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Ambedkar Nagar News: सत्यापन के लिए आए 28 जन्मप्रमाण पत्रों में 21 मिले फर्जी
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अंबेडकरनगर। जिले में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अलग-अलग विद्यालयों से सत्यापन के लिए आए 28 जन्म प्रमाणपत्रों की जांच में 21 फर्जी मिले हैं। खास बात यह है कि यह सभी प्रमाणपत्र सरकारी अस्पतालों की ओर से जारी किए गए थे। लगातार फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएमओ ने सभी संबंधित अधीक्षकों को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
अप्रैल से विद्यालयों में नया सत्र शुरू हो गया है। अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए जन्म प्रमाणपत्र समेत अन्य तमाम दस्तावेज लगाकर आवेदन कर रहे हैं। इन जन्म प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने के लिए विद्यालय प्रशासन की ओर से पत्राचार किया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से सीएचसी और जिला अस्पताल से जारी किए गए 28 प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट आई तो बड़ा खुलासा हुआ। 28 में सिर्फ सात ही प्रमाणपत्र सत्यापित हो पाए हैं। शेष 21 प्रमाणपत्र फर्जी मिलने की पुष्टि हुई है।
जांच में यह भी सामने आया कि अकबरपुर सीएचसी से जारी किए गए प्रमाणपत्र में जिन अधीक्षक के हस्ताक्षर हैं वह प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि से वर्षों पूर्व स्थानांतरित हो चुके हैं। लगातार फर्जी प्रमाणपत्र मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि रायबरेली की तरह अंबेडकरनगर में भी बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का खेल चल रहा है। इसमें विभागीय कर्मियों की संलिप्तता है। पूर्व में जहांगीरगंज सीएचसी का कंप्यूटर ऑपरेटर और एएनएम की भूमिका सामने आ चुकी है। फिलहाल सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि सभी अधीक्षकों को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
सीएचसी जांच के लिए आए प्रमाण पत्र सही प्रमाण पत्र फर्जी प्रमाण पत्र
अकबरपुर 17 03 14
बसखारी 01 01 00
जलालपुर 07 01 06
रामनगर 02 02 00
जिला अस्पताल 01 00 01
पूर्व में सामने आए हैं यह मामले
जहांगीरगंज में बीते दिनों एएनएम और कंप्यूटर ऑपरेटर की सांठ-गांठ से फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का खेल उजागर हुआ था। यहां से करीब एक हजार जन्म प्रमाणपत्र फर्जी जारी होने की बात सामने आ रही है। इस मामले में एफआईआर हो चुकी है और जांच की जा रही है। 10 अप्रैल को अकबरपुर की एक स्पोर्ट्स अकादमी की ओर से छह प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई थी, जिसमें में चार जन्म प्रमाणपत्र प्रमाणित नहीं हो पाए थे। यह चारों जन्म प्रमाणपत्र अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों से जारी किए गए थे। बीते वर्ष 2025 में कटका क्षेत्र में ऐसे ही फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मिले थे। यह प्रमाणपत्र पंचायतराज विभाग की ओर से जारी किया गया था। जांच के बाद उसके फर्जी मिलने पर थाने पर सचिव की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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अप्रैल से विद्यालयों में नया सत्र शुरू हो गया है। अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए जन्म प्रमाणपत्र समेत अन्य तमाम दस्तावेज लगाकर आवेदन कर रहे हैं। इन जन्म प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने के लिए विद्यालय प्रशासन की ओर से पत्राचार किया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय से सीएचसी और जिला अस्पताल से जारी किए गए 28 प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट आई तो बड़ा खुलासा हुआ। 28 में सिर्फ सात ही प्रमाणपत्र सत्यापित हो पाए हैं। शेष 21 प्रमाणपत्र फर्जी मिलने की पुष्टि हुई है।
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जांच में यह भी सामने आया कि अकबरपुर सीएचसी से जारी किए गए प्रमाणपत्र में जिन अधीक्षक के हस्ताक्षर हैं वह प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि से वर्षों पूर्व स्थानांतरित हो चुके हैं। लगातार फर्जी प्रमाणपत्र मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि रायबरेली की तरह अंबेडकरनगर में भी बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का खेल चल रहा है। इसमें विभागीय कर्मियों की संलिप्तता है। पूर्व में जहांगीरगंज सीएचसी का कंप्यूटर ऑपरेटर और एएनएम की भूमिका सामने आ चुकी है। फिलहाल सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि सभी अधीक्षकों को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
सीएचसी जांच के लिए आए प्रमाण पत्र सही प्रमाण पत्र फर्जी प्रमाण पत्र
अकबरपुर 17 03 14
बसखारी 01 01 00
जलालपुर 07 01 06
रामनगर 02 02 00
जिला अस्पताल 01 00 01
पूर्व में सामने आए हैं यह मामले
जहांगीरगंज में बीते दिनों एएनएम और कंप्यूटर ऑपरेटर की सांठ-गांठ से फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का खेल उजागर हुआ था। यहां से करीब एक हजार जन्म प्रमाणपत्र फर्जी जारी होने की बात सामने आ रही है। इस मामले में एफआईआर हो चुकी है और जांच की जा रही है। 10 अप्रैल को अकबरपुर की एक स्पोर्ट्स अकादमी की ओर से छह प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई थी, जिसमें में चार जन्म प्रमाणपत्र प्रमाणित नहीं हो पाए थे। यह चारों जन्म प्रमाणपत्र अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों से जारी किए गए थे। बीते वर्ष 2025 में कटका क्षेत्र में ऐसे ही फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मिले थे। यह प्रमाणपत्र पंचायतराज विभाग की ओर से जारी किया गया था। जांच के बाद उसके फर्जी मिलने पर थाने पर सचिव की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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