{"_id":"6a303266ddb7df76230aa92b","slug":"shortage-of-staff-at-the-10-crore-electricity-substation-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1007-158528-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: 10 करोड़ के बिजली उपकेंद्र में कर्मचारियों का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: 10 करोड़ के बिजली उपकेंद्र में कर्मचारियों का टोटा
विज्ञापन
.धमरुआ बिजली घर। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। धमरुआ क्षेत्र में बिजली संकट दूर करने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विद्युत उपकेंद्र का संचालन शुरू हुए तीन माह बीत चुके हैं। यहां कर्मचारियों की तैनाती न होने से उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि बिजली घर का संचालन दूसरे उपकेंद्रों के कर्मचारियों के सहारे किया जा रहा है।
धमरुआ, सलाहपुर अकबालपुर, इटौरी, नीमपुर, कबूलपुर, मालीपुर, खालिसपुर, मयरवां, बीबीपुर भुसौली, टठ्ठा, डींघी, श्यामपुर, दरियापुर और हुसैनपुर समेत 50 से अधिक गांवों की लगभग 60 हजार आबादी लंबे समय से लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या से परेशान थी। इन गांवों को जाफरगंज बिजली घर से आपूर्ति मिलती थी, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या बनी रहती थी।
उपभोक्ताओं की परेशानी दूर करने के लिए धमरुआ में नया बिजली उपकेंद्र स्थापित किया गया, जहां पांच-पांच एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। 19 अप्रैल को इसका उद्घाटन कर बिजली आपूर्ति भी शुरू कर दी गई। फिलहाल धमरुआ, रामपुर, खालिसपुर, इटौरी, नेमपुर, तेनुआ, महेशपुर, कबूलपुर और सिकंदरपुर सहित करीब 10 गांवों को ही यहां से बिजली मिल रही है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि उपकेंद्र पर नौ लाइनमैन, तीन सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) और एक जूनियर इंजीनियर के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अब तक किसी भी पद पर नियमित तैनाती नहीं हो सकी है। इसके कारण 40 से अधिक गांव अब भी जाफरगंज बिजली घर से बिजली प्राप्त कर रहे हैं जिससे वहां ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाॅल्ट होने पर कर्मचारियों की कमी के कारण घंटों बिजली बाधित रहती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
मुख्यालय भेजा गया है पत्र
अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि कर्मचारियों की तैनाती के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही सभी पदों पर तैनाती कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिजली घर का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। किसी प्रकार की बाधा नहीं है।
धमरुआ, सलाहपुर अकबालपुर, इटौरी, नीमपुर, कबूलपुर, मालीपुर, खालिसपुर, मयरवां, बीबीपुर भुसौली, टठ्ठा, डींघी, श्यामपुर, दरियापुर और हुसैनपुर समेत 50 से अधिक गांवों की लगभग 60 हजार आबादी लंबे समय से लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या से परेशान थी। इन गांवों को जाफरगंज बिजली घर से आपूर्ति मिलती थी, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या बनी रहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपभोक्ताओं की परेशानी दूर करने के लिए धमरुआ में नया बिजली उपकेंद्र स्थापित किया गया, जहां पांच-पांच एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। 19 अप्रैल को इसका उद्घाटन कर बिजली आपूर्ति भी शुरू कर दी गई। फिलहाल धमरुआ, रामपुर, खालिसपुर, इटौरी, नेमपुर, तेनुआ, महेशपुर, कबूलपुर और सिकंदरपुर सहित करीब 10 गांवों को ही यहां से बिजली मिल रही है।
बताया जाता है कि उपकेंद्र पर नौ लाइनमैन, तीन सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) और एक जूनियर इंजीनियर के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अब तक किसी भी पद पर नियमित तैनाती नहीं हो सकी है। इसके कारण 40 से अधिक गांव अब भी जाफरगंज बिजली घर से बिजली प्राप्त कर रहे हैं जिससे वहां ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाॅल्ट होने पर कर्मचारियों की कमी के कारण घंटों बिजली बाधित रहती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
मुख्यालय भेजा गया है पत्र
अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि कर्मचारियों की तैनाती के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही सभी पदों पर तैनाती कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिजली घर का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। किसी प्रकार की बाधा नहीं है।