, देवी प्रसाद अग्रहरि, तौहीर अहमद और अख्तर हुसैन का आरोप है कि नियमों के अनुसार रोडवेज बस स्टेशन के एक किलोमीटर के दायरे में कोई भी निजी बस या टेंपो सवारी नहीं उठा सकता। इसके बावजूद डिपो परिसर के आसपास से प्रतिदिन बड़ी संख्या में अवैध वाहन चल रहे हैं। परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की शिथिलता के कारण डग्गामार संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ये वाहन कहीं भी बीच सड़क पर सवारियां उतारते-चढ़ाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाल ही में शासन ने अवैध वाहनों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन टांडा में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इन वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाकर यात्रियों के लिए सुरक्षित और वैध परिवहन सुनिश्चित किया जाए। एआरएम हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और उपजिलाधिकारी टांडा को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। उन्होंने मांग की है कि बस स्टेशन की परिधि में निजी वाहनों द्वारा सवारी भरने पर तत्काल रोक लगाई जाए।
